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Pilibhit News: सिर्फ नाम के पिंक बूथ व महिला हेल्प डेस्क...रात में ताला, कागजों में संचालन का दावा

Tue, 24 Feb 2026 12:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:30 AM IST
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Pink booths and women's help desks exist only in name...locked at night, claims of operation only on paper
पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद
महिला पुलिस कर्मियों की नहीं रहती तैनाती, शाम होते ही सन्नाटा, कागजों पर संचालन का हो रहा दावा
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पीलीभीत। महिला फरियादियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से शहर और पूरनपुर में बनाए गए पिंक बूथ सिर्फ नाम के ही बूथ हैं। यहां महिला पुलिस कर्मी नजर नहीं आती। शाम होते ही बूथ पर सन्नाटा पसर जाता है। तहसीलों में बनी महिला हेल्प डेस्क का हाल भी कुछ इसी तरह है। हेल्प डेस्क का बोर्ड तो दिखता है, लेकिन कर्मचारी की कुर्सी खाली रहती है। कुछ जगहों पर तो हेल्प डेस्क कक्ष में ही ताला लगा रहता है। पड़ताल में पिंक बूथ और महिला हेल्प डेस्क की कागजी हकीकत सामने आई है, जबकि जिम्मेदार कागजों में इसके संचालन का दावा कर रहे हैं।
शहर में छतरी चौराहा और नौगवां चौराहे पर पिंक बूथ बनाए गए थे। करीब एक वर्ष पहले छतरी चौराहे का पिंक बूथ तोड़ दिया गया। हालांकि कुछ माह बाद लोहे का बूथ बनवाकर चौराहे पर रखा गया है, मगर यातायात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी यहां नहीं रहती। नौगवां चौराहे पर अभी पिंंक बूथ है। रविवार की रात 10:19 बजे पिंक बूथ का गेट बंद था। महिला पुलिसकर्मी तो दूर बूथ के पास और चौराहे पर कोई अन्य पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। यात्री आ-जा रहे थे। निजी सवारी वाहन कुछ यात्रियों को बैठा रहे थे। रात 10:30 बजे छतरी चौराहे पर भी पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई। यह हाल तब है, जब पिछले कई दिनों से चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि नौगवां चौराहे के बूथ पर सोमवार शाम को एक यातायात पुलिसकर्मी दिखाई दिया। सुनगढ़ी इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि पिंक बूथ पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। रात के समय ड्यूटी पर कोई क्यों नहीं था, इसकी जांच कराएंगे। संवाद
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बूथ में लगा ताला, नजर नहींं आए पुलिसकर्मी
पूरनपुर। नगर में स्टेशन चौराहे पर पुलिस चौकी के पास पिंक बूथ बना है। रविवार की रात करीब नौ बजे बूथ का गेट बंद था। कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी तो लंबे समय से नहीं दिखी है। कोतवाल पवन पांडेय ने बताया कि फिलहाल पिंक बूथ पर किसी महिला पुलिस कर्मी की ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है। मिशन शक्ति केंद्र और हेल्प डेस्क पर ही महिलाओं की शिकायतें सुनी जा रही हैं। संवाद
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महिला हेल्प डेस्क पर कुर्सी खाली
पीलीभीत। सोमवार दोपहर करीब दो बजे सदर तहसील परिसर में कहीं भी महिला हेल्प डेस्क का बोर्ड या कक्ष नजर नहीं आया। पूछने पर पता चला कि एक महिला कर्मचारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जब कहीं बोर्ड या सूचना ही नहीं दिखेगी तो महिला फरियादी उस कर्मचारी तक कैसे पहुंचती होगी। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। संवाद

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काउंटर बना, खाली थी कर्मचारी की कुर्सी

अमरिया। तहसील सभागार में महिला हेल्प डेस्क का काउंटर तो बना है, लेकिन सोमवार की दोपहर पड़ताल के दौरान कर्मचारी की कुर्सी खाली थी। इससे तहसील में कार्य से पहुंचने वाली महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। इस संबंध में नायब तहसीलदार रमेश चंद्र ने बताया कि महिला हेल्प डेस्क के लिए एक महिला लेखपाल को नामित किया गया है। कुर्सी खाली क्यों थी, इसका पता कराएंगे। उन्होंने कहा कि तहसील में आने वाली महिलाओं को आवश्यक जानकारी महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, महिला फरियादियों का कहना है कि हेल्प डेस्क पर नियमित रूप से महिला कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। संवाद


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कक्ष में ताला, कागजों में मदद

बीसलपुर। तहसील कार्यालय में बनी महिला हेल्प डेस्क कागजों में ही चल रही है। नियम यह है कि तहसील में आने वाली महिला फरियादी अपने काम से संबंधित प्रार्थना पत्र सबसे पहले महिला हेल्थ हेल्प डेस्क पर देगी। महिला हेल्प डेस्क पर काम करने वाली महिला कर्मचारी प्रार्थना पत्र को संबंधित पटल पर पहुंचाएगी। यहां महिला हेल्प डेस्क व्यावहारिक रूप से संचालित नहीं होने के कारण महिला फरियादियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सोमवार दोपहर सभागार में ताला लगा था। महिला हेल्प डेस्क सभागार में ही बनी है। उधर, एसडीएम नागेंद्र पांडेय का दावा है कि तहसील परिसर में महिला हेल्प डेस्क विधिवत रूप से काम कर रही है। संवाद


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खाली पड़ा रहता पूछताछ केंद्र, जमी धूल

पूरनपुर। तहसील कार्यालय परिसर में कई साल पहले पूछताछ केंद्र खोला गया था। इसमें एक महिला कर्मचारी की ड्यूटी रहती थी। पूछताछ केंद्र और कार्यालय के कक्षों में वॉकी टॉकी की सुविधा भी थी। परिसर में पहुंचने वाले लोग पूछताछ केंद्र से विभिन्न कार्यालय, किस कक्ष में क्या कार्य होंगे, इसकी जानकारी कर लिया करते थे। करीब दो साल से पूछताछ केंद्र में किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं रहती। कक्ष में दो कुर्सियां टूटी पड़ी हैं। कक्ष में धूल जम गई है। पूछताछ केंद्र का संचालन बंद होने से लोगों को कर्मचारी, अफसरों आदि की जानकारी को भटकना पड़ता है। संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

पूरनपुर तहसील में बना पूछताछ कक्ष-संवाद

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