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कोयले की कमी का असर... शेड्यूल हुआ धड़ाम, बिजली कटौती से लोग बेहाल
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पीलीभीत। कोयले की कमी से बिजली का उत्पादन घटा है तो इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्र की बिजली पर पड़ा है। आपात कटौती की जा रही है। किसान से लेकर आम आदमी तक परेशान हो रहा है। जिले के अधिकारी कटौती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र को 24 घंटे में 18 घंटे आपूर्ति देने का शेड्यूल है। लेकिन इसमें 12 से 14 घंटे की कटौती हो रही है। इस कटौती के विषय में पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती है। इसलिए किसान और ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। वे अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर बिजली की अघोषित कटौती की शिकायत कर रहे हैं लेकिन अधिकारी कहते हैं बिजली उनके हाथ में नहीं है। इसलिए किसान और ग्रामीण आक्रोशित हैं।
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र में अघोषित विद्युत कटौती से जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में 24 में 18 घंटे और नगर क्षेत्र में 24 में 21.5 घंटे बिजली की उपलब्धता रहनी चाहिए। पहली अक्तूबर से पावर कॉरपोरेशन का यह शेड्यूल इस तहसील क्षेत्र में फेल है। नगर में बमुश्किल 15 और ग्रामीण क्षेत्र में बमुश्किल 10 घंटे बिजली आ रही है। नगर क्षेत्र में उद्योग धंधों का संचालन और ग्रामीण क्षेत्र में ट्यूबवेलों का संचालन प्रभावित हो रहा है। धान की सिंचाई बाधित हो रही है। बीसलपुर के अधिशासी अभियंता अमित कुमार आनंद ने बताया कि कोयले की बड़े पैमाने पर कमी होने के कारण प्रदेश मे बिजली उत्पादन कम हो रहा है। इसी वजह से अघोषित विद्युत कटौती पूरे प्रदेश में उच्च स्तर से ही हो रही है। विद्युत कटौती में स्थानीय अधिकारियों का कोई दोष नहीं है। प्रदेश शासन इस प्रमुख समस्या को लेकर काफी गंभीर है।
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कोट--
कोयले की उपलब्धता कम होने से बिजली उत्पादन प्रभावित है। इसके चलते कंट्रोल रूम से आपातकालीन कटौती हो रही है। इसीलिए तय शेड्यूल का पालन नहीं हो पा रहा है। लेकिन जल्दी ही व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
- दयाराम बिंद, अधीक्षण अभियंता, पीलीभीत
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ग्रामीण क्षेत्र को 24 घंटे में 18 घंटे आपूर्ति देने का शेड्यूल है। लेकिन इसमें 12 से 14 घंटे की कटौती हो रही है। इस कटौती के विषय में पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती है। इसलिए किसान और ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। वे अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर बिजली की अघोषित कटौती की शिकायत कर रहे हैं लेकिन अधिकारी कहते हैं बिजली उनके हाथ में नहीं है। इसलिए किसान और ग्रामीण आक्रोशित हैं।
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बीसलपुर। तहसील क्षेत्र में अघोषित विद्युत कटौती से जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में 24 में 18 घंटे और नगर क्षेत्र में 24 में 21.5 घंटे बिजली की उपलब्धता रहनी चाहिए। पहली अक्तूबर से पावर कॉरपोरेशन का यह शेड्यूल इस तहसील क्षेत्र में फेल है। नगर में बमुश्किल 15 और ग्रामीण क्षेत्र में बमुश्किल 10 घंटे बिजली आ रही है। नगर क्षेत्र में उद्योग धंधों का संचालन और ग्रामीण क्षेत्र में ट्यूबवेलों का संचालन प्रभावित हो रहा है। धान की सिंचाई बाधित हो रही है। बीसलपुर के अधिशासी अभियंता अमित कुमार आनंद ने बताया कि कोयले की बड़े पैमाने पर कमी होने के कारण प्रदेश मे बिजली उत्पादन कम हो रहा है। इसी वजह से अघोषित विद्युत कटौती पूरे प्रदेश में उच्च स्तर से ही हो रही है। विद्युत कटौती में स्थानीय अधिकारियों का कोई दोष नहीं है। प्रदेश शासन इस प्रमुख समस्या को लेकर काफी गंभीर है।
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कोट--
कोयले की उपलब्धता कम होने से बिजली उत्पादन प्रभावित है। इसके चलते कंट्रोल रूम से आपातकालीन कटौती हो रही है। इसीलिए तय शेड्यूल का पालन नहीं हो पा रहा है। लेकिन जल्दी ही व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
- दयाराम बिंद, अधीक्षण अभियंता, पीलीभीत