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बाजार में धान के दाम धड़ाम, नमी ने बढ़ाई किसानों की दिक्कत
सार
पहले नमी और उसपर मौसम की मार से धान के दाम धड़ाम हो गए।इसके विपरीत बुधवार को 29 हजार क्विंटल धान मंडियों में पहुंचा था।पीलीभीत मंडी सचिव अशोक कुमार का कहना है कि इस समय 20 फीसदी से ज्यादा नमी वाला धान आ रहा है।
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बृहस्पतिवार को रिमझिम बारिश के दौरान मंडी समिति परिसर में धान की कुछ बोरियों पर पड़ा त्रिपाल। सं?
- फोटो : PILIBHIT
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विस्तार
पीलीभीत। पहले नमी और उसपर मौसम की मार से धान के दाम धड़ाम हो गए। बृहस्पतिवार को मौसम खराब होने के कारण मंडियों में धान की आवक कम हुई तो कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई। यहां तक कि 200 से 300 रुपये तक कम कीमत पर धान बिका। नमी ज्यादा होने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं होने का फायदा व्यापारियों और राइस मिल मालिकों ने उठाया।
एक अक्तूबर से सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन मानकों के अनुसार 17 फीसदी से ज्यादा नमी होने के कारण किसानों का धान नहीं लिया जा रहा है। इसका असर धान की कीमतों पर पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को पीलीभीत मंडी में धान की आवक महज सात हजार क्विंटल हुई। इसके विपरीत बुधवार को 29 हजार क्विंटल धान मंडियों में पहुंचा था। यहां न्यूनतम बोली 1350 और अधिकतम 1400 रुपये प्रति क्विंटल रही। एक सप्ताह पहले तक मंडी में बीस फीसदी नमी वाला धान 1650 रुपये से ऊपर तक बिका, लेकिन आवक बढ़ने के साथ ही कीमतों में गिरावट होने लगी। सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने का व्यापारियों ने उठाया।
यही हाल पूरनपुर मंडी का भी रहा। यहां बृहस्पतिवार को महज तीस क्विंटल धान पहुंचा। कीमत 1400 से 1450 रुपये के बीच रही।
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नमी है बहाना...कीमत है गिराना
पिछले साल की बात करें तो धान 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। धान कटाई के दौरान ज्यादा बारिश होने का खामियाजा किसानों को चुकाना पड़ा था। इस बार भी कमोबेश यही हालात बन रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर ही कीमतें 1600-1700 से गिरकर 1300 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गईं हैं।
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पीलीभीत मंडी सचिव अशोक कुमार का कहना है कि इस समय 20 फीसदी से ज्यादा नमी वाला धान आ रहा है। मौसम खराब होने के कारण राइस मिल मालिक भी धान खरीदने से बच रहे हैं तो व्यापारी भी कदम पीछे खींच रहे हैं। यही वजह है कि दाम कम हुए हैं। वहीं पूरनपुर मंडी सचिव सर्वेश शुक्ला का कहना है कि मंडी में आवक बहुत कम है। धान मिलों में जा रहा है।
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17 फीसदी से ज्यादा नमी वाला धान सरकारी केंद्रों पर नहीं खरीद सकते
डिप्टी आरएमओ विकास चंद तिवारी का कहना है कि इस समय धान में नमी 17 फीसदी से ज्यादा है। इस वजह से क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि किसान खेतों से धान कटवाकर सीधे क्रय केंद्र पर न लाएं। पहले उसे साफ कर सुखा लें। उसके बाद लाएं। ताकि उनको एमएसपी का पूरा लाभ मिल सके।
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किसान बोले-लागत बढ़ी, लेकिन कीमत तो पिछले साल वाली मिल रही
मंडी में धान लाए गुरमीत सिंह कहते हैं कि इस बार बारिश कम होने के कारण लागत ज्यादा आई, लेकिन कीमत पिछले साल जैसी ही मिल रही है। वहीं किसान इरफान कहते हैं कि धान की फसल ठीक निकली, लेकिन इस बार भी कीमत ठीक नहीं मिल रही। नमी ज्यादा बताई जा रही है। 20 फीसदी तक नमी है, लेकिन मंडी में 23 से 25 फीसदी तक बता दी जाती है। पूरनपुर के किसानों का भी यही कहना है। किसान मुबारक हुसैन बतातेे हैं कि नमी के कारण अभी धान नहीं कटवाया। अगर यही कीमत रही तो पिछले साल जैसा नुकसान उठाना पड़ेगा।
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सरकारी खरीद का खुला खाता, पीलीभीत मंडी में 60 क्विंटल खरीद हुई
बृहस्पतिवार को सरकारी धान खरीद का खाता खुल गया। पीलीभीत मंडी में खाद्य निगम के क्रय केंद्र पर 60 क्विंटल धान खरीदा गया। बाकी क्रय केंद्रों पर धान नहीं पहुंचा। एआरएमओ विकास चंद तिवारी ने बताया कि पंद्रह अक्तूबर के बाद अच्छी खरीद हो सकती है। अभी तक आवक बहुत कम है।
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फोटो-2,3
चौबीस घंटे में दस एमएम बारिश, अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना
पीलीभीत। किसानों की चिंता बढ़ाने वाली खबर है। अगले तीन दिन तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में फसलों को तगड़ा नुकसान हो सकता है।
