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मरीजों, बुजुर्गों के लिए  मुसीबत बना फुट ब्रिज

Thu, 23 Jun 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Thu, 23 Jun 2016 11:01 PM IST
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Patients, elderly Make trouble Foot Bridge
परेशानी भरा सफर। - फोटो : pilibhit, beureu
पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर ब्राडग्रेज कंवर्जन कार्य क्या शुरू हुए, स्थानीय रेल महकमा यात्रियों को सुविधाएं देना ही भूल गया। यात्रियों को न तो ठंडा पानी ही मिल रहा है और न ही ट्रेनों की सही जानकारी। ऐसे हालात में परेशानहाल यात्रियों को खुद को कोसने के सिवा कोई चारा नहीं बचता।
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वर्ष 2008 में रेलवे जंक्शन को Òआदर्शÓ रेलवे स्टेशन घोषित किया गया था, जिसके बाद प्लेटफार्म का उच्चीकरण समेत तमाम अन्य सुविधाएं दी जानी थीं, लेकिन उनमें से नाममात्र को ही सुविधाएं मिल सकीं। उधर, जब पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर एक जनवरी से ब्राडगेज कार्य शुरू हुए तो लोगों को लगा कि अब जल्द ही उन्हें बड़ी रेल लाइन समेत अन्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी, लेकिन इस आस में बैठे लोगों को रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहे ब्राडगेज कार्य किसी बड़े नासूर से कम नहीं लग रहे हैं। टनकपुर रूट पर ब्लाक लेने के बाद शाहजहांपुर और मैलानी रूट पर चलने वाली सभी दस ट्रेनों का संचालन प्लेटफार्म नंबर तीन और चार से ही किया जा रहा है, लेकिन इन दोनों प्लेटफार्मों पर अव्यवस्थाओं का खासा बोलबाला है।
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मुख्य प्लेटफार्म पर जाने के लिए फुट ब्रिज एकमात्र रास्ता
इन दिनों ट्रेनों का संचालन प्लेटफार्म नंबर तीन व चार से किया जा रहा है। इन प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए रेलयात्रियो को एकमात्र फुट ब्रिज का ही सहारा है, लेकिन बुजुर्गों व मरीजों के लिए इस फुट ब्रिज से आना जाना आसान नहीं।  
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ठंडा पानी भी नसीब नहीं
इन प्लेटफार्मों पर पेयजल सुविधा को पानी की टोटियों के साथ दो स्थानों पर शीतल जल की भी सुविधा है, लेकिन इन दिनों रेलयात्रियों को ठंडे पानी के स्थान पर गर्म पानी से ही गला तर करना पड़ रहा है।

फर्श पर बैठना यात्रियों के लिए बना मजबूरी
प्लेटफार्म पर रेलयात्रियों को बैठने के लिए बैंचें तो हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह बैंचें नाकाफी हैं। मजबूरन यात्रियों को फर्श पर बैठकर ही ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। 

अंधेरे में सफर करते हैं रेलयात्री
देर शाम से चलने वाली ट्रेनों के अधिकांश कोचों में अक्सर अंधेरा रहता है। ऐसे में इन ट्रेनों में मारपीट और छेड़छाड़ की घटनाएं भी होती रहती हैं। ट्रेन में सफर करने से पहले यात्री रोशनी वाले कोचों की तलाश करते देखे जा सकते हैं।


व्यवस्थाओं पर रखी जा रही है नजर
रेलवे प्लेटफार्मों पर यात्रियों की सुविधा का खासा ध्यान रखा जा रहा है। रोजाना ही पेयजल, प्रकाश व्यवस्था आदि पर नजर रखी जा रही है। यदि कहीं कोई अव्यवस्था है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।
- मोहम्मद इजराइल, स्टेशन अधीक्षक
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