{"_id":"5f7778cf8ebc3e27873352a0","slug":"nutrition-month-pilibhit-news-bly421951883","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय पोषण माह में पीलीभीत ने पाया पहला स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय पोषण माह में पीलीभीत ने पाया पहला स्थान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे की देखरेख में सितंबर में चलाए गए राष्ट्रीय पोषण माह में पीलीभीत ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि द्वितीय और तृतीय स्थान पर क्रमश: मेरठ और जौनपुर रहे। पोषण माह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन में जनपद के समस्त 1960 आंगनबाड़ी केंद्रों पर निगरानी कराई गई थी। पांच साल तक के 180514 बच्चों का पोषण स्तर डीएम की निगरानी में निर्धारित कराया गया। उनके वजन कराने के बाद अति कुपोषित बच्चों को कोविड-19 के दृष्टिगत सेवाएं प्रदान करने के लिए अनूठा प्रयोग किया गया था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि कुपोषित बच्चों के 434 परिवारों को नव स्थापित टेली-न्यूट्रीशन सेंटर के माध्यम से आठ ब्लॉकों पर घर बैठे पोषण परामर्श दिया गया। 15 दिन में 434 परिवारों को परामर्श सुविधा दी गई, जोकि अभी भी जारी है। इसी क्रम में रासायनिक खादों से उत्पादित फल सब्जियों के बजाय जैविक खाद का प्रयोग करते हुए 288 पोषण वाटिका की स्थापना प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में की गई थी।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि कुपोषित बच्चों के 434 परिवारों को नव स्थापित टेली-न्यूट्रीशन सेंटर के माध्यम से आठ ब्लॉकों पर घर बैठे पोषण परामर्श दिया गया। 15 दिन में 434 परिवारों को परामर्श सुविधा दी गई, जोकि अभी भी जारी है। इसी क्रम में रासायनिक खादों से उत्पादित फल सब्जियों के बजाय जैविक खाद का प्रयोग करते हुए 288 पोषण वाटिका की स्थापना प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में की गई थी।
विज्ञापन