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Pilibhit News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.13 लाख से अधिक वादों का निस्तारण
Sat, 12 Sep 2026 10:58 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:58 PM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते के बाद मुस्कुराते दंपती जोड़ा। संवाद
पीलीभीत। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जिले के हजारों वादकारियों को त्वरित न्याय का लाभ मिला। सुलह-समझौते के आधार पर 2,13,960 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 11 करोड़ पांच लाख 8299 रुपये से अधिक के राजस्व समझौते हुए। दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सुबह 10 बजे लोक अदालत के शुभारंभ के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव, रामकिशोर, रामकुशल, संजीव कुमार सिन्हा, त्रिभुवन नाथ पासवान, शिखा प्रधान समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ न्यायालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक अदालत में आए वादकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं। न्यायालय परिसर में बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर जिला जज ने भी सेल्फी ली।
प्राधिकरण के सचिव अरुण क्रांति यशोदास ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक, राजस्व, बैंक ऋण, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, वन, फौजदारी, चेक बाउंस, विद्युत अधिनियम समेत विभिन्न प्रकार के वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
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20 वैवाहिक वादों में हुआ समझौता
लोक अदालत में वैवाहिक विवादों के निस्तारण पर भी विशेष जोर रहा। पति-पत्नी के बीच चल रहे 20 वादों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। समझौता होने के बाद कई दंपती न्यायालय से साथ-साथ और मुस्कराते हुए बाहर निकले। लोक अदालत की इस पहल से परिवारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली। लोक अदालत में वादकारियों की पैरवी के लिए अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
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सुबह 10 बजे लोक अदालत के शुभारंभ के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव, रामकिशोर, रामकुशल, संजीव कुमार सिन्हा, त्रिभुवन नाथ पासवान, शिखा प्रधान समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ न्यायालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक अदालत में आए वादकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं। न्यायालय परिसर में बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर जिला जज ने भी सेल्फी ली।
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प्राधिकरण के सचिव अरुण क्रांति यशोदास ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक, राजस्व, बैंक ऋण, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, वन, फौजदारी, चेक बाउंस, विद्युत अधिनियम समेत विभिन्न प्रकार के वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
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20 वैवाहिक वादों में हुआ समझौता
लोक अदालत में वैवाहिक विवादों के निस्तारण पर भी विशेष जोर रहा। पति-पत्नी के बीच चल रहे 20 वादों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। समझौता होने के बाद कई दंपती न्यायालय से साथ-साथ और मुस्कराते हुए बाहर निकले। लोक अदालत की इस पहल से परिवारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली। लोक अदालत में वादकारियों की पैरवी के लिए अधिवक्ता भी मौजूद रहे।