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सांसद वरुण गांधी बोले- भयभीत समाज कानून के राज का उदाहरण नहीं
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वरुण गांधी का फाइल फोटो।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी ने कहा कि भयभीत समाज को कानून के राज का उदाहरण नहीं कहा जा सकता। सांसद ने यह टिप्पणी कानपुर देहात में पुलिस इंस्पेक्टर की बर्बरता का वीडियो ट्वीट करते हुए की। किसानों और युवाओं के मुद्दों पर मुखर रहे भाजपा सांसद वरुण गांधी ने अब कानून व्यवस्था के सवाल पर भी मुखर हैं। अपनी ही सरकार में कानून-व्यवस्था और पुलिसिया उत्पीड़न के मुद्दे उठाने वाले वह इकलौते भाजपा सांसद हैं।
कानपुर देहात मेें पुलिस की बर्बरता से संबंधित एक वीडियो ट्वीट करते हुए सांसद ने शुक्रवार को कहा कि सशक्त कानून व्यवस्था उसी को कहा जा सकता है, जहां पर कमजोर से कमजोर व्यक्ति को भी न्याय दिलाया जा सके। कमजोरों के हितों की रक्षा की जा सके। न कि न्याय मांगने वालों पर ही बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि एक लाचार पिता को पुलिस द्वारा इस तरह से पीटे जाते हुए देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा है कि भयभीत समाज को कानून के राज का उदाहरण नहीं कहा जा सकता। सांसद ने कहा है कि सशक्त कानून-व्यवस्था का अर्थ है कि जहां पर कानून का राज हो और अपराधियों को डर हो, लेकिन सामान्य जनता पुलिस से किसी भी प्रकार से आतंकित न रहे। इससे पहले सांसद ने तिकुनिया कांड को लेकर किसानों के पक्ष में ट्वीट किए थे। इसके बाद शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे युवाओं पर लखनऊ में लाठी चार्ज की निंदा करते हुए सांसद ने मुखर होकर आवाज उठाई थी।
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सशक्त कानून व्यवस्था वो है जहां कमजोर से कमजोर व्यक्ति को न्याय मिल सके। यह नहीं कि न्याय मांगने वालों को न्याय के स्थान पर इस बर्बरता का सामना करना पड़े।
- वरुण गांधी, सांसद
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कानपुर देहात मेें पुलिस की बर्बरता से संबंधित एक वीडियो ट्वीट करते हुए सांसद ने शुक्रवार को कहा कि सशक्त कानून व्यवस्था उसी को कहा जा सकता है, जहां पर कमजोर से कमजोर व्यक्ति को भी न्याय दिलाया जा सके। कमजोरों के हितों की रक्षा की जा सके। न कि न्याय मांगने वालों पर ही बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि एक लाचार पिता को पुलिस द्वारा इस तरह से पीटे जाते हुए देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उन्होंने कहा है कि भयभीत समाज को कानून के राज का उदाहरण नहीं कहा जा सकता। सांसद ने कहा है कि सशक्त कानून-व्यवस्था का अर्थ है कि जहां पर कानून का राज हो और अपराधियों को डर हो, लेकिन सामान्य जनता पुलिस से किसी भी प्रकार से आतंकित न रहे। इससे पहले सांसद ने तिकुनिया कांड को लेकर किसानों के पक्ष में ट्वीट किए थे। इसके बाद शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे युवाओं पर लखनऊ में लाठी चार्ज की निंदा करते हुए सांसद ने मुखर होकर आवाज उठाई थी।
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सशक्त कानून व्यवस्था वो है जहां कमजोर से कमजोर व्यक्ति को न्याय मिल सके। यह नहीं कि न्याय मांगने वालों को न्याय के स्थान पर इस बर्बरता का सामना करना पड़े।
- वरुण गांधी, सांसद