{"_id":"575d970a4f1c1b273e11b8b3","slug":"now-the-farm-pond-dug-on-the-grant","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब खेतों में तालाब खुदवाने पर अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब खेतों में तालाब खुदवाने पर अनुदान
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sun, 12 Jun 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगातार गिरते जलस्तर को रोकने के लिए अब कृषि विभाग ने खेत तालाब योजना शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के डार्क जोन क्षेत्रों में किसान अपने खेतों पर तालाब खुदवा सकते हैं। तालाब खुदवाने में आने वाली लागत की आधी कृषि विभाग अनुदान पर उपलब्ध कराएगा।
पानी के अंधाधुंध दोहन से भूगर्भ जलस्तर में गिरावट आ रही है। प्रदेश के कई जनपदों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिन्हें डार्क जोन घोषित किया गया है। पानी के गिरते जलस्तर पर अंकुश लगाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत मनरेगा से पूरे प्रदेश में तालाब खुदवा रही है। वहीं, अब कृषि विभाग ने भी किसानों को इसके प्रति जागरूक करते हुए जल संरक्षण को प्रेरित किया है। इसके लिए कृषि विभाग ने खेत तालाब योजना शुरू की है। इसके तहत इच्छुक किसान कृषि विभाग के सहयोग से अपने खेतों में तालाब खुदवा सकते हैं। तालाब खुदवाने में आने वाली लागत किसान को अपनी जेब से खर्च करनी होगी। काम पूरा होने पर लागत की आधी धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचेगी।
दो तरह के बनेंगे तालाब
खेत तालाब योजना के तहत शासन ने दो तालाबों का आकार निर्धारित किया है। इसमें 22 मीटर गुणा 30 गुणा तीन मीटर तालाब पर 1.08 लाख और 35 गुणा 30 गुणा तीन मीटर के तालाब पर 1.45 लाख खर्च निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
जेसीबी का भी कर सकते हैं प्रयोग
तालाब खुदाई कराने वाले किसानों के लिए सरकार ने सहूलियत दी है। वे इसका निर्माण मजदूर लगाकर करा सकते हैं। जरूरत पड़े तो जेसीबी का उपयोग भी किया जा सकता है।
भूगर्भ के गिरते जलस्तर पर अंकुश लगाने के लिए खेत तालाब योजना शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को 50 प्रतिशत धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषकर डार्क जोन के किसान इसका लाभ ले सकते हैं।
- संतोष कुमार खरे, अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र)
विज्ञापन
पानी के अंधाधुंध दोहन से भूगर्भ जलस्तर में गिरावट आ रही है। प्रदेश के कई जनपदों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिन्हें डार्क जोन घोषित किया गया है। पानी के गिरते जलस्तर पर अंकुश लगाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत मनरेगा से पूरे प्रदेश में तालाब खुदवा रही है। वहीं, अब कृषि विभाग ने भी किसानों को इसके प्रति जागरूक करते हुए जल संरक्षण को प्रेरित किया है। इसके लिए कृषि विभाग ने खेत तालाब योजना शुरू की है। इसके तहत इच्छुक किसान कृषि विभाग के सहयोग से अपने खेतों में तालाब खुदवा सकते हैं। तालाब खुदवाने में आने वाली लागत किसान को अपनी जेब से खर्च करनी होगी। काम पूरा होने पर लागत की आधी धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचेगी।
विज्ञापन
दो तरह के बनेंगे तालाब
खेत तालाब योजना के तहत शासन ने दो तालाबों का आकार निर्धारित किया है। इसमें 22 मीटर गुणा 30 गुणा तीन मीटर तालाब पर 1.08 लाख और 35 गुणा 30 गुणा तीन मीटर के तालाब पर 1.45 लाख खर्च निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
जेसीबी का भी कर सकते हैं प्रयोग
तालाब खुदाई कराने वाले किसानों के लिए सरकार ने सहूलियत दी है। वे इसका निर्माण मजदूर लगाकर करा सकते हैं। जरूरत पड़े तो जेसीबी का उपयोग भी किया जा सकता है।
भूगर्भ के गिरते जलस्तर पर अंकुश लगाने के लिए खेत तालाब योजना शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को 50 प्रतिशत धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषकर डार्क जोन के किसान इसका लाभ ले सकते हैं।
- संतोष कुमार खरे, अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र)