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नोटबंदी व अव्यवस्थाओं ने घटाई टाइगर रिजर्व की आय
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा/ पीलीभीत।
Updated Fri, 16 Dec 2016 10:58 PM IST
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टाइगर रिजर्व
- फोटो : अमर उजाला
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एक महीने में 1.68 लाख रुपये की हुई आमदनी
टाइगर रिजर्व को खुले एक माह गुरुवार को पूरा हो गया। इस एक माह में कुल 172 पर्यटक ही यहां पहुंचे, जिनसे मात्र 1.68 लाख की आमदनी टाइगर रिजर्व को हुई, जो पिछले वर्ष से काफी कम है। टाइगर रिजर्व की घटी आमदनी के पीछे नोटबंदी और अव्यवस्थाएं मानी जा रही है।
जिले का प्रमुख पर्यटक केंद्र टाइगर रिजर्व 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए खोला गया था। पर्यटन सीजन प्रारंभ होने से पहले इसमें जिप्सी, ऑनलाइन बुकिंग, वर्दी में सजे गाइड सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। कहा गया था कि गेट नंबर तीन से सिर्फ जिप्सी का प्रयोग कर ही पर्यटक चूका बीच जा सकेंगे, लेकिन 15 नवंबर से पूर्व किए गए दावे सीजन चालू होने पर धराशायी नजर आए। किराया अधिक होने एवं समय से उपलब्ध न होने के कारण जिप्सियां पर्यटकों को रास नहीं आईं। इससे उन्होंने अपने वाहनों का प्रयोग करना बेहतर समझा। वहीं गाइड आदि भी वर्दी में नजर नहीं आए। ऑन लाइन बुकिंग व्यवस्था की जानकारी न होने के चलते कई बार पर्यटकों को परेशान होना पड़ा। अव्यवस्थाओं के साथ ही नोटबंदी का असर भी चूका स्पॉट पर देखा गया। यही कारण है कि गत वर्ष एक माह में दो लाख से अधिक की आय के सापेक्ष इस बार मात्र 1.68 लाख रुपये ही अब तक टाइगर रिजर्व के खाते में पहुंच सकी हैं।
मात्र 24 थारू और नौ ट्री हट हुए बुक
चूका स्पॉट में पर्यटकों के ठहरने के लिए चार थारू हट के अलावा एक ट्री हट, बैम्बू हट व अरण्य कुटी है। मगर एक माह में अधिकांश दिनों में यह हट खाली रहे। आंकड़ों की बात करें तो एक माह में मात्र 24 पर्यटकों ने थारू हट, नौ ने ट्री हट, पांच ने बैम्बू हट और पांच ने अरण्य कुटी बुक कराई।
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पर्यटकों को नहीं भायी जिप्सियां
पर्यटकों के भ्रमण के लिए वन विभाग ने इस बार जिप्सियों की व्यवस्था की है। इसका किराया 18 सौ रुपये रखा गया है, लेकिन यदि कोई पर्यटक रात्रि विश्राम करता है तो जिप्सी उसे चूका में छोड़कर चली आती है। इससे पर्यटकों को सुबह वापस आने को जिप्सी पहुंचने का इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते एक माह में मात्र 24 बार ही जिप्सी बुक की गईं। जबकि 32 चौपहिया और 54 बाइक व एक बस का प्रयोग पर्यटकों ने किया।
चूका में पर्यटकों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। अभी सीजन शुरू हुआ है। ठंड कम होने पर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व को खुले एक माह गुरुवार को पूरा हो गया। इस एक माह में कुल 172 पर्यटक ही यहां पहुंचे, जिनसे मात्र 1.68 लाख की आमदनी टाइगर रिजर्व को हुई, जो पिछले वर्ष से काफी कम है। टाइगर रिजर्व की घटी आमदनी के पीछे नोटबंदी और अव्यवस्थाएं मानी जा रही है।
जिले का प्रमुख पर्यटक केंद्र टाइगर रिजर्व 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए खोला गया था। पर्यटन सीजन प्रारंभ होने से पहले इसमें जिप्सी, ऑनलाइन बुकिंग, वर्दी में सजे गाइड सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। कहा गया था कि गेट नंबर तीन से सिर्फ जिप्सी का प्रयोग कर ही पर्यटक चूका बीच जा सकेंगे, लेकिन 15 नवंबर से पूर्व किए गए दावे सीजन चालू होने पर धराशायी नजर आए। किराया अधिक होने एवं समय से उपलब्ध न होने के कारण जिप्सियां पर्यटकों को रास नहीं आईं। इससे उन्होंने अपने वाहनों का प्रयोग करना बेहतर समझा। वहीं गाइड आदि भी वर्दी में नजर नहीं आए। ऑन लाइन बुकिंग व्यवस्था की जानकारी न होने के चलते कई बार पर्यटकों को परेशान होना पड़ा। अव्यवस्थाओं के साथ ही नोटबंदी का असर भी चूका स्पॉट पर देखा गया। यही कारण है कि गत वर्ष एक माह में दो लाख से अधिक की आय के सापेक्ष इस बार मात्र 1.68 लाख रुपये ही अब तक टाइगर रिजर्व के खाते में पहुंच सकी हैं।
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मात्र 24 थारू और नौ ट्री हट हुए बुक
चूका स्पॉट में पर्यटकों के ठहरने के लिए चार थारू हट के अलावा एक ट्री हट, बैम्बू हट व अरण्य कुटी है। मगर एक माह में अधिकांश दिनों में यह हट खाली रहे। आंकड़ों की बात करें तो एक माह में मात्र 24 पर्यटकों ने थारू हट, नौ ने ट्री हट, पांच ने बैम्बू हट और पांच ने अरण्य कुटी बुक कराई।
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पर्यटकों को नहीं भायी जिप्सियां
पर्यटकों के भ्रमण के लिए वन विभाग ने इस बार जिप्सियों की व्यवस्था की है। इसका किराया 18 सौ रुपये रखा गया है, लेकिन यदि कोई पर्यटक रात्रि विश्राम करता है तो जिप्सी उसे चूका में छोड़कर चली आती है। इससे पर्यटकों को सुबह वापस आने को जिप्सी पहुंचने का इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते एक माह में मात्र 24 बार ही जिप्सी बुक की गईं। जबकि 32 चौपहिया और 54 बाइक व एक बस का प्रयोग पर्यटकों ने किया।
चूका में पर्यटकों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। अभी सीजन शुरू हुआ है। ठंड कम होने पर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व