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नहीं मिली बाघ की लोकेशन, निगरानी में जुटी हैं कई टीमें
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माधोटांडा। जंगल से बाहर हरदोई ब्रांच नहर सीमा में दो दिन से डेरा जमाए बाघ की बृहस्पतिवार को भले ही कोई लोकेशन न मिली हो, मगर सामाजिक वानिकी प्रभाग और टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें दिन भर निगरानी में जुटी रहीं। गुरुवार शाम सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और वनकर्मियों को निगरानी करने के निर्देश दिए।
कस्बे के समीप स्थित खारजा नहर और हरदोई ब्रांच नहर के पास का इलाका बाघों का गढ़ बनता जा रहा है। यहां पिछले एक माह से बाघों की चहलकदमी देखी जा रही है। पिछले दो दिन से हरदोई ब्रांच नहर की पटरी पर कलीनगर-चित्तपुर मार्ग पर बाघ की मौजूदगी देखी गई थी। बाघ की निगरानी को लेकर सामाजिक वानिकी और टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को पूरे दिन बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली। शाम को सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे। टीमों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने लगातार निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए। बाघ की मौजूदगी के चलते किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है। फिलहाल टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं।
दोनों नहरों में पानी छोड़कर बाघ
को जंगल में खदेड़ने की योजना
खारजा और हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र में लगातार हो रही बाघों की चहलकदमी को लेकर सामाजिक वानिकी प्रभाग प्रशासन ने बाघ को खदेड़ने की योजना तैयार की है। सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार का मानना है कि यदि दोनों सूखी पड़ी नहरों में पानी छोड़ा जाए तो संभव है कि बाघ जंगल की ओर लौट जाए। इसको लेकर वह शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से मिलेंगे।
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कस्बे के समीप स्थित खारजा नहर और हरदोई ब्रांच नहर के पास का इलाका बाघों का गढ़ बनता जा रहा है। यहां पिछले एक माह से बाघों की चहलकदमी देखी जा रही है। पिछले दो दिन से हरदोई ब्रांच नहर की पटरी पर कलीनगर-चित्तपुर मार्ग पर बाघ की मौजूदगी देखी गई थी। बाघ की निगरानी को लेकर सामाजिक वानिकी और टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को पूरे दिन बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली। शाम को सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे। टीमों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने लगातार निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए। बाघ की मौजूदगी के चलते किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है। फिलहाल टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं।
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दोनों नहरों में पानी छोड़कर बाघ
को जंगल में खदेड़ने की योजना
खारजा और हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र में लगातार हो रही बाघों की चहलकदमी को लेकर सामाजिक वानिकी प्रभाग प्रशासन ने बाघ को खदेड़ने की योजना तैयार की है। सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार का मानना है कि यदि दोनों सूखी पड़ी नहरों में पानी छोड़ा जाए तो संभव है कि बाघ जंगल की ओर लौट जाए। इसको लेकर वह शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से मिलेंगे।
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