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Pilibhit News: पीलीभीत व नेपाल का कॉलेज करेंगे शैक्षिक आदान-प्रदान
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पीलीभीत। एक-दूसरे की शिक्षा पद्धति को समझने के लिए पीलीभीत और नेपाल के शिक्षा संगठन आगे आए हैं। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में नेपाल के नोबल एकेडमी के मुख्य कार्यपालक और उपाधि कॉलेज के प्राचार्य ने दोनों देशों की शिक्षा पद्धति को समझने के लिए अध्ययन और अध्यापन का निर्णय लिया। इसके लिए दोनों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी किए।
उपाधि महाविद्यालय के तत्वावधान में शहर के अग्रवाल सभा भवन में विद्यार्थियों में निवेश व आर्थिक विकास की नींव पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि नेपाल की नोबल एकेडमी पोखरा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वेश्वर आचार्य ने कहा कि उनको आज ऑस्ट्रेलिया में एक कार्यक्रम में जाना था लेकिन पीलीभीत आकर काफी अच्छा लगा, क्योंकि यहां बहुत कुछ सीखने को मिला।
उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से बच्चों और विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक हो गया है, जिसमें हमने उपाधि महाविद्यालय के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके दीर्घकालिक परिणाम निकलेंगे।
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पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रविंद्र शुक्ला ने कहा कि बच्चों में संस्कार का निवेश करें, जिससे वह बेहतर इंसान बन सकें। साथ ही बच्चों की दिनचर्या का भी ध्यान रखें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के प्रो. पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि एक सर्वे में कहा गया है कि स्कूलों में पढ़ने बाले बच्चे पढ़ाना नहीं चाहते हैं। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन सूत्रों से बच्चों के जीवन की दिशा को बदला जा सकता है। हंसराज कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर रजनीकांत शुक्ल ने कहा कि हमारे शास्त्रों में 16 संस्कार दिए गए हैं लेकिन आज हम बच्चों को संस्कार नहीं दे पा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह की विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.आस्था अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में निवेश करना है तो उनमें संस्कार का निवेश करें। उपाधि कॉलेज के प्राचार्य दुष्यंत कुमार ने स्वागत भाषण दिया। संयोजक प्रो.विनय कुमार गर्ग ने संगोष्ठी के विषय पर संक्षिप्त चर्चा की। संचालन डॉ.अमित कुमार ने किया।
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जनरल के आवरण पृष्ठ तथा पुस्तक का विमोचन
संगोष्ठी के जनरल के आवरण पृष्ठ तथा डॉ.वर्षा सक्सेना की अंग्रेजी पुस्तक न्यूट्रीशन एंड हाइजीन का मंचासीन अतिथियों ने विमोचन किया। जनरल का प्रकाशन दिसंबर माह में होगा। इसमें संगोष्ठी में पढ़े जाने वाले शोधपत्रों को प्रकाशित किया जाएगा।
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ये लोग रहे मौजूद
समारोह में सुल्तानपुर के प्राचार्य डॉ. अंग्रेज सिंह, पुष्प इंस्टीट्यूट के डॉ. एसपीएस संधू, बाल साहित्यकार सुरेंद्र विक्रम, अल्मोड़ा के उदय किरौला, पिथौरागढ़ के कुमार विमल, डॉ. सौरभ सक्सेना, पूरनपुर के डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. प्रणव शर्मा, डॉ. राखी मिश्र, डॉ.विपिन नीरज आदि मौजूद रहे।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए
उद्घाटन समारोह में मां सरस्वती की वंदना के अलावा आकृति राज ने नृत्य प्रस्तुत कर सभी को अभिभूत कर दिया। इसके बाद महाविद्यालय की वाणिज्य प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं ने मां शारदा गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त वाणिज्य छात्राओं ने गणेशजी की वंदना प्रस्तुत की। उद्घाटन सत्र का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
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उपाधि महाविद्यालय के तत्वावधान में शहर के अग्रवाल सभा भवन में विद्यार्थियों में निवेश व आर्थिक विकास की नींव पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि नेपाल की नोबल एकेडमी पोखरा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वेश्वर आचार्य ने कहा कि उनको आज ऑस्ट्रेलिया में एक कार्यक्रम में जाना था लेकिन पीलीभीत आकर काफी अच्छा लगा, क्योंकि यहां बहुत कुछ सीखने को मिला।
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उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से बच्चों और विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक हो गया है, जिसमें हमने उपाधि महाविद्यालय के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके दीर्घकालिक परिणाम निकलेंगे।
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पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रविंद्र शुक्ला ने कहा कि बच्चों में संस्कार का निवेश करें, जिससे वह बेहतर इंसान बन सकें। साथ ही बच्चों की दिनचर्या का भी ध्यान रखें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के प्रो. पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि एक सर्वे में कहा गया है कि स्कूलों में पढ़ने बाले बच्चे पढ़ाना नहीं चाहते हैं। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन सूत्रों से बच्चों के जीवन की दिशा को बदला जा सकता है। हंसराज कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर रजनीकांत शुक्ल ने कहा कि हमारे शास्त्रों में 16 संस्कार दिए गए हैं लेकिन आज हम बच्चों को संस्कार नहीं दे पा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह की विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.आस्था अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में निवेश करना है तो उनमें संस्कार का निवेश करें। उपाधि कॉलेज के प्राचार्य दुष्यंत कुमार ने स्वागत भाषण दिया। संयोजक प्रो.विनय कुमार गर्ग ने संगोष्ठी के विषय पर संक्षिप्त चर्चा की। संचालन डॉ.अमित कुमार ने किया।
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जनरल के आवरण पृष्ठ तथा पुस्तक का विमोचन
संगोष्ठी के जनरल के आवरण पृष्ठ तथा डॉ.वर्षा सक्सेना की अंग्रेजी पुस्तक न्यूट्रीशन एंड हाइजीन का मंचासीन अतिथियों ने विमोचन किया। जनरल का प्रकाशन दिसंबर माह में होगा। इसमें संगोष्ठी में पढ़े जाने वाले शोधपत्रों को प्रकाशित किया जाएगा।
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ये लोग रहे मौजूद
समारोह में सुल्तानपुर के प्राचार्य डॉ. अंग्रेज सिंह, पुष्प इंस्टीट्यूट के डॉ. एसपीएस संधू, बाल साहित्यकार सुरेंद्र विक्रम, अल्मोड़ा के उदय किरौला, पिथौरागढ़ के कुमार विमल, डॉ. सौरभ सक्सेना, पूरनपुर के डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. प्रणव शर्मा, डॉ. राखी मिश्र, डॉ.विपिन नीरज आदि मौजूद रहे।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए
उद्घाटन समारोह में मां सरस्वती की वंदना के अलावा आकृति राज ने नृत्य प्रस्तुत कर सभी को अभिभूत कर दिया। इसके बाद महाविद्यालय की वाणिज्य प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं ने मां शारदा गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त वाणिज्य छात्राओं ने गणेशजी की वंदना प्रस्तुत की। उद्घाटन सत्र का समापन राष्ट्रगान से हुआ।