Pilibhit News: छात्राओं के माथे से धुलवाया तिलक, जीजीआईसी प्रधानाचार्य पर लगे आरोपों की जांच शुरू
पीलीभीत के पूरनपुर के जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पर हिंदू छात्राओं से धर्म के आधार पर भेदभाव करने समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई है।
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पीलीभीत के पूरनपुर में संपूर्ण समाधान दिवस में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) की प्रधानाचार्य पर हिंदू छात्राओं से भेदभाव करने, स्कूल की संपत्ति को निजी स्वार्थ के लिए विक्रय कर खुर्द-बुर्द करने समेत आदि के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। डीआईओएस के नेतृत्व में गठित टीम ने रविवार को पहुंचकर जांच की। इसमें स्कूल के कर्मचारियों व शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए। जांच के बाद अंतरिम रिपोर्ट डीएम कार्यालय भेज दी गई।
पूरनपुर निवासी व्यापारी नेता राजेंद्र आर्य ने शनिवार को तहसील सभागार में हुए संपूर्ण समाधान दिवस में जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पर तमाम आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत में कहा कि कॉलेज की प्रधानाचार्य धर्म के आधार पर हिंदू छात्राओं से भेदभाव करती हैं। आरोप लगाया गया कि छात्राएं प्रार्थना में माथे पर टीका लगाकर आती हैं, तो टीका हटवा या धुलवा देती हैं। दूसरी ओर मुस्लिम छात्राएं प्रार्थना सभा में हिजाब नहीं हटातीं। कॉलेज के अंदर भी हिजाब पहने रहती हैं। कॉलेज में निजी शिक्षक, कर्मचारी गैर समुदाय के रखे गए हैं।
शिकायतकर्ता ने लगाए ये भी आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कॉलेज परिसर के बेशकीमती पेड़ों को बगैर स्वीकृति, टेंडर के कटवाकर धनराशि हड़प लेने और जड़ों को रातोंरात खोदवा दिया गया है। एमडीएम के तहत मात्र 10-12 छात्राएं ही भोजन करती हैं, जबकि कागजों में शत-प्रतिशत छात्राओं को दर्शाया जाता है। प्रवेश फॉर्म, छात्रवृत्ति और पीटीए के नाम पर अवैध वसूली की जाती है।
छात्राओं से पूछताछ के बाद होगी कार्रवाई : डीआईओएस
शिकायत को गंभीरता से लेकर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने डीआईओएस के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की। रविवार को डीआईओएस के साथ एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, सीओ प्रतीक दहिया ने कॉलेज पहुंचकर जांच की।
डीआईओएस विजय कुमार ने बताया कि प्रधानाचार्य का मोबाइल फोन बंद होने से उनसे संपर्क नहीं हुआ है। उनके घर दिखवाने पर ताला लटका मिला। कॉलेज के चार कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। अंतरिम रिपोर्ट डीएम कार्यालय को भेजी गई है। कॉलेज खुलने पर छात्राओं से पूछताछ के बाद जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।