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उद्योग स्थापित करने के लिए पीलीभीत महायोजना-2031 में 197 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित

Mon, 08 Aug 2022 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2022 02:00 AM IST
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Pilibhit Master Plan: Industries will be set up on Pilibhit-Tanakpur and Madhotanda-Bisalpur routes
पीलीभीत। भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर पीलीभीत महायोजना-2031 में 197 हेक्टेयर भूमि उद्योगों के लिए प्रस्तावित की गई है। अगर आप किसी नए उद्योग की स्थापना करना चाहते हैं तो महायोजना में बनाए गए जोन दो और तीन के चिह्नित क्षेत्रफल में भूमि खरीद सकते हैं। उद्योग के लिए भवन बनाते समय नेशनल बिल्डिंग कोड के पालन के साथ और औद्योगिक इकाई की स्थापना के संबंधित विभागों से अनापत्ति लेना जरूरी होगा।
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शहर के साथ आसपास के 41 गांव विनियमित क्षेत्र की सीमा में आते हैं। वर्ष 2011 में विनियमित क्षेत्र की कुल आबादी 2,02,326 थी, जो 2031 में बढ़कर दो लाख 62 हजार हो जाने का अनुमान लगाया गया है। इसी के हिसाब से महायोजना प्रस्तावित की गई है। अभी तक पीलीभीत में पीलीभीत महायोजना 2011 लागू है। वर्ष 2011 की महायोजना में 120 हेक्टेयर भूमि उद्योग के लिए प्रस्तावित थी। इसमें 58.8 हेक्टेयर जमीन पर उद्योग लगे।
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यह उद्योग बीसलपुर मार्ग पर असम चौराहे के पास और पूरनपुर मार्ग पर हैं। अब नए क्षेत्र में महायोजना में उद्योग के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। लघु उद्योग के 115.8 हेक्टेयर और वृहद उद्योग के लिए 81.5 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है। कुल जमीन 197.3 हेक्टेयर होती है। कृषि आधारित उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। महायोजना में इसका उल्लेख है। कृषि उपकरण बनाने और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने और दूसरे उद्योग लगाने के लिए जमीन आरक्षित की गई हैं।
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यहां लगा सकते हैं उद्योग
जोन दो : माधोटांडा मार्ग से बीसलपुर मार्ग और बीसलपुर मार्ग से देवहा नदी के बीच के हिस्से को जोन तीन में शामिल किया गया है। इसमें 154.8 हेक्टेयर जमीन पर उद्योग लगा सकते हैं। इसमें 81.50 हेक्टेयर लघु उद्योग के लिए है, जबकि 73 हेक्टेयर वृहद उद्योग के लिए है। देवहा नदी के किनारे मीरपुर अहमताली से लेकर चिड़ियादाह तक और बीसलपुर रोड पर मुंडिया से रूपपुर कमालू तक का क्षेत्र है।
जोन तीन : पीलीभीत-टनकपुर मार्ग और पीलीभीत माधोटांडा मार्ग के मध्य क्षेत्र को इस जोन में लिया गया है। इस जोन में उद्योगों के लिए 42.80 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है। यह जोन सैदपुर से लेकर देशनगर है। चांट डांग उर्फ बल का क्षेत्र भी इसी जोन में हैं।
प्रस्तावित महायोजना 2031 पर इस समय आपत्तियों के साथ सुझाव भी मांगे गए हैं। जो लोग महायोजना देखना चाहते हैं, वे मेरे कार्यालय पर देख सकते हैं। कार्यालय पर मौजूद जेई से समझ सकते हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद महायोजना लागू करने के प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। महायोजना लागू होने के बाद जो क्षेत्र उद्योगों के लिए आरक्षित है, उसमें ही उद्योग स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी।
- डॉ. राजेश कुमार, नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र
चीनी मिलों और राइस मिलों के लिए जाना जाता है पीलीभीत
फिलहाल तो चीनी मिलों और राइस मिलों, फ्लोर मिल, डिस्टलरी, ईंट भट्ठों से पीलीभीत के औद्योगिक विकास की पहचान होती है। महायोजना लागू होने से उद्योगों के सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा। जूनियर टाउन प्लानर पुष्पक ने बताया कि अगर महायोजना के प्लान पर अमल होता है तो पीलीभीत व आसपास के क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।

महायोजना में चार जोन में बांटा गया शहर
महायोजना में शहर के विनियमित क्षेेत्र को चार जोन में बांटा गया है। पहले जोन में शहर की घनी आबादी का इलाका है। चौथा जोन टनकपुर से सितारगंज मार्ग पर चंदोई की सीमा तक गया है। दोनों जोन में कोई औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित नहीं है।
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