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Pilibhit News: सिर्फ छह दिन शेष... बजट खपाने में माथापच्ची तेज, अधूरे पड़े काम
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जिले में बाढ़ के समय कटे पुल-पुलियों का चल रहा निर्माण, कुछ कामों को नहीं मिल सकी स्वीकृति
पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने में सिर्फ छह दिन का समय शेष है। बीच में रामनवमी और रविवार का अवकाश भी है। सरकारी कार्यालयों में बजट खपाने के लिए माथापच्ची तेज हो गई है। बिल वाउचर बनाए जा रहे हैं। सुबह से देर शाम तक काम हो रहा है। कितना मिला और कितना खर्च हुआ का गुणा-भाग लगाया जा रहा है। हालांकि बजट खपाने में जुटे कई विभाग तय समय पर विभागीय काम पूरा नहीं करा पाए हैं। जिले के कई काम इस वित्तीय वर्ष में भी स्वीकृत नहीं हो सके। इनमें भगा मोहम्मदगंज पुल का काम प्रमुुख है। कुछ काम स्वीकृति मिलने के बाद भी अटके हैं।
बुधवार को विकास भवन के अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारी बिल बनाने में जुटे थे। जल्द से जल्द काम पूरा करने का उनपर दबाव नजर आया। यही नजारा मरौरी ब्लॉक में दिखा। यहां भी कर्मचारी काम में व्यस्त थे। अन्य विभागों का हाल भी यही है। सुबह 10 बजे आने वाले कर्मचारी देर शाम तक काम कर रहे हैं। कोषागार में भी इस समय बजट के बिल बाउचर फीड करने के काम की आपाधापी दिखी। सभी काउंटर पर कर्मचारी, विभागीय बिल में उलझे दिखे।
इन विभागों को मिला इतना बजट, खपत होनी है यह धनराशि
जिला कोषागार के अनुसार, लोक निर्माण विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 260 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। विभाग ने अब तक करीब 190 करोड़ खर्च किया है। 70 करोड़ की धनराशि अभी शेष है। इसी तरह बेसिक शिक्षा को वेतन व अन्य कार्यों को मिलाकर करीब 440 करोड़ रुपये आवंटित हुए। अब तक 432 करोड़ रुपये का उपभोग हो चुका है। आठ करोड़ शेष है। कृषि विभाग को करीब 20 करोड़ रुपये का बजट आया। अब तक 14 करोड़ रुपये खर्च हो हुए। छह करोड़ बकाया है। पुलिस विभाग ने भी 225 करोड़ में से 220 खर्च कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा को 100 करोड़ आवंटित हुए। 90 करोड़ खर्च करने के बाद 10 करोड़ अभी शेष है। बाढ़ परियोजनाओं के लिए विभाग को 100 करोड़ रुपये आवंटित हुए। अभी 20 करोड़ रुपये खर्च होना शेष है। इस तरह कुल मिलाकर 119 करोड़ रुपये खर्च होना शेष है।
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भगा मोहम्मदगंज मार्ग पर भी दिक्कतें बरकरार
वर्ष 2024 की जुलाई में आई बाढ़ से अमरिया क्षेत्र का भगा मोहम्मदगंज के पास देवहा नदी पर बना पुल कट गया था। विभाग ने पुल निर्माण के लिए डीपीआर बनाकर भेज दिया है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी नहीं मिली है। ग्रामीण बांस और बल्ली के सहारे अस्थाई पुल बनाकर आवागमन कर रहे हैं। बाइक सवार तो जोखिम के बीच गुजरने लगे, लेकिन बड़े वाहनों को लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। मार्ग कटने से करीब 30 गांवों के लोग प्रभावित हैं।
कुछ जगह काम शुरू, निर्माण अब तक अधूरा
मझोला-ड्यूनीडैम मार्ग के निर्माण को स्वीकृति करीब छह माह पहले मिली थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू कराया गया। नौ करोड़ रुपये से बनने वाली आठ किलोमीटर लंबी सड़क का काम अभी अधूरा है। जुलाई 2024 की बाढ़ में कटी पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग की पांच पुलियों का निर्माण भी हाल ही में शुरू हुआ है। यही हाल बीसलपुर क्षेत्र में है। बाढ़ के समय कटे पुल-पुलियों का काम अभी अधूरा है। हालांकि कुछ सड़कें बन गई हैं। संवाद
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वरिष्ठ कोषाधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष को लेकर काम तेजी से चल रहा है। विभागों से बिल आ रहे हैं। उन्हें फीड किया जा रहा है।
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पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने में सिर्फ छह दिन का समय शेष है। बीच में रामनवमी और रविवार का अवकाश भी है। सरकारी कार्यालयों में बजट खपाने के लिए माथापच्ची तेज हो गई है। बिल वाउचर बनाए जा रहे हैं। सुबह से देर शाम तक काम हो रहा है। कितना मिला और कितना खर्च हुआ का गुणा-भाग लगाया जा रहा है। हालांकि बजट खपाने में जुटे कई विभाग तय समय पर विभागीय काम पूरा नहीं करा पाए हैं। जिले के कई काम इस वित्तीय वर्ष में भी स्वीकृत नहीं हो सके। इनमें भगा मोहम्मदगंज पुल का काम प्रमुुख है। कुछ काम स्वीकृति मिलने के बाद भी अटके हैं।
बुधवार को विकास भवन के अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारी बिल बनाने में जुटे थे। जल्द से जल्द काम पूरा करने का उनपर दबाव नजर आया। यही नजारा मरौरी ब्लॉक में दिखा। यहां भी कर्मचारी काम में व्यस्त थे। अन्य विभागों का हाल भी यही है। सुबह 10 बजे आने वाले कर्मचारी देर शाम तक काम कर रहे हैं। कोषागार में भी इस समय बजट के बिल बाउचर फीड करने के काम की आपाधापी दिखी। सभी काउंटर पर कर्मचारी, विभागीय बिल में उलझे दिखे।
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इन विभागों को मिला इतना बजट, खपत होनी है यह धनराशि
जिला कोषागार के अनुसार, लोक निर्माण विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 260 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। विभाग ने अब तक करीब 190 करोड़ खर्च किया है। 70 करोड़ की धनराशि अभी शेष है। इसी तरह बेसिक शिक्षा को वेतन व अन्य कार्यों को मिलाकर करीब 440 करोड़ रुपये आवंटित हुए। अब तक 432 करोड़ रुपये का उपभोग हो चुका है। आठ करोड़ शेष है। कृषि विभाग को करीब 20 करोड़ रुपये का बजट आया। अब तक 14 करोड़ रुपये खर्च हो हुए। छह करोड़ बकाया है। पुलिस विभाग ने भी 225 करोड़ में से 220 खर्च कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा को 100 करोड़ आवंटित हुए। 90 करोड़ खर्च करने के बाद 10 करोड़ अभी शेष है। बाढ़ परियोजनाओं के लिए विभाग को 100 करोड़ रुपये आवंटित हुए। अभी 20 करोड़ रुपये खर्च होना शेष है। इस तरह कुल मिलाकर 119 करोड़ रुपये खर्च होना शेष है।
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भगा मोहम्मदगंज मार्ग पर भी दिक्कतें बरकरार
वर्ष 2024 की जुलाई में आई बाढ़ से अमरिया क्षेत्र का भगा मोहम्मदगंज के पास देवहा नदी पर बना पुल कट गया था। विभाग ने पुल निर्माण के लिए डीपीआर बनाकर भेज दिया है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी नहीं मिली है। ग्रामीण बांस और बल्ली के सहारे अस्थाई पुल बनाकर आवागमन कर रहे हैं। बाइक सवार तो जोखिम के बीच गुजरने लगे, लेकिन बड़े वाहनों को लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। मार्ग कटने से करीब 30 गांवों के लोग प्रभावित हैं।
कुछ जगह काम शुरू, निर्माण अब तक अधूरा
मझोला-ड्यूनीडैम मार्ग के निर्माण को स्वीकृति करीब छह माह पहले मिली थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू कराया गया। नौ करोड़ रुपये से बनने वाली आठ किलोमीटर लंबी सड़क का काम अभी अधूरा है। जुलाई 2024 की बाढ़ में कटी पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग की पांच पुलियों का निर्माण भी हाल ही में शुरू हुआ है। यही हाल बीसलपुर क्षेत्र में है। बाढ़ के समय कटे पुल-पुलियों का काम अभी अधूरा है। हालांकि कुछ सड़कें बन गई हैं। संवाद
वरिष्ठ कोषाधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष को लेकर काम तेजी से चल रहा है। विभागों से बिल आ रहे हैं। उन्हें फीड किया जा रहा है।