फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   others in madhotanda pilibhit

हाथियों का झुंड और बढ़ा, अब गांव तक आने लगे

Sun, 06 Oct 2019 06:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 06:42 PM IST
विज्ञापन
others in madhotanda pilibhit
माधोटांडा(पीलीभीत)। शारदा नदी के पार हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। उनके झुंड में संख्या बढ़ती जा रही है। उधर, फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान रातभर जागने पर मजबूर हैं। अब हाथियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
विज्ञापन

शुक्रवार रात जंगल से बाहर निकलकर आए छह हाथियों ने गदर काटा। एक दिन पहले जिन पांच हाथियों ने धान की फसल रौंदी थी, वह कॉरिडोर से फिर नेपाल चले गए। वहां से अपने एक नए साथी को लेकर पीलीभीत की सीमा में दोबारा आकर फसल रौंदने लगे। आधी रात के बाद आए एक हाथी ने एक दर्जन ग्रामीणों की करीब चार एकड़ दायरे में लगी धान फसल को पैरों से रौंद दिया। हाथियों का उत्पात रोकने के लिए ग्रामीण एक जुट हुए और ट्रैक्टरों की सहायता से हाथियों को जंगल की ओर वापस किया। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने छह हाथी धान के खेतों में देखे। वह कई बार गांव की ओर भी बढ़े।
विज्ञापन

बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी पार तीन माह से नेपाल की ओर से आने वाले हाथियों की दहशत बरकरार है। लग्गा भग्गा के जंगल में रुककर हाथी रात होते ही ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव के आसपास पहुंचकर ग्रामीणों की फसल को उजाड़ रहे हैं। वन विभाग की ओर से निगरानी तो बढ़ाई गई, लेकिन हाथियों का स्वभाव का ध्यान रखते हुए पटाखे नहीं छोड़े जा रहे है। पटाखे दागते ही हाथी आक्रामक होकर हमलावर हो जाते हें। इधर धान की फसल पकने लगी है। गुरुवार रात हाथियों की संख्या दो से बढ़कर पहले तो पांच हुई। अगली ही रात में यह संख्या बढ़कर छह हो गई। ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के मंगल, नरायण ने बताया कि आधी रात के बाद हाथियों ने एक घंटे तक दो एकड़ धान की फसलों को पैरों से रौंद डाला। शोर शराबा करके और ट्रैक्टर की सहायता से उनको जंगल की ओर वापस किया गया। रात करीब दो बजे हाथी एक बार फिर फसलों की ओर आए गए और ग्रामीण चित्तो, राजू, सुरेंद्र, मोना व भीम समेत अन्य ग्रामीणों की दो एकड़ फसल का और नुकसान कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के रौंदने से धान के नुकसान का दायरा बढ़ रहा है। साल भर की मेहनत करने के बाद लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। लग्गा भग्गा चौकी पर तैनात तीन वाचर संसाधनों की कमी के चलते हाथियों की निगरानी करने से भी कतरा रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कॉरिडोर होने के चलते हाथी की आमद होती है। चहलकदमी पर वनकर्मी को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वभाव को ध्यान में रखते हुए हाथियों को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीके गोयल, बराही रेंजर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed