फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   No indicators to prevent accidents on the highway, potholes in many places

हाईवे पर हादसे रोकने के लिए नहीं हैं संकेतक, कई स्थानों पर गड्ढे, खतरा बरकरार, जिम्मेदार हैं मौन

Sat, 25 Jun 2022 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
No indicators to prevent accidents on the highway, potholes in many places
असम हाईव पर चौड़ाई कम होने के बाद भी नहीं भरा गया गड्ढा। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। हाईवे पर हादसों की रोकथाम के लिए कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर पीली पट्टी, रेडियम लाइटों की भी व्यवस्था नहीं है। असम हाईवे की चौड़ाई तो बड़ा दी गई, मगर गड्ढा नहीं भरे गए। शाहजहांपुर हाईवे पर खमरिया मोड़ के पास बड़ा गड्ढा कई हादसों की वजह बन चुका है, मगर उसे सही नहीं कराया गया। बड़े हादसों से भी सबक नहीं लिया जा रहा है।
विज्ञापन

जिले से तीन हाईवे गुजर रहे हैं। इनसें असम हाईवे, टनकपुर-शाहजहांपुर हाईवे और हरिद्वार हाईवे शामिल हैं। इन सड़कों को हाईवे का दर्जा तो मिल गया, मगर मानक अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं। हाईवे होने से वाहनों की स्पीड तो बढ़ गई, मगर हादसों के रोकथाम के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। यहां तक कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का जिले में एक भी अधिकारी नहीं बैठता।
विज्ञापन

असम हाईवे पर लगातार बड़े हादसे हो रहे हैं। हाईवे से लिंक रोड मोड़ पर भी कोई संकेतक बोर्ड और पहचान चिह्न नहीं बनाया गया। कई स्थानों पर साइड पट्टी तक नहीं है। हाईवे पर रेडियम लाइट लगाने के भी प्रयास नहीं किए गए हैं। इससे हादसों डर बना रहता है। वहीं, टनकपुर हाईवे शहर के बीच से गुजर रहा है। शहर के अंदर रोड के गड्ढे तो भर दिए गए, मगर फुटपाथ नहीं बनवाया गया। इससे फुटपाथ से सड़क की ऊंचाई काफी हो गई है। इस हाईवे के चौराहों पर शहर के अंदर फोर्स तैनात कर दी गई, मगर पुलिसकर्मी हादसों को लेकर गंभीर नहीं हैं। चौराहों से बेतरतीब वाहन दिनभर गुजरते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस लापरवाही से एक माह पहले गौहनिया चौराहे पर एक महिला और डिग्री कॉलेज चौराहे पर एक महिला हादसे में जान गवां चुकी है। वहीं इस हाईवे से शाहजहांपुर की ओर खमरिया मोड़ पर काफी गहरा गड्ढा है। एक माह पहले इसी गड्ढे के कारण एक रेलवेकर्मी जान गंवा चुका है और कई हादसों में लोग चोटिल हो चुके है। हरिद्वार हाईवे पर जहानाबाद से पहले पुल पर कई बार हादसे हो चुके हैं। अक्सर ट्रक फंस जाते हैं। निसरा के पास भी आए दिन हादसे होते है, मगर इस समस्या को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है।
नियमों के पालन से हादसों लाई जा सकती है कमी
- चालक लगातार वाहन चलाने से बचें। आराम करने, पर्याप्त नींद लें और आंखों की जांच कराएं।
- गति और अन्य मुख्य नियंत्रणों की रिकार्डिंग की वाहन में सुविधा होनी चाहिए।
- वाहनों में अगर कैमरे की सुविधा होती है, तो दुर्घटना के बाद कारण पता किया जा सकता है।
- ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित करते हुए एक्सीडेंट जोन बनाकर निगरानी बढ़ाई जाए ।
- सड़कों का वार्षिक ऑडिट किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी से कराया जाए। रिपोर्ट सड़क एजेंसी की वेबसाइट पर अपलोड की जाए।
- व्यावसायिक और यात्री वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच सभी टोल प्लाजा पर अनिवार्य कर दी जाए।
- ओवर स्पीड और ओवरलोडिंग पर तत्काल कार्रवाई की जाए। जिससे वाहन चालक मानक के अनुसार सड़क पर चलें।
- कहीं भी कोई भी चालक नियमों का उल्लंघन करे तो उसके लाइसेंस का निरस्तीकरण करने की प्रकिया शुरू की जाए।
रात में चालक को अधिक होती है थकान
शाम को लाइट की रोशनी आंखों पर पड़ने से वाहन चालक को अधिक थकान महसूस होती है। इससे चालक 150 से 200 किलोमीटर या फिर दो से ढाई घंटा वाहन चलाने के बाद रुककर आराम जरूर करें। रात में वाहन चलाने से चालक बचें। अगर आपात स्थित में जाना हो तो दो ड्राइवर होने चाहिए।
पिकअप और लोडर नहीं है यात्री वाहन, होगी कार्रवाई
पिकअप और लोडर यात्री वाहन नहीं हैं। इसके बाद भी लोग किराए पर इन वाहनों में यात्रा करते हैं। यात्री भी क्षमता से अधिक बैठते हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनएचएआई के साथ परिवहन विभाग करेगा मंथन
गजरौला में हादसे के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी एनएचएआई के अभियंताओं के साथ मंथन करेंगे। सभी हाईवे का सर्वे किया जाएगा। अगर कहीं कोई खामी मिलती है, तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।

लोडर वाहनों में यात्री नहीं बैठाने दिए जाएंगे। एनएचएआई के अभियंताओं के साथ सड़कों की सर्वे की जाएगी। अगर कहीं कोई समस्या मिलती है, तो उसे सही कराया जाएगा। लोडर वाहनों में यात्री मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed