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वरुण गांधी के सामने उठा बंगाली समाज की नागरिकता का मुद्दा
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पीलीभीत में गांधी सभागार में अधिकारियों और बंगाली समाज के लोगों के साथ बैठक करते सांसद वरुण गांध?
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी ने शनिवार को गांधी सभागार में जमा हुए बंगाली समाज के लोगों और जिले के आला अफसरों के साथ बैठक की। बैठक में बंगाली समाज के लोगों ने अपनी नागरिकता और मालिकाना हक का मुद्दा उठाया।
बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए बंगाली समुदाय के लोगों ने अपनी समस्याएं सांसद को बताई। उन्होंने सबसे पहले नागरिकता और मालिकाना हक का मामला उठाया। उनका कहना था कि बंगाली समाज को नागरिकता और मालिकाना हक न दिए जाने से जनपद के हजारों परिवार अपने ही देश में विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं। इतना ही नहीं जिले भर में करीब एक लाख लोग न सिर्फ वोट के अधिकार से वंचित हैं बल्कि उन्हें जाति, आय, निवास, पहचान पत्र आदि सुविधाओं से भी दूर रखा गया है। समस्याओं को सुनने के बाद सांसद ने उनका निस्तारण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। जो भी जन समस्या है, उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। न्यूरिया कॉलोनी, गभिया सहराई, माला कॉलोनी, महोफ, चंदिया हजारा, कंजाहरैया, जोशी कॉलोनी, ढकिया, भरतपुर, नगरिया समेत कई इलाकों से बंगाली समाज के प्रधान समेत अन्य लोग आए थे। महोफ कंजा हर्रैया में महिला डॉक्टर की नियुक्ति, बंगाली भाषा के अध्यापकों की नियुक्ति, राहुल नगर में पाठशाला, चंदिया हजारा में स्वास्थ्य उप केंद्र, गभिया सहराई में संचालित विद्यालय में अतिरिक्त अध्यापक की तैनाती, बिथरा रम्पुरिया मार्ग की गड्ढा मुक्त कराने की मांग की गई। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नूपुर गोयल, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) देवेंद्र प्रताप मिश्र आदि मौजूद थे।
बंगाली समाज की जिन समस्याओं का निस्तारण मुख्यालय स्तर पर होना है उनको तत्काल कराएंगे। बाकी के लिए शासन स्तर पर भी प्रयास करेंगे।
पुलकित खरे, डीएम
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बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए बंगाली समुदाय के लोगों ने अपनी समस्याएं सांसद को बताई। उन्होंने सबसे पहले नागरिकता और मालिकाना हक का मामला उठाया। उनका कहना था कि बंगाली समाज को नागरिकता और मालिकाना हक न दिए जाने से जनपद के हजारों परिवार अपने ही देश में विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं। इतना ही नहीं जिले भर में करीब एक लाख लोग न सिर्फ वोट के अधिकार से वंचित हैं बल्कि उन्हें जाति, आय, निवास, पहचान पत्र आदि सुविधाओं से भी दूर रखा गया है। समस्याओं को सुनने के बाद सांसद ने उनका निस्तारण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। जो भी जन समस्या है, उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। न्यूरिया कॉलोनी, गभिया सहराई, माला कॉलोनी, महोफ, चंदिया हजारा, कंजाहरैया, जोशी कॉलोनी, ढकिया, भरतपुर, नगरिया समेत कई इलाकों से बंगाली समाज के प्रधान समेत अन्य लोग आए थे। महोफ कंजा हर्रैया में महिला डॉक्टर की नियुक्ति, बंगाली भाषा के अध्यापकों की नियुक्ति, राहुल नगर में पाठशाला, चंदिया हजारा में स्वास्थ्य उप केंद्र, गभिया सहराई में संचालित विद्यालय में अतिरिक्त अध्यापक की तैनाती, बिथरा रम्पुरिया मार्ग की गड्ढा मुक्त कराने की मांग की गई। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नूपुर गोयल, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) देवेंद्र प्रताप मिश्र आदि मौजूद थे।
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बंगाली समाज की जिन समस्याओं का निस्तारण मुख्यालय स्तर पर होना है उनको तत्काल कराएंगे। बाकी के लिए शासन स्तर पर भी प्रयास करेंगे।
पुलकित खरे, डीएम