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दिनभर बंद रहे प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:44 PM IST
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दिनभर बंद रहे प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक
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इलाहाबाद में डॉक्टर एके बंसल की हत्या के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डाक्टर सोमवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गईं। आईएमए से जुड़े अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी आदि शाम पांच बजे तक बंद रहे। इससे मरीजों को खासी कठिनाई का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने शाम को कैंडिल मार्च भी निकाला। इलाहाबाद में डॉ. बंसल की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में आईएमए ने दो दिन पूर्व हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर प्रदेश भर में हड़ताल की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में आईएमए से जुड़े जिले भर के डॉक्टर हड़ताल पर रहे। दोपहर करीब 11 बजे शहर के एक होटल में अध्यक्ष डॉ. केएन तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वरिष्ठ सर्जन डॉ. एके बंसल के हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष जताया गया।
दर-दर भटके मरीज
जिले में आईएमए से जुड़े करीब 85 डाक्टर हैं। आईएमए डाक्टरों की हड़ताल से दूर दराज से दवा लेने शहर पहुंचे तमाम मरीजों व उनके तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही अस्पतालों के सामने मरीजों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। फिलहाल पूरे दिन प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों के बाहर कई मरीज डाक्टरों का इंतजार करते देखे गए।
शाम को निकाला कैंडिल मार्च
डॉक्टर की हत्या के विरोध में आईएमए डॉक्टरों ने सोमवार शाम करीब छह बजे छतरी चौराहे से कैंडिल मार्च निकाला। इसमें कई डॉक्टर शामिल हुए।
हड़ताल में यह रहे शामिल
सचिव डॉ. एसके मित्रा, डॉ. पीडी सिंह, डॉ. आरएच गोखले, डॉ. अरविंद गोयल, डॉ. डीके गंगवार, डॉ. तरुण सेठी, डॉ. भारत सेठी, डॉ. भरत कंचन, डॉ. योगेंद्र नाथ मिश्रा, डॉ. विद्या गोखले, डॉ. प्रमोद अग्रवाल, डॉ. एके सिंह, डॉ. जेएन मिश्रा, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. ज्ञानप्रकाश, डॉ. प्रांजल अग्रवाल, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. पीएन सक्सेना, डॉ. एचसी सचान, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. आयुष अग्रवाल, डॉ. विपिन साहनी, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा, डॉ. पीयूष अग्रवाल, एएस सोढ़ी, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. एपी शर्मा, डॉ. कुमकुम गोयल, डॉ. रश्मि सेठी, डॉ. मधु सचान, डॉ. जेएस तलवाड़, डॉ. एमके पांडेय, डॉ. नीलम अग्रवाल, डॉ. ममता सक्सेना, डॉ. योगेेंद्र सिंह, डॉ. जेएम अरोड़ा, डॉ. बीदास, डॉ. परमजीत कौर, डॉ. सतीश चंद्र गंगवार, डॉ. ओजस्वी शर्मा आदि।
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टाइम और पैसा दोनों बर्बाद हुए
हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, अब शारदा नदी पार करके यहां तक पहुंच गया हूं। शाम को दवा मिल सकेगी या नहीं इसका कुछ पता नहीं। टाइम और पैसा दोनों बेकार हो गए।
- मोहम्मद हनीफ, खजुरिया
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दर-दर भटके मरीज
जिले में आईएमए से जुड़े करीब 85 डाक्टर हैं। आईएमए डाक्टरों की हड़ताल से दूर दराज से दवा लेने शहर पहुंचे तमाम मरीजों व उनके तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही अस्पतालों के सामने मरीजों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। फिलहाल पूरे दिन प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों के बाहर कई मरीज डाक्टरों का इंतजार करते देखे गए।
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शाम को निकाला कैंडिल मार्च
डॉक्टर की हत्या के विरोध में आईएमए डॉक्टरों ने सोमवार शाम करीब छह बजे छतरी चौराहे से कैंडिल मार्च निकाला। इसमें कई डॉक्टर शामिल हुए।
हड़ताल में यह रहे शामिल
सचिव डॉ. एसके मित्रा, डॉ. पीडी सिंह, डॉ. आरएच गोखले, डॉ. अरविंद गोयल, डॉ. डीके गंगवार, डॉ. तरुण सेठी, डॉ. भारत सेठी, डॉ. भरत कंचन, डॉ. योगेंद्र नाथ मिश्रा, डॉ. विद्या गोखले, डॉ. प्रमोद अग्रवाल, डॉ. एके सिंह, डॉ. जेएन मिश्रा, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. ज्ञानप्रकाश, डॉ. प्रांजल अग्रवाल, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. पीएन सक्सेना, डॉ. एचसी सचान, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. आयुष अग्रवाल, डॉ. विपिन साहनी, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा, डॉ. पीयूष अग्रवाल, एएस सोढ़ी, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. एपी शर्मा, डॉ. कुमकुम गोयल, डॉ. रश्मि सेठी, डॉ. मधु सचान, डॉ. जेएस तलवाड़, डॉ. एमके पांडेय, डॉ. नीलम अग्रवाल, डॉ. ममता सक्सेना, डॉ. योगेेंद्र सिंह, डॉ. जेएम अरोड़ा, डॉ. बीदास, डॉ. परमजीत कौर, डॉ. सतीश चंद्र गंगवार, डॉ. ओजस्वी शर्मा आदि।
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टाइम और पैसा दोनों बर्बाद हुए
हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, अब शारदा नदी पार करके यहां तक पहुंच गया हूं। शाम को दवा मिल सकेगी या नहीं इसका कुछ पता नहीं। टाइम और पैसा दोनों बेकार हो गए।
- मोहम्मद हनीफ, खजुरिया