{"_id":"208eb41d07b74cbcb3f85d23f8171874","slug":"panchayat-chunav-hindi-news-36","type":"story","status":"publish","title_hn":"49 लोग चाहते हैं बरहा का ग्राम प्रधान बनना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
49 लोग चाहते हैं बरहा का ग्राम प्रधान बनना
पीलीभीत।
Updated Mon, 30 Nov 2015 11:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललौरीखेड़ा ब्लाक का बरहा गांव प्रदेश का एकलौता गांव हो सकता है, जहां
विज्ञापन
प्रधान पद के लिए सबसे ज्यादा लोगों ने दावेदारी की हो। 49 प्रत्याशी मैदान
में हैं।
प्रधानी के चुनाव को लेकर इस गांव में हमेशा से लोगों में खासा उत्साह रहा। पिछले चुनाव में यहां 34 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी।
पिछले पंचायत चुनाव में बरहा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। 34 प्रत्याशियों में कड़े संघर्ष के बाद रामभरोसे के सिर जीत का सेहरा सजा था। इस बार यह ग्राम पंचायत सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो गई है।
इसके बाद भी यहां पिछले साल के मुकाबले 15 प्रत्याशी बढ़ गए और संख्या 49 हो गई है। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 9803 मतदाता करेंगे। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस ग्राम पंचायत की सत्ता संभालने के लिए इतने अधिक प्रत्याशी मैदान में क्यों उतर पड़े हैं।
वह भी तब जब यह ग्राम पंचायत महिला के लिए आरक्षित हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस गांव के युवाओं का राजनीति में रुझान बढ़ा है। राजनीति शुरू करने के लिए वह प्रधान पद को पहली सीढ़ी मानते हैं।
यही वजह है कि अधिकांश ने बैकडोर से राजनीति में इंट्री के लिए अपने परिवार की महिलाओं को चुनावी समर में उतार दिया है।
ढूंढना पड़ेगा प्रत्याशी
गांव बरहा में मतदान के लिए प्रत्याशियों को जिले का सबसे बड़ा मतपत्र मिलेगा। इतने बड़े मतपत्र में अपने पसंद के उम्मीदवार को ढूंढने में मतदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
000
बरहा से उलट गांव खुंडारा में लोगों की राजनीति में दिलचस्पी कम हुई है। यहां की सीट भी पिछले चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। तब यहां सिर्फ चार प्रत्याशी मैदान में थे।
इस बार इस प्रधान का पद अनारक्षित होने के बावजूद यहां उम्मीदवारों की संख्या घटकर सिर्फ दो रह गई है। प्रत्याशियों की संख्या घटने से कयास लगाए जा रहे हैं कि यहां के लोगों में आपसी सामंजस्य ज्यादा है। यहां 1401 मतदाता अपने गांव का मुखिया चुनेंगे।
फैक्ट फाइल--
2010
ग्राम पंचायत वोटर प्रत्याशी
बरहा 9048 34
खुंडारा 1150 04
---
2015
ग्राम पंचायत वोटर प्रत्याशी
बरहा 9803 49
खुंडरा 1401 02
प्रधानी के चुनाव को लेकर इस गांव में हमेशा से लोगों में खासा उत्साह रहा। पिछले चुनाव में यहां 34 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी।
पिछले पंचायत चुनाव में बरहा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। 34 प्रत्याशियों में कड़े संघर्ष के बाद रामभरोसे के सिर जीत का सेहरा सजा था। इस बार यह ग्राम पंचायत सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो गई है।
इसके बाद भी यहां पिछले साल के मुकाबले 15 प्रत्याशी बढ़ गए और संख्या 49 हो गई है। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 9803 मतदाता करेंगे। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस ग्राम पंचायत की सत्ता संभालने के लिए इतने अधिक प्रत्याशी मैदान में क्यों उतर पड़े हैं।
वह भी तब जब यह ग्राम पंचायत महिला के लिए आरक्षित हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस गांव के युवाओं का राजनीति में रुझान बढ़ा है। राजनीति शुरू करने के लिए वह प्रधान पद को पहली सीढ़ी मानते हैं।
यही वजह है कि अधिकांश ने बैकडोर से राजनीति में इंट्री के लिए अपने परिवार की महिलाओं को चुनावी समर में उतार दिया है।
ढूंढना पड़ेगा प्रत्याशी
गांव बरहा में मतदान के लिए प्रत्याशियों को जिले का सबसे बड़ा मतपत्र मिलेगा। इतने बड़े मतपत्र में अपने पसंद के उम्मीदवार को ढूंढने में मतदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
000
बरहा से उलट गांव खुंडारा में लोगों की राजनीति में दिलचस्पी कम हुई है। यहां की सीट भी पिछले चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। तब यहां सिर्फ चार प्रत्याशी मैदान में थे।
इस बार इस प्रधान का पद अनारक्षित होने के बावजूद यहां उम्मीदवारों की संख्या घटकर सिर्फ दो रह गई है। प्रत्याशियों की संख्या घटने से कयास लगाए जा रहे हैं कि यहां के लोगों में आपसी सामंजस्य ज्यादा है। यहां 1401 मतदाता अपने गांव का मुखिया चुनेंगे।
फैक्ट फाइल--
2010
ग्राम पंचायत वोटर प्रत्याशी
बरहा 9048 34
खुंडारा 1150 04
---
2015
ग्राम पंचायत वोटर प्रत्याशी
बरहा 9803 49
खुंडरा 1401 02