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सूचनाएं न देने वाले मदरसे सुविधाओं से होंगे वंचित
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Wed, 14 Jun 2017 07:03 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन फीडिंग को जिले के करीब सौ मदरसों से 35 बिंदुओं पर सूचनाएं नहीं मिली हैं। 15 जून तक सूचनाएं उपलब्ध न कराने पर संबंधित मदरसों को अस्तित्व विहीन मानकर सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।
जिले में संचालित हो रहे मदरसों का डाटा बेसिक शिक्षा विभाग में फीड कर ऑनलाइन किया जाना है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के माध्यम से 35 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी गई थीं। जिले में पंजीकृत लगभग 264 मदरसों में से कुछ ने ही सूचनाएं उपलब्ध कराई थीं। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लिखा पढ़ी किए जाने पर अल्पसंख्यक विभाग ने पुन: सभी मदरसों को नोटिस देकर 15 जून तक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जिले में लगभग 100 मदरसों की सूचनाएं जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को नहीं मिली हैं। इस पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार ने सूचनाएं न देने वालों को आगाह किया है कि यदि निर्धारित प्रारूप पर बृहस्पतिवार तक सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई तो यह माना जाएगा कि संबंधित मदरसे अस्तित्व में नहीं है और खत्म मानकर शासन से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।
मदरसों की संख्या में भी अंतर
मदरसों के बहाने बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। शायद यही कारण है कि अल्पसंख्यक विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग में इनकी संख्या में भारी अंतर है। अल्पसंख्यक विभाग की माने तो जिले में 264 मदरसे हैं जबकि बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में मदरसों की संख्या 321 है। सूत्रों की मानें कई मदरसों ने कक्षा एक से पांच की पहले मिली मान्यता और बाद में हासिल हुई कक्षा आठ तक की मान्यता को अलग-अलग दर्शाया है जबकि दोनों को एक ही गिना जाना चाहिए। शायद इन्हीं गड़बडिय़ों के चलते सूचनाएं देने से प्रबंधनतंत्र कतरा रहा है।
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जिले में संचालित हो रहे मदरसों का डाटा बेसिक शिक्षा विभाग में फीड कर ऑनलाइन किया जाना है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के माध्यम से 35 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी गई थीं। जिले में पंजीकृत लगभग 264 मदरसों में से कुछ ने ही सूचनाएं उपलब्ध कराई थीं। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लिखा पढ़ी किए जाने पर अल्पसंख्यक विभाग ने पुन: सभी मदरसों को नोटिस देकर 15 जून तक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जिले में लगभग 100 मदरसों की सूचनाएं जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को नहीं मिली हैं। इस पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार ने सूचनाएं न देने वालों को आगाह किया है कि यदि निर्धारित प्रारूप पर बृहस्पतिवार तक सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई तो यह माना जाएगा कि संबंधित मदरसे अस्तित्व में नहीं है और खत्म मानकर शासन से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।
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मदरसों की संख्या में भी अंतर
मदरसों के बहाने बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। शायद यही कारण है कि अल्पसंख्यक विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग में इनकी संख्या में भारी अंतर है। अल्पसंख्यक विभाग की माने तो जिले में 264 मदरसे हैं जबकि बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में मदरसों की संख्या 321 है। सूत्रों की मानें कई मदरसों ने कक्षा एक से पांच की पहले मिली मान्यता और बाद में हासिल हुई कक्षा आठ तक की मान्यता को अलग-अलग दर्शाया है जबकि दोनों को एक ही गिना जाना चाहिए। शायद इन्हीं गड़बडिय़ों के चलते सूचनाएं देने से प्रबंधनतंत्र कतरा रहा है।
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