{"_id":"5eefaefe8ebc3e42d4747397","slug":"ptr-website-pilibhit-news-bly410085716","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब वेब प्लेटफॉर्म पर भी दिखेगा पीलीभीत टाइगर रिजर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब वेब प्लेटफॉर्म पर भी दिखेगा पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की स्थापना के छह साल बाद इसकी वेबसाइट तैयार की ली गई। टाइगर रिजर्व के अफसर जल्द ही वेबसाइट लांच किए जाने की बात कह रहे हैं।
पीलीभीत के जंगलों को जून 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। प्राकृतिक वन संपदा से आच्छादित इस जंगल में बाघ के अलावा अन्य वन्यजीव बहुतायत में पाए जाते हैं। जनपद का टाइगर रिजर्व भी देश दुनिया के पटल पर दिखे और लोग इससे जुड़ें, इसको लेकर टाइगर रिजर्व के अफसरों ने उसी दौरान वेबसाइट बनाने का काम शुरू किया था। इसके लिए एनआईसी का भी सहारा लिया गया, मगर बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर, पीटीआर की स्थापना के छह साल बाद इस कार्य को पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने अंजाम तक पहुंचाया। इस वेबसाइट को पीलीभीत टाइगर रिजर्व डॉट इन का नाम दिया गया है। इस वेबसाइट में टाइगर रिजर्व में बने सभी विश्राम गृह, चूका पिकनिक स्पॉट, सप्त सरोवर, डबल नहर, शारदा सागर डैम, बाइफरकेशन सहित वन्य जीवन के आर्कषक चित्र दर्शाए गए हैं। इसमें दिल्ली, लखनऊ के अलावा महानगरों से पीटीआर की दूरी और मार्ग का विवरण दर्शाया गया है। एक सदी पुरानी जंगल की जानकारी भी इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसमें टाइगर रिजर्व के अफसरों और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बिलाल द्वारा खींचे गए वन्यजीवों के चित्र भी देखे जा सकते हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वेबसाइट लगभग तैयार हो चुकी है। इसेे जल्द ही लांच किया जा सकेगा। इसमें पीलीभीत के जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी कई जानकारियों को शामिल किया गया है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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पीलीभीत के जंगलों को जून 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। प्राकृतिक वन संपदा से आच्छादित इस जंगल में बाघ के अलावा अन्य वन्यजीव बहुतायत में पाए जाते हैं। जनपद का टाइगर रिजर्व भी देश दुनिया के पटल पर दिखे और लोग इससे जुड़ें, इसको लेकर टाइगर रिजर्व के अफसरों ने उसी दौरान वेबसाइट बनाने का काम शुरू किया था। इसके लिए एनआईसी का भी सहारा लिया गया, मगर बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर, पीटीआर की स्थापना के छह साल बाद इस कार्य को पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने अंजाम तक पहुंचाया। इस वेबसाइट को पीलीभीत टाइगर रिजर्व डॉट इन का नाम दिया गया है। इस वेबसाइट में टाइगर रिजर्व में बने सभी विश्राम गृह, चूका पिकनिक स्पॉट, सप्त सरोवर, डबल नहर, शारदा सागर डैम, बाइफरकेशन सहित वन्य जीवन के आर्कषक चित्र दर्शाए गए हैं। इसमें दिल्ली, लखनऊ के अलावा महानगरों से पीटीआर की दूरी और मार्ग का विवरण दर्शाया गया है। एक सदी पुरानी जंगल की जानकारी भी इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसमें टाइगर रिजर्व के अफसरों और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बिलाल द्वारा खींचे गए वन्यजीवों के चित्र भी देखे जा सकते हैं।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वेबसाइट लगभग तैयार हो चुकी है। इसेे जल्द ही लांच किया जा सकेगा। इसमें पीलीभीत के जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी कई जानकारियों को शामिल किया गया है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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