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Pilibhit News: लोक निर्माण विभाग के 29 करोड़ रुपये लैप्स, फिर भी अधूरे पड़े पुल समेत कई कार्य
Wed, 01 Apr 2026 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:13 AM IST
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पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने के बावजूद विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त रही। लोक निर्माण विभाग करीब 29 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर सका और राशि लैप्स हो गई, जबकि जिले में पुल, पुलिया और सड़क से जुड़ीं कई परियोजनाएं अब भी अधूरी पड़ी हैं।
जिले के अमरिया क्षेत्र में भगा-मोहम्मदगंज मार्ग पर देवहा नदी का पुल जुलाई 2024 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब डेढ़ वर्ष बाद भी पुल निर्माण की अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है। विभाग ने डीपीआर तैयार कर ली है, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में ग्रामीण बांस-बल्लियों के सहारे अस्थायी पुल बनाकर जोखिम भरा आवागमन कर रहे हैं। इस मार्ग के कटने से करीब 30 गांव प्रभावित हैं।
इसी तरह मझोला-ड्यूनीडैम मार्ग पर नौ करोड़ रुपये से बनने वाली आठ किलोमीटर सड़क का कार्य भी अधूरा है। छह माह पहले स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका। बाढ़ में क्षतिग्रस्त बीसलपुर, बरखेड़ा, माधोटांडा और कलीनगर क्षेत्रों की पुल-पुलियों का निर्माण भी अधर में है। कुछ प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बावजूद कार्य शुरू होकर रुक गया है। माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के चौड़ीकरण का काम भी लंबित है, इससे राहगीरों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। विभागीय सुस्ती के चलते अब इन सभी परियोजनाओं के अगले वित्तीय वर्ष में ही पूरे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जिले के अमरिया क्षेत्र में भगा-मोहम्मदगंज मार्ग पर देवहा नदी का पुल जुलाई 2024 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब डेढ़ वर्ष बाद भी पुल निर्माण की अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है। विभाग ने डीपीआर तैयार कर ली है, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में ग्रामीण बांस-बल्लियों के सहारे अस्थायी पुल बनाकर जोखिम भरा आवागमन कर रहे हैं। इस मार्ग के कटने से करीब 30 गांव प्रभावित हैं।
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इसी तरह मझोला-ड्यूनीडैम मार्ग पर नौ करोड़ रुपये से बनने वाली आठ किलोमीटर सड़क का कार्य भी अधूरा है। छह माह पहले स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका। बाढ़ में क्षतिग्रस्त बीसलपुर, बरखेड़ा, माधोटांडा और कलीनगर क्षेत्रों की पुल-पुलियों का निर्माण भी अधर में है। कुछ प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बावजूद कार्य शुरू होकर रुक गया है। माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के चौड़ीकरण का काम भी लंबित है, इससे राहगीरों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। विभागीय सुस्ती के चलते अब इन सभी परियोजनाओं के अगले वित्तीय वर्ष में ही पूरे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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