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दो लिपिकों के सहारे चल रही गन्ना समिति

Sun, 21 Feb 2016 11:37 PM IST
बीसलपुर।
बीसलपुर। Updated Sun, 21 Feb 2016 11:37 PM IST
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only two steno are working in the ganna samiti office
सहकारी गन्ना विकास समिति के क्षेत्र में किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, डालमियां शुगर मिल निगोही, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर और द्वारिकेश शुगर मिल फरीदपुर पड़ती हैं। इन सभी चीनी मिलों के 62 गन्ना क्रय केंद्रों पर सहकारी गन्ना विकास समिति का सीधा नियंत्रण है। इन 62 क्रय केंद्रों से लगभग 62 हजार किसान जुड़े हैं। इन किसानों को विभागीय योजनाओं से पूरी तरह से लाभांन्वित कराने की जिम्मेदारी सहकारी गन्ना विकास समिति की ही है। मानक के अनुरूप समिति कार्यालय में एक विशेष सचिव, एक सचिव, एक सहायक सचिव और 12 स्थाई लिपिक होने चाहिए। इसके सापेक्ष समिति में केवल एक सचिव और दो स्थाई लिपिक ही हैं। 15 स्थाई अधिकारियों, कर्मचारियों का कार्य तीन स्थाई लोग कैसे कर पाते हैं, बड़ी आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है। मानक के अनुरूप स्टाफ न होने के कारण सामयिक कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। ऐसे विपरीत परिस्थितियों में समिति का कामकाज प्रभावित होना और किसानों का परेशान होना स्वाभाविक है। यद्यपि संचालक मंडल और एजीएम की बैठक में हर बार कम स्टाफ का मुद्दा प्रमुखता के साथ उठाया जाता है। जागरूक किसान भी उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर समय समय पर आकर्षित कराते रहते हैं लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे किसानों में विभाग के प्रति रोष है। इस बावत समिति सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारी इस समस्या से बखूबी वाकिफ हैं।   
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