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पीटीआर : पर्यटन सत्र पर लग सकती है पाबंदी
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के पर्यटन सत्र पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था बंद की जा रही है। सिर्फ पूर्व में हुई बुकिंग वाले पर्यटकों को भ्रमण की इजाजत दी जाएगी। अफसरों का कहना है कि पर्यटन सत्र को लेकर मंथन चल रहा है। आसार हैं कि पिछले बार की तरह ही पर्यटन सत्र को बीच में रोक दिया जाए।
टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र प्रति वर्ष 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जून तक चलता है। मगर, कोरोना काल के चलते पिछले सत्र में टाइगर रिजर्व को ढाई माह पहले यानी 25 मार्च को ही बंद कर दिया गया था। इधर, सैलानियों की डिमांड और गत सत्र में हुए नुकसान की भरपाई करने को सत्र एक नवंबर से शुरू किया गया। एक नवंबर से लेकर अब तक दस हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं, जबकि दो विदेशी पर्यटक भी इस बार चूका बीच पहुंचे।
इधर, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते पीटीआर में कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करने का फरमान जारी किया जा चुका है। पर्यटकों को मॉस्क और सैनिटाइजर के बगैर पीटीआर में घुसने पर पाबंदी है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक पर्यटकों द्वारा कराई जा रही ऑनबुकिंग को एक-दो दिन में बंद कर दिया जाएगा। जिन पर्यटकों ने पूर्व में ऑनलाइन बुकिंग कराई है, सिर्फ वहीं बुकिंग मान्य रहेगी। उन्होंने बताया कि पर्यटन सत्र को लेकर भी मंथन चल रहा है। ऐसे में अब पिछले सत्र की तरह चालू पर्यटन सत्र पर बीच में रोक लगने की आशंका जताई जा रही है।
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पिछले सत्र में मात्र 17.29 लाख की हुई थी कमाई
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पर्यटन सत्र में 15 नवंबर से 25 मार्च तक 7135 देसी और 13 विदेशी सैलानी शामिल थे। इस दौरान 17,29976 रुपये की आमदनी हुई। जबकि इससे पिछले के पर्यटन सत्र में 15885 देसी और 23 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे। छह माह तक चले पिछले पर्यटन सत्र में 36,72,935 रुपये की आय हुई थी।
बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन बुकिंग पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। पूर्व में कराई गई ऑनलाइन बुकिंग मान्य होगी। पर्यटन सत्र को लेकर मंथन चल रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही अब कोई निर्णय लिया जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र प्रति वर्ष 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जून तक चलता है। मगर, कोरोना काल के चलते पिछले सत्र में टाइगर रिजर्व को ढाई माह पहले यानी 25 मार्च को ही बंद कर दिया गया था। इधर, सैलानियों की डिमांड और गत सत्र में हुए नुकसान की भरपाई करने को सत्र एक नवंबर से शुरू किया गया। एक नवंबर से लेकर अब तक दस हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं, जबकि दो विदेशी पर्यटक भी इस बार चूका बीच पहुंचे।
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इधर, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते पीटीआर में कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करने का फरमान जारी किया जा चुका है। पर्यटकों को मॉस्क और सैनिटाइजर के बगैर पीटीआर में घुसने पर पाबंदी है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक पर्यटकों द्वारा कराई जा रही ऑनबुकिंग को एक-दो दिन में बंद कर दिया जाएगा। जिन पर्यटकों ने पूर्व में ऑनलाइन बुकिंग कराई है, सिर्फ वहीं बुकिंग मान्य रहेगी। उन्होंने बताया कि पर्यटन सत्र को लेकर भी मंथन चल रहा है। ऐसे में अब पिछले सत्र की तरह चालू पर्यटन सत्र पर बीच में रोक लगने की आशंका जताई जा रही है।
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पिछले सत्र में मात्र 17.29 लाख की हुई थी कमाई
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पर्यटन सत्र में 15 नवंबर से 25 मार्च तक 7135 देसी और 13 विदेशी सैलानी शामिल थे। इस दौरान 17,29976 रुपये की आमदनी हुई। जबकि इससे पिछले के पर्यटन सत्र में 15885 देसी और 23 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे। छह माह तक चले पिछले पर्यटन सत्र में 36,72,935 रुपये की आय हुई थी।
बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन बुकिंग पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। पूर्व में कराई गई ऑनलाइन बुकिंग मान्य होगी। पर्यटन सत्र को लेकर मंथन चल रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही अब कोई निर्णय लिया जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व