फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   pilibhit 11 year old boy testifies in Supreme Court in own murder case

'मैं जिंदा हूं': अपनी हत्या के केस में 11 साल के बालक ने सुप्रीम कोर्ट में दी गवाही; जानिए क्या है पूरा मामला

Sat, 11 Nov 2023 01:02 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 11 Nov 2023 01:02 PM IST
सार

पीलीभीत में पुलिस ने बैगर जांच किए बालक को मृत दिखाकर उसकी हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले में बालक को लेकर उसके नाना हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। कोर्ट में बालक को पेश कर उसके जीवित होने के सबूत पेश किए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत के एसपी और थाना पुलिस को नोटिस जारी किया है। 

विज्ञापन
pilibhit 11 year old boy testifies in Supreme Court in own murder case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पुलिस का अजब कारनामा सामने आया है। एक बालक अपनी ननिहाल में रह रहा है, लेकिन उसके पिता ने उसकी हत्या का आरोप लगाकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने विवेचना कर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन पुलिस ने बैगर जांच किए ही उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसपी और थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं बच्चे ने सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर अपने जीवित होने के सबूत दिए हैं।

विज्ञापन


न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव रफियापुर निवासी चरम सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री मीना की शादी गांव के ही भानुप्रकाश से की थी। मीना ने पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम अभय रखा गया। वर्ष 2012-13 में मीना की मृत्यु हो गई। मीना के मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसका मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। 
विज्ञापन


यह है पूरा मामला 
मृतका मीना के बेटे अभय को उसके नाना-नानी अपने घर ले गए। जिसके बाद बच्चे के पिता भानुप्रकाश ने परिवार न्यायालय में केस दर्ज कराया। इसके बाद अभय को उसके पिता को सौंप दिया गया। नाना ने इसके विरुद्ध हाईकोर्ट में केस दाखिल कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- जुआरी समझ किसान को पीटकर मार डाला: फड़ लूटकर दिवाली मनाना चाहती थी पुलिस, जुआरियों से महीना वसूलती थी 'खाकी'

बाद में अभय के पिता ने कोर्ट के आदेश पर एक मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया कि ननिहाल वालों ने उसके पुत्र अभय को मार दिया। कोर्ट ने विवेचना कर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन न्यूरिया थाना पुलिस ने बिना जांच किए ही जीवित बच्चे को मृत दिखाकर प्राथिमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। 

नाती को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नाना 
नाना ने 11 साल के अभय को हाईकोर्ट में हाजिर किया और बताया कि उनका नाती अभय जीवित है। न्यूरिया पुलिस ने हत्या की गलत रिपोर्ट दर्ज की है। हाईकोर्ट में याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद चरम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वह अभय को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां उसके जीवित होने के सबूत पेश किए। 

मासूम बच्चे ने भी कोर्ट में गवाही देकर बताया कि वह जीवित है और अपनी ननिहाल में सुरक्षित रह रहा है। पिता ने उसके मामा और नाना पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें फंसाया है।  सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत के एसपी अतुल कुमार और न्यूरिया थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने का आदेश दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed