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Pilibhit News: 258 में सिर्फ 26.70 करोड़ धनराशि हो सकी जमा
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शहर का विघुत अधिशासी अभियंता कार्यालय।फाइल फोटो
प्रसून गंगवार रानू
पीलीभीत। विद्युत निगम की ओर से चलाई गई ओटीएस योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। योजना की अवधि समाप्त होने तक उपभोक्ताओं पर बकाया 258 करोड़ में सिर्फ 26 करोड़ 70 लाख रुपये ही जमा हुआ है। 232 करोड़ रुपये की बकायेदारी अब तक उपभोक्ताओं पर है।
दिसंबर में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) चलाई गई। तीन चरणों में संचालित इस योजना का उद्देश्य बकाया बिल में ब्याज माफी के साथ उपभोक्ताओं को राहत देना था। मगर योजना से विभाग को कुछ खास लाभ नहीं हुआ।पीलीभीत जिले को 258 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से विभाग 28 फरवरी तक महज 26 करोड़ 70 लाख का ही बकाया बिल जमा करा पाया है। जिले के 48125 उपभोक्ताओं ने ओटीएस का लाभ उठाया। जिले में अभी करीब 232 करोड़ रुपये का बिल भुगतान बकाया है।
समयावधि बढ़ी फिर भी ढर्रे पर नहीं आ सकी योजना
ओटीएस योजना 15 दिसंबर 2024 से शुरू हुई थी। इस योजना को तीन फेज में चलाया गया। पहला 15 दिसंबर से 31 दिसंबर, दूसरा एक जनवरी 2025 से 15 जनवरी और तीसरा चरण 16 जनवरी से 31 जनवरी तक। इसके बाद शासन स्तर से इस योजना का समय बढ़ाते हुए 28 फरवरी किया गया। इसके बाद भी योजना में बकाया बिल जमा करने की रफ्तार सुस्त ही रही।
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विभागीय आंकड़ों के हिसाब से दो लाख 53 हजार 111 उपभोक्ताओं पर 258 करोड़ की बकायेदारी थी। इनमें कई सरकारी विभाग में तैनात हैं। वहीं, कई बड़े नामचीन लोगों ने भी इसका लाभ नहीं लिया है।
वर्जन
ओटीएस योजना के तहत जगह-जगह कैंप लगाकर बिजली बकाया बिल जमा कराया गया है। जिन लोगों ने इसके बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया है। इसको लेकर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। -राजेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता।
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पीलीभीत। विद्युत निगम की ओर से चलाई गई ओटीएस योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। योजना की अवधि समाप्त होने तक उपभोक्ताओं पर बकाया 258 करोड़ में सिर्फ 26 करोड़ 70 लाख रुपये ही जमा हुआ है। 232 करोड़ रुपये की बकायेदारी अब तक उपभोक्ताओं पर है।
दिसंबर में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) चलाई गई। तीन चरणों में संचालित इस योजना का उद्देश्य बकाया बिल में ब्याज माफी के साथ उपभोक्ताओं को राहत देना था। मगर योजना से विभाग को कुछ खास लाभ नहीं हुआ।पीलीभीत जिले को 258 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से विभाग 28 फरवरी तक महज 26 करोड़ 70 लाख का ही बकाया बिल जमा करा पाया है। जिले के 48125 उपभोक्ताओं ने ओटीएस का लाभ उठाया। जिले में अभी करीब 232 करोड़ रुपये का बिल भुगतान बकाया है।
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समयावधि बढ़ी फिर भी ढर्रे पर नहीं आ सकी योजना
ओटीएस योजना 15 दिसंबर 2024 से शुरू हुई थी। इस योजना को तीन फेज में चलाया गया। पहला 15 दिसंबर से 31 दिसंबर, दूसरा एक जनवरी 2025 से 15 जनवरी और तीसरा चरण 16 जनवरी से 31 जनवरी तक। इसके बाद शासन स्तर से इस योजना का समय बढ़ाते हुए 28 फरवरी किया गया। इसके बाद भी योजना में बकाया बिल जमा करने की रफ्तार सुस्त ही रही।
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विभागीय आंकड़ों के हिसाब से दो लाख 53 हजार 111 उपभोक्ताओं पर 258 करोड़ की बकायेदारी थी। इनमें कई सरकारी विभाग में तैनात हैं। वहीं, कई बड़े नामचीन लोगों ने भी इसका लाभ नहीं लिया है।
वर्जन
ओटीएस योजना के तहत जगह-जगह कैंप लगाकर बिजली बकाया बिल जमा कराया गया है। जिन लोगों ने इसके बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया है। इसको लेकर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। -राजेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता।