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Pilibhit News: तीन गोवंशों की मौत के मामले में एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं
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पीलीभीत। बरखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मूसेपुर में गोशाला में तीन गोवंशों की मौत के एक सप्ताह बाद भी ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके लिए डीएम ने आदेश जारी किया है, लेकिन जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
बरखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मूसेपुर की गोशाला में 26 मार्च को करीब तीन गोवंशों की मौत हो गई। मामले की सूचना पर विभागीय अफसरों सहित पशुचिकित्साधिकारी अन्य लोग पहुंचे। यहां तीन गोवंशों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई, जबकि कई अन्य पशु बीमारी की हालत में मिले। मामले की जानकारी पर डीएम ने पूरे मामले में जांच के निर्देश देते हुए ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भी एक सप्ताह बीत जाने के बाद संबंधित सचिव पर विभागीय स्तर से कार्रवाई नहीं की जा सकी, जबकि सबंधित ग्राम पंचायतों के विकास कार्याें के नाम पर गोलमाल किए जाने को लेकर लंबे समय से शिकायतें भी होती रही हैं।
सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। ग्राम विकास अधिकारी पर जल्द विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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जारी किया कारण बताओ नोटिस
डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि ग्राम पंचायत में तैनात कर्मचारी ग्राम विकास अधिकारी हैं। ऐसे में उनके स्तर से कार्रवाई नहीं की जा सकती है, जबकि डीएम के निर्देश पर गोशाला में अव्यवस्थाएं मिलने पर संबंधित सचिव के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संवाद
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बरखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मूसेपुर की गोशाला में 26 मार्च को करीब तीन गोवंशों की मौत हो गई। मामले की सूचना पर विभागीय अफसरों सहित पशुचिकित्साधिकारी अन्य लोग पहुंचे। यहां तीन गोवंशों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई, जबकि कई अन्य पशु बीमारी की हालत में मिले। मामले की जानकारी पर डीएम ने पूरे मामले में जांच के निर्देश देते हुए ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भी एक सप्ताह बीत जाने के बाद संबंधित सचिव पर विभागीय स्तर से कार्रवाई नहीं की जा सकी, जबकि सबंधित ग्राम पंचायतों के विकास कार्याें के नाम पर गोलमाल किए जाने को लेकर लंबे समय से शिकायतें भी होती रही हैं।
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सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। ग्राम विकास अधिकारी पर जल्द विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जारी किया कारण बताओ नोटिस
डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि ग्राम पंचायत में तैनात कर्मचारी ग्राम विकास अधिकारी हैं। ऐसे में उनके स्तर से कार्रवाई नहीं की जा सकती है, जबकि डीएम के निर्देश पर गोशाला में अव्यवस्थाएं मिलने पर संबंधित सचिव के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संवाद
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