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प्रधानमंत्री ने किसान हित में वापस लिए कृषि कानून : राजस्व मंत्री
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बैठक में बोलते राजस्व मंत्री छत्रपाल सिंह।
- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर। प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री छत्रपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान हित में तीनों कृषि कानून वापस लिए हैं। प्रधानमंत्री का यह निर्णय स्वागत योग्य है।
राजस्व राज्य मंत्री ने शुक्रवार को नगर के मोहल्ला दुर्गाप्रसाद में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों में तीनों कृषि कानून वापस लिए हैं। कहा कि राजस्व विभाग काफी महत्वपूर्ण विभाग है, इस विभाग की प्रदेश की 70 फीसदी जनता जुड़ी है। पिछले 10 महीनों से प्रदेश में राजस्व राज्य मंत्री का पद रिक्त था। मुख्यमंत्री ही इस पद को अतिरिक्त रूप से देख रहे थे। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद अब तक 16 जिलों की 32 तहसीलों का निरीक्षण कर लिया है, जिसमें स्पष्ट हुआ कि राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही से काफी वाद और प्रार्थना पत्र लंबित पड़े हैं, जिनसे जुड़े लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने प्रदेश भर के राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 दिसंबर तक लंबित वादों और प्रार्थना पत्रों में से 70 फीसदी का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रदेश की 350 में से 150 तहसीलों में ग्रामीणों के घरौनी प्रमाणपत्र बनने का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। एक डेढ़ वर्ष में सभी ग्रामीणों को घरौनी प्रमाणपत्र मिल जाएंगे जिनसे ग्रामीणों की राजस्व विभाग से संबंधित 70 प्रतिशत समस्याएं स्वत: निपट जाएंगी। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के जिला महामंत्री दिनेश पटेल ने और संचालन शिवेंद्र शुक्ला ने किया। बैठक में डॉ. रत्नेश गंगवार, राकेश गंगवार, भद्रपाल गंगवार, अशोक दीक्षित, मनोज गुप्ता, राजेश गंगवार, अचल दीक्षित, संजीव गंगवार, रामसरन वाल्मीकि और पंकज शर्मा मौजूद थे। बैठक शुरू होने से पहले कार्यकर्ताओं ने पुष्प मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। बैठक समापन के बाद राजस्व मंत्री ने मोहल्ला पटेलनगर में आईएएस चयनित सूर्यप्रताप सिंह के घर जाकर उनके भाई अनुराग सिंह के निधन पर गहरा शोक जताया।
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राजस्व राज्य मंत्री ने शुक्रवार को नगर के मोहल्ला दुर्गाप्रसाद में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों में तीनों कृषि कानून वापस लिए हैं। कहा कि राजस्व विभाग काफी महत्वपूर्ण विभाग है, इस विभाग की प्रदेश की 70 फीसदी जनता जुड़ी है। पिछले 10 महीनों से प्रदेश में राजस्व राज्य मंत्री का पद रिक्त था। मुख्यमंत्री ही इस पद को अतिरिक्त रूप से देख रहे थे। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद अब तक 16 जिलों की 32 तहसीलों का निरीक्षण कर लिया है, जिसमें स्पष्ट हुआ कि राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही से काफी वाद और प्रार्थना पत्र लंबित पड़े हैं, जिनसे जुड़े लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने प्रदेश भर के राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 दिसंबर तक लंबित वादों और प्रार्थना पत्रों में से 70 फीसदी का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रदेश की 350 में से 150 तहसीलों में ग्रामीणों के घरौनी प्रमाणपत्र बनने का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। एक डेढ़ वर्ष में सभी ग्रामीणों को घरौनी प्रमाणपत्र मिल जाएंगे जिनसे ग्रामीणों की राजस्व विभाग से संबंधित 70 प्रतिशत समस्याएं स्वत: निपट जाएंगी। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के जिला महामंत्री दिनेश पटेल ने और संचालन शिवेंद्र शुक्ला ने किया। बैठक में डॉ. रत्नेश गंगवार, राकेश गंगवार, भद्रपाल गंगवार, अशोक दीक्षित, मनोज गुप्ता, राजेश गंगवार, अचल दीक्षित, संजीव गंगवार, रामसरन वाल्मीकि और पंकज शर्मा मौजूद थे। बैठक शुरू होने से पहले कार्यकर्ताओं ने पुष्प मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। बैठक समापन के बाद राजस्व मंत्री ने मोहल्ला पटेलनगर में आईएएस चयनित सूर्यप्रताप सिंह के घर जाकर उनके भाई अनुराग सिंह के निधन पर गहरा शोक जताया।
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