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Pilibhit News: पैथोलॉजी लैब पर अव्यवस्थाओं की भरमार, जांच रिपोर्ट के लिए आठ दिन इंतजार
Wed, 21 Jan 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:38 PM IST
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शाहिद
- फोटो : 1
पीलीभीत। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ते ही पैथोलॉजी लैब की व्यवस्थाएं लड़खड़ा गई हैं। सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट), लिक्विड प्रोफाइल व हिमोग्लोबिन जैसी सामान्य जांचों की रिपोर्ट देने में लैब को दो दिन लग जा रहे हैं। वहीं माइक्रोबायलॉजी विभाग में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से 72 घंटे में मिलने वाली रिपोर्ट मरीज को आठ दिन में मिल पा रही है। जांच रिपोर्ट की लेटलतीफी मरीजों के समय से इलाज शुरू होने पर असर डाल रही है।
मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ गई हैं। पिछले तीन दिनों से अस्पताल की ओपीडी 1500 के पार जा रही है। बुधवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ जुटी। पर्चा और दवा काउंटर पर मरीजों की कतार लगी।
चिकित्सक के परामर्श के बाद मरीजों को पैथोलॉजी लैब की लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ा। बुधवार की दोपहर 12 बजे लैब परिसर में जगह कम और भीड़ अधिक होने के चलते मरीजों में धक्कामुक्की का नजारा दिखा। कई मरीज ऐसे भी पहुंचे जो दो दिन से लगातार आ रहे थे। उनकी जांच रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रही।
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वहीं ब्लड कलेक्शन की जिम्मेदारी भी स्टाफ की कमी के अभाव में लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के हाथों में दिखी। लैब में सीबीसी, केएफटी, लिक्विड प्राेफाइल, यूरिक एसिड, हिमोग्लोबिन सहित अन्य जरूरी जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच रिपोर्ट की देरी, मरीजों को पड़ रही भारी
जिला अस्पताल में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में मरीजों की कई प्रकार की जांचें की जाती हैं। इनमें कानों में पस आदि की जांच में माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जो रिपोर्ट 72 घंटे में उपलब्ध करानी होती है, विभाग यह जांच रिपोर्ट मुहैया कराने में आठ दिन तक का समय लगा रहा है। ऐसे में समय से जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के चलते मरीजों का समय से उपचार शुरू नहीं हो पा रहा है।
टीबी जांच लैब के कलेक्शन कक्ष में बचाव के उपाय बेअसर
टीबी (क्षय रोग) एक संक्रमित बीमारी है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को भी क्षय रोग का खतरा हो जाता है। मरीज को मास्क, ग्लब्स आदि लगाने के साथ ही अन्य सावधानियां बरतनी पड़ती है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीबी लैब में मरीजों से लेकर कर्मचारी कोई भी सावधानी बरतते नहीं दिखा। कर्मचारी बुधवार को खुद बिना मास्क व हैंड ग्लब्स के देखे गए।
फोटो:
जांच कराए आठ दिन से अधिक हो गए हैं। पांच दिन में रिपोर्ट देने की बात कही थी। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली। - शाहिद
फोटो
टीबी की जांच कराने आना हुआ हूं। यहां कोई व्यवस्था नहीं है। आम कतार में लगना पड़ रहा है। - फातिमा
वर्जन
पैथोलॉजी लैब से कुछ शिकायतें मिली हैं। रिपोर्ट आदि में क्यों देरी हो रही है इसकी जांच कराई जाएगी। व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल
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मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ गई हैं। पिछले तीन दिनों से अस्पताल की ओपीडी 1500 के पार जा रही है। बुधवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ जुटी। पर्चा और दवा काउंटर पर मरीजों की कतार लगी।
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चिकित्सक के परामर्श के बाद मरीजों को पैथोलॉजी लैब की लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ा। बुधवार की दोपहर 12 बजे लैब परिसर में जगह कम और भीड़ अधिक होने के चलते मरीजों में धक्कामुक्की का नजारा दिखा। कई मरीज ऐसे भी पहुंचे जो दो दिन से लगातार आ रहे थे। उनकी जांच रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रही।
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वहीं ब्लड कलेक्शन की जिम्मेदारी भी स्टाफ की कमी के अभाव में लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के हाथों में दिखी। लैब में सीबीसी, केएफटी, लिक्विड प्राेफाइल, यूरिक एसिड, हिमोग्लोबिन सहित अन्य जरूरी जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच रिपोर्ट की देरी, मरीजों को पड़ रही भारी
जिला अस्पताल में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में मरीजों की कई प्रकार की जांचें की जाती हैं। इनमें कानों में पस आदि की जांच में माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जो रिपोर्ट 72 घंटे में उपलब्ध करानी होती है, विभाग यह जांच रिपोर्ट मुहैया कराने में आठ दिन तक का समय लगा रहा है। ऐसे में समय से जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के चलते मरीजों का समय से उपचार शुरू नहीं हो पा रहा है।
टीबी जांच लैब के कलेक्शन कक्ष में बचाव के उपाय बेअसर
टीबी (क्षय रोग) एक संक्रमित बीमारी है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को भी क्षय रोग का खतरा हो जाता है। मरीज को मास्क, ग्लब्स आदि लगाने के साथ ही अन्य सावधानियां बरतनी पड़ती है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीबी लैब में मरीजों से लेकर कर्मचारी कोई भी सावधानी बरतते नहीं दिखा। कर्मचारी बुधवार को खुद बिना मास्क व हैंड ग्लब्स के देखे गए।
फोटो:
जांच कराए आठ दिन से अधिक हो गए हैं। पांच दिन में रिपोर्ट देने की बात कही थी। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली। - शाहिद
फोटो
टीबी की जांच कराने आना हुआ हूं। यहां कोई व्यवस्था नहीं है। आम कतार में लगना पड़ रहा है। - फातिमा
वर्जन
पैथोलॉजी लैब से कुछ शिकायतें मिली हैं। रिपोर्ट आदि में क्यों देरी हो रही है इसकी जांच कराई जाएगी। व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल

शाहिद- फोटो : 1

शाहिद- फोटो : 1

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