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Pilibhit News: खुले आसमान में बसों का इंतजार करने को यात्री मजबूर
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असम चौराहे पर बस के इंतजार में बंद पड़ी अस्थाई दुकान के अंदर बैठे यात्री। संवाद
- फोटो : udhampur news
पीलीभीत। शहर के प्रमुख चौराहों पर यात्री शेड की सुविधा न होने से यात्रियों को तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। डिपो पर पर्याप्त जगह न होने से बसों का संचालन भी इन चौराहों से ही हो रहा है। इससे लोगों को खासी परेशानी है।
स्थानीय डिपो से 103 बसों का संचालन किया जा रहा है। डिपो पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त जगह न होने से बसों का संचालन नौगवां चौराहा, असम चौराहा से किया जा रहा है। नौगवां चौराहे पर पाकड़ का पेड़ व अन्य दुकानों होने से यहां पहुंचने वाले लोगों को हल्की राहत तो मिल जाती है। वहीं, असम चौराहे पर यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। असम चौराहे पर चौकी के होने से बरेली सहित अन्य मार्गों पर जाने वाले यात्री यहां लगे पेड़ व चौकी का सहारा लेते थे, लेकिन फ्लाईओवर निर्माण के दौरान चौराहे पर बनी चौकी को हटवा दिया गया। इसके चलते इस चौराहे पर अब एक पेड़ भी नहीं रह गया है। यहां से जाने वाले यात्री चौराहे पर तपती दोपहरी में खड़े होने को मजबूर है। ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत छोटे बच्चे व बुजुर्गाें को होती है।
एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि चौराहों से अस्थाई रूप से व्यवस्था करने के लिए विभागीय अफसर व निजी संस्थाओं से बातचीत की जाएगी, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो। संवाद
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स्थानीय डिपो से 103 बसों का संचालन किया जा रहा है। डिपो पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त जगह न होने से बसों का संचालन नौगवां चौराहा, असम चौराहा से किया जा रहा है। नौगवां चौराहे पर पाकड़ का पेड़ व अन्य दुकानों होने से यहां पहुंचने वाले लोगों को हल्की राहत तो मिल जाती है। वहीं, असम चौराहे पर यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। असम चौराहे पर चौकी के होने से बरेली सहित अन्य मार्गों पर जाने वाले यात्री यहां लगे पेड़ व चौकी का सहारा लेते थे, लेकिन फ्लाईओवर निर्माण के दौरान चौराहे पर बनी चौकी को हटवा दिया गया। इसके चलते इस चौराहे पर अब एक पेड़ भी नहीं रह गया है। यहां से जाने वाले यात्री चौराहे पर तपती दोपहरी में खड़े होने को मजबूर है। ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत छोटे बच्चे व बुजुर्गाें को होती है।
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एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि चौराहों से अस्थाई रूप से व्यवस्था करने के लिए विभागीय अफसर व निजी संस्थाओं से बातचीत की जाएगी, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो। संवाद
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