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टाइगर रिजर्व में जल्द बढ़ेगी चीतलों की संख्या

Mon, 26 Jun 2017 10:16 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Mon, 26 Jun 2017 10:16 PM IST
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 पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चीतलों की संख्या में जल्द इजाफा होगा। आंवला के बंद हो रहे वन चेतना केंद्र के 147 चीतलों को पीलीभीत के जंगलों में छोड़ा जाएगा। विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। नौ जून 2014 को घोषित हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में यूं तो बाघ के साथ वन्यजीवों की पर्याप्त संख्या है। इसमें सर्वाधिक संख्या तृणभोजी पशुओं की है जिसमें हिरन प्रजाति बाघों का प्रिय भोजन है। जंगल में बाघों की बढ़ती संख्या के चलते यह माना जा रहा है कि तृणभोजी जीवों की संख्या धीरे धीरे घट रही है और शायद इसके चलते ही बाघ जंगल से बाहर आ रहे हैं। जंगल में तृणभोजी वन्यजीवों की संख्या में और बढ़ोत्तरी के लिए अब आंवला से चीतल (हिरन प्रजाति) को टाइगर रिजर्व में छोड़ने की योजना बनाई जा रही है। दरअसल आंवला स्थित वन चेतना केंद्र जल्द ही बंद होने जा रहा है। ऐसे में चेतना केंद्र में मौजूद 147 चीतलों को टाइगर रिजर्व में छोड़ने की तैयारी की गई थी। हालांकि पहले इन्हें जंगल से बाहर सामाजिक वानिकी क्षेत्र में छोड़ने पर विचार किया गया लेकिन हाल में बाघ के हमलों की बढ़ी संख्या को देखते हुए वनाधिकारियों ने इन चीतलों को टाइगर रिजर्व के जंगलों में ही छोड़ने का फैसला किया है।
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आईवीआरआई से होगा परीक्षण
आंवला के वन चेतना केेंद्र में मौजूद 147 चीतलों को टाइगर रिजर्व में छोड़ने से पहले मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए वन संरक्षक की ओर से आईवीआरआई को पत्र लिखा गया है। परीक्षण के बाद ही वन चेतना केंद्र के चीतलों को पीलीभीत लाया जाएगा।
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