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Pilibhit News: बंदरभोज, नगरिया खुर्द कला में जलभराव से जन जीवन प्रभावित
Tue, 02 Sep 2025 11:29 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:29 PM IST
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कलीनगर। शारदा और जगबूड़ा नदी के उफनाने से कलीनगर तहसील क्षेत्र के बंदरभोज और नगरिया खुर्द कला में हुए जलभराव ने कई परिवारों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। दूसरे दिन मंगलवार को भी पानी भरा रहने से कई परिवारों ने गांव के निकट ऊंचे स्थानों पर शरण ली और तिरपाल के सहारे समय काटने पर मजबूर हुए। तहसील प्रशासन की ओर से खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के नोमैंस लैंड पर जगबूड़ा, शारदा नदी का अधिक दबाव रहता है। सोमवार को जलस्तर बढ़ने से नदियों का प्रवाह बंदरभोज, नौजल्हा गांव की ओर बढ़ गया था। इससे दोनों गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई थी।
आनन-फानन में लोगों ने जरूरी सामान के साथ गांव के निकट ऊंचे स्थानों पर जाकर शरण ली थी। हालांकि जानकारी होते ही एसडीएम महिपाल सिंह, नायब तहसीलदार अक्षय यादव ने टीम के साथ क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्य शुरू कराए। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए नाव भी उपलब्ध कराई गई थी। मंगलवार को दूसरे दिन भी घरों में पानी भरा रहा। इससे लोग तिरपाल के सहारे ऊंचे स्थानों में ही शरण लिए रहे। तहसील प्रशासन और प्रधान की ओर से खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मंगलवार को दिन में पानी कम हुआ, लेकिन देर शाम तक जलस्तर बढ़कर फिर दो लाख के करीब तक पहुंच गया। इससे जलभराव की समस्या फिर बढ़ने लगी। वहीं नगरिया खुर्द कलां में भी तहसील प्रशासन के अलावा ग्राम प्रधान विवेका नंद ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। करीब 50 परिवार जलभराव से प्रभावित बताए गए।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के नोमैंस लैंड पर जगबूड़ा, शारदा नदी का अधिक दबाव रहता है। सोमवार को जलस्तर बढ़ने से नदियों का प्रवाह बंदरभोज, नौजल्हा गांव की ओर बढ़ गया था। इससे दोनों गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई थी।
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आनन-फानन में लोगों ने जरूरी सामान के साथ गांव के निकट ऊंचे स्थानों पर जाकर शरण ली थी। हालांकि जानकारी होते ही एसडीएम महिपाल सिंह, नायब तहसीलदार अक्षय यादव ने टीम के साथ क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्य शुरू कराए। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए नाव भी उपलब्ध कराई गई थी। मंगलवार को दूसरे दिन भी घरों में पानी भरा रहा। इससे लोग तिरपाल के सहारे ऊंचे स्थानों में ही शरण लिए रहे। तहसील प्रशासन और प्रधान की ओर से खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मंगलवार को दिन में पानी कम हुआ, लेकिन देर शाम तक जलस्तर बढ़कर फिर दो लाख के करीब तक पहुंच गया। इससे जलभराव की समस्या फिर बढ़ने लगी। वहीं नगरिया खुर्द कलां में भी तहसील प्रशासन के अलावा ग्राम प्रधान विवेका नंद ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। करीब 50 परिवार जलभराव से प्रभावित बताए गए।
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