बीते चौबीस घंटे में जिले में दस एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है। बुधवार रात से मौसम ने करवट ली। जिले के कई स्थानों पर रात में भी बारिश हुई। बृहस्पतिवार सुबह भी घने बादल थे। पूरनपुर क्षेत्र में तेज बारिश हुई। इससे धान की कटाई प्रभावित हुई। पूरे दिन रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि नौ अक्तूबर तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ अगर हवा चलती है तो धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। पिछले साल अक्तूबर में ही बाढ़ आई थी। उन्होंने बताया कि अगर बारिश होती है तो किसान खेतों से पानी तत्काल निकालने की व्यवस्था करें।
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एक अक्तूबर से सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन मानकों के अनुसार 17 फीसदी से ज्यादा नमी होने के कारण किसानों का धान नहीं लिया जा रहा है। इसका असर धान की कीमतों पर पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को पीलीभीत मंडी में धान की आवक महज सात हजार क्विंटल हुई। इसके विपरीत बुधवार को 29 हजार क्विंटल धान मंडियों में पहुंचा था। यहां न्यूनतम बोली 1350 और अधिकतम 1400 रुपये प्रति क्विंटल रही। एक सप्ताह पहले तक मंडी में बीस फीसदी नमी वाला धान 1650 रुपये से ऊपर तक बिका, लेकिन आवक बढ़ने के साथ ही कीमतों में गिरावट होने लगी। सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने का व्यापारियों ने उठाया।
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यही हाल पूरनपुर मंडी का भी रहा। यहां बृहस्पतिवार को महज तीस क्विंटल धान पहुंचा। कीमत 1400 से 1450 रुपये के बीच रही।
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नमी है बहाना...कीमत है गिराना
पिछले साल की बात करें तो धान 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। धान कटाई के दौरान ज्यादा बारिश होने का खामियाजा किसानों को चुकाना पड़ा था। इस बार भी कमोबेश यही हालात बन रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर ही कीमतें 1600-1700 से गिरकर 1300 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गईं हैं।
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पीलीभीत मंडी सचिव अशोक कुमार का कहना है कि इस समय 20 फीसदी से ज्यादा नमी वाला धान आ रहा है। मौसम खराब होने के कारण राइस मिल मालिक भी धान खरीदने से बच रहे हैं तो व्यापारी भी कदम पीछे खींच रहे हैं। यही वजह है कि दाम कम हुए हैं। वहीं पूरनपुर मंडी सचिव सर्वेश शुक्ला का कहना है कि मंडी में आवक बहुत कम है। धान मिलों में जा रहा है।
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17 फीसदी से ज्यादा नमी वाला धान सरकारी केंद्रों पर नहीं खरीद सकते
डिप्टी आरएमओ विकास चंद तिवारी का कहना है कि इस समय धान में नमी 17 फीसदी से ज्यादा है। इस वजह से क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि किसान खेतों से धान कटवाकर सीधे क्रय केंद्र पर न लाएं। पहले उसे साफ कर सुखा लें। उसके बाद लाएं। ताकि उनको एमएसपी का पूरा लाभ मिल सके।
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किसान बोले-लागत बढ़ी, लेकिन कीमत तो पिछले साल वाली मिल रही
मंडी में धान लाए गुरमीत सिंह कहते हैं कि इस बार बारिश कम होने के कारण लागत ज्यादा आई, लेकिन कीमत पिछले साल जैसी ही मिल रही है। वहीं किसान इरफान कहते हैं कि धान की फसल ठीक निकली, लेकिन इस बार भी कीमत ठीक नहीं मिल रही। नमी ज्यादा बताई जा रही है। 20 फीसदी तक नमी है, लेकिन मंडी में 23 से 25 फीसदी तक बता दी जाती है। पूरनपुर के किसानों का भी यही कहना है। किसान मुबारक हुसैन बतातेे हैं कि नमी के कारण अभी धान नहीं कटवाया। अगर यही कीमत रही तो पिछले साल जैसा नुकसान उठाना पड़ेगा।
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सरकारी खरीद का खुला खाता, पीलीभीत मंडी में 60 क्विंटल खरीद हुई
बृहस्पतिवार को सरकारी धान खरीद का खाता खुल गया। पीलीभीत मंडी में खाद्य निगम के क्रय केंद्र पर 60 क्विंटल धान खरीदा गया। बाकी क्रय केंद्रों पर धान नहीं पहुंचा। एआरएमओ विकास चंद तिवारी ने बताया कि पंद्रह अक्तूबर के बाद अच्छी खरीद हो सकती है। अभी तक आवक बहुत कम है।
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चौबीस घंटे में दस एमएम बारिश, अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना
पीलीभीत। किसानों की चिंता बढ़ाने वाली खबर है। अगले तीन दिन तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में फसलों को तगड़ा नुकसान हो सकता है।
बीते चौबीस घंटे में जिले में दस एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है। बुधवार रात से मौसम ने करवट ली। जिले के कई स्थानों पर रात में भी बारिश हुई। बृहस्पतिवार सुबह भी घने बादल थे। पूरनपुर क्षेत्र में तेज बारिश हुई। इससे धान की कटाई प्रभावित हुई। पूरे दिन रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि नौ अक्तूबर तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ अगर हवा चलती है तो धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। पिछले साल अक्तूबर में ही बाढ़ आई थी। उन्होंने बताया कि अगर बारिश होती है तो किसान खेतों से पानी तत्काल निकालने की व्यवस्था करें।