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Pilibhit News: जटपुरा से लापता बालिका का नहीं लगा सुराग
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हरीपुर के जंगल में बालिका को तलाश करते वनकर्मी व ग्रामीण। स्रोत-ग्रामीण
पूरनपुर। हरीपुर रेंज के जंगल से सटे गांव जटपुरा के गोधन लाल की छह साल की पुत्री अंशिका बृहस्पतिवार शाम को लापता हुई। दूसरे दिन भी उसका सुराग नहीं लग सका। वन और पुलिस विभाग की टीमों के अलावा गांव के तमाम लोग जंगल और आसपास बालिका की तलाश में जुटी रहे। डॉग स्क्वायड भी बुलाया गया। बालिका की मां मीरा देवी ने घटना की तहरीर पुलिस को दी है।
गोधनलाल की पुत्री अंशिका को उसके घर के पड़ोस में रहने वाला महेंद्र बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गांव से करीब 20 मीटर दूर तिराहा पर यह कहकर छोड़ गया था कि उसकी मां मीरा देवी भारामल बाबा स्थल के समीप पशु चरा रहीं, उनके पास चली जाए। महेंद्र जंगल की ओर चला गया। बालिका न तो अपनी मां के पास पहुंची और न ही वापस घर। परिजन और गांव के लोग जब बालिका की तलाश को पहुंचे, तब जिस स्थान पर बालिका को छोड़ा गया था। उससे कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा। बालिका को तेंदुआ के उठा ले जाने का शोर मचा। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक बालिका का सुराग नहीं लगा।
बृहस्पतिवार शाम को ही बालिका की मां मीरा देवी ने घटना की तहरीर पुलिस को दी। शुक्रवार को दूसरे दिन सुबह छह बजे ही गांव के लोग, पुलिस और वन विभाग की टीम बालिका की तलाश में जुटी। जंगल, आसपास गन्ना के खेतों में बालिका की तलाश की गई। विधायक बाबूराम पासवान, तहसीलदार आशीष गुप्ता, नायब तहसीलदार अभिषेक त्रिपाठी भी पहुंचे। बालिका का सुराग न लगने पर दोपहर को डॉग स्क्वायड बुलाया गया।
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खोजी कुत्ते को बालिका के घर ले जाकर कपड़े सुंघाकर छोड़ा गया। खोजी कुत्ता पहले गांव के समीप एक तालाब के पास तक और बाद में गांव के उत्तर जाकर रुक गया। बहरहाल शुक्रवार शाम तक बालिका का सुराग नहीं लग सका। सामाजिक वानिकी के रेंजर सोबरन लाल ने बताया कि बालिका को तेंदुआ ले गया, यह स्पष्ट नहीं है। घटना स्थल के समीप तेंदुआ के पेजों के निशान तो मिले है। पंजों के निशान बृहस्पतिवार या इससे पहले के है, यह स्पष्ट नहीं है। संवाद
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गोधनलाल की पुत्री अंशिका को उसके घर के पड़ोस में रहने वाला महेंद्र बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गांव से करीब 20 मीटर दूर तिराहा पर यह कहकर छोड़ गया था कि उसकी मां मीरा देवी भारामल बाबा स्थल के समीप पशु चरा रहीं, उनके पास चली जाए। महेंद्र जंगल की ओर चला गया। बालिका न तो अपनी मां के पास पहुंची और न ही वापस घर। परिजन और गांव के लोग जब बालिका की तलाश को पहुंचे, तब जिस स्थान पर बालिका को छोड़ा गया था। उससे कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा। बालिका को तेंदुआ के उठा ले जाने का शोर मचा। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक बालिका का सुराग नहीं लगा।
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बृहस्पतिवार शाम को ही बालिका की मां मीरा देवी ने घटना की तहरीर पुलिस को दी। शुक्रवार को दूसरे दिन सुबह छह बजे ही गांव के लोग, पुलिस और वन विभाग की टीम बालिका की तलाश में जुटी। जंगल, आसपास गन्ना के खेतों में बालिका की तलाश की गई। विधायक बाबूराम पासवान, तहसीलदार आशीष गुप्ता, नायब तहसीलदार अभिषेक त्रिपाठी भी पहुंचे। बालिका का सुराग न लगने पर दोपहर को डॉग स्क्वायड बुलाया गया।
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खोजी कुत्ते को बालिका के घर ले जाकर कपड़े सुंघाकर छोड़ा गया। खोजी कुत्ता पहले गांव के समीप एक तालाब के पास तक और बाद में गांव के उत्तर जाकर रुक गया। बहरहाल शुक्रवार शाम तक बालिका का सुराग नहीं लग सका। सामाजिक वानिकी के रेंजर सोबरन लाल ने बताया कि बालिका को तेंदुआ ले गया, यह स्पष्ट नहीं है। घटना स्थल के समीप तेंदुआ के पेजों के निशान तो मिले है। पंजों के निशान बृहस्पतिवार या इससे पहले के है, यह स्पष्ट नहीं है। संवाद