फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   People crossed 23 positions by giving better feedback on the app

एप पर बेहतर फीडबैक देकर लोगों ने पार कराए 23 पायदान

Sun, 02 Oct 2022 11:16 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 11:16 PM IST
सार

शहर की सड़कें टूटी हैं, नाले चोक हैं, बरसात में पूरे शहर में पानी भर जाता है, बावजूद इसके यह सुनकर आप राहत जरूर महसूस कर सकते हैं कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछले साल की अपेक्षा इस बार कुछ सुधार हुआ है। आयुर्वेदिक कॉलेज और सुनगढ़ी के पास डलाव घर को हटाया गया।वर्ष - रैंक 2019- 3622020- 2592021- 1882022- 165 इन बिंदुओं ने सुधारी स्थिति - शहर की साफ सफाई - सड़कों पर कूड़ा नहीं जाने दिया गया- कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट बनना शुरू हुुआ- डोर टू डोर कूड़ा उठाना शुरू किया गया- एप पर सिटीजन फीडबैक बेहतर रहा- शहर खुले शौच से मुक्त हुआ- सीवरेज और गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए एसएसटीपी और एसटीपी प्लांट लगाए।- नाले नालियां साफ किए गए।- फाइटोरीमेडिएशन प्लांट बनना शुरू हुएक्या कहते हैं शहर के लोगफोटो-दस दिन पहले शहर में बरसात हुई थी। हालांकि हम लोगों को भी कुछ जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी, लेकिन पालिका की कार्यप्रणाली से लोग संतुष्ट नहीं।- डॉ. आदित्य पांडेय, शहरवासी पीलीभीत नगर पालिका को स्वच्छता सर्वेक्षण में 165वीं रैंक मिली है।

विज्ञापन
People crossed 23 positions by giving better feedback on the app
पीलीभीत में स्टेशन चौराहे के पास बरहा रोड पर लगा कूड़े का ढेर।

विस्तार

पीलीभीत को मिली 165वीं रैंक, पिछले साल थी 188वीं रैंक
विज्ञापन

लोग बोले- आंकड़ों में सुधरा शहर, धरातल पर हालात खराब
पीलीभीत। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को 165वीं रैंक मिली है, जो पिछले साल के मुकाबले साफ-सफाई के मामले में 23 अंक ज्यादा है। 23 अंकों का यह उछाल भी लोगों के एप पर दिए गए अच्छे फीडबैक के कारण है, नहीं तो शहर में ऐेसी कोई जगह नहीं जिसे स्वच्छता की मिसाल माना जा सके। यहां बता दें कि पिछली स्वच्छता रैंक 188 थी।
शहर की सड़कें टूटी हैं, नाले चोक हैं, बरसात में पूरे शहर में पानी भर जाता है, बावजूद इसके यह सुनकर आप राहत जरूर महसूस कर सकते हैं कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछले साल की अपेक्षा इस बार कुछ सुधार हुआ है। पिछले चार सालों में शहर के हालात भले ही न बदले हों लेकिन लोगों की बदौलत स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंक में सुधार जरूर हो रहा है।
विज्ञापन

वर्ष 2019 में शहर को 362वीं रैंक मिली थी। ये सबसे खराब स्थिति थी। उसके बाद से सुधार होना शुरू हुआ। 2020 में 259 रैंक रही। पिछले साल स्थिति और बेहतर हुई और पीलीभीत 188 रैंक हासिल करने में कामयाब रहा। हालांकि पिछले साल कूड़ा निस्तारण और नदियों में जाने वाले प्रदूषण में मामले में नंबर कम मिले थे। इस बार रैंक में 23 अंकों का सुधार हुआ है और 165वीं रैंक मिली है। इसके पीछे नगर पालिका के अधिकारियों का मानना है कि डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन के साथ आबादी के बीच बने डलावघरों को बाहर किया गया। आयुर्वेदिक कॉलेज और सुनगढ़ी के पास डलाव घर को हटाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष - रैंक
2019- 362
2020- 259
2021- 188
2022- 165

इन बिंदुओं ने सुधारी स्थिति
- शहर की साफ सफाई
- सड़कों पर कूड़ा नहीं जाने दिया गया
- कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट बनना शुरू हुुआ
- डोर टू डोर कूड़ा उठाना शुरू किया गया
- एप पर सिटीजन फीडबैक बेहतर रहा
- शहर खुले शौच से मुक्त हुआ
- सीवरेज और गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए एसएसटीपी और एसटीपी प्लांट लगाए।
- नाले नालियां साफ किए गए।
- फाइटोरीमेडिएशन प्लांट बनना शुरू हुए

दस दिन पहले शहर में बरसात हुई थी। पूरा शहर टापू बन गया था। दुकानों तक में पानी घुस गया व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ। रैकिंग सुधरने से खुशी है, लेकिन धरातल पर साफ सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए और प्रयास करने होंगे।

- सौरभ सक्सेना, व्यापारी नेता

चंद्र घंटों की बारिश ने पालिका की शहर व्यवस्था की पोल खोल दी। डोर टू डोर कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि हम लोगों को भी कुछ जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी, लेकिन पालिका की कार्यप्रणाली से लोग संतुष्ट नहीं।
- डॉ. आदित्य पांडेय, शहरवासी
पीलीभीत नगर पालिका को स्वच्छता सर्वेक्षण में 165वीं रैंक मिली है। पिछले साल 188वीं रैंक मिली थी। हमारा लक्ष्य है अगले साल टॉप-100 में जगह बनाना है।
- सोबित सिंह, कोआर्डिनेटर स्वच्छता सर्वेक्षण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed