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नवागत डीएम के खौफ से अफसर- कर्मचारी अलर्ट नजर आए
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पीलीभीत। नए डीएम पुलकित खरे के चार्ज लेते ही प्रशासन का माहौल बदला सा नजर आने लगा है। डीएम ने चार्ज लेते ही शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और फरियादियों की समस्याओं का समय रहते निस्तारण कराने पर जोर देने की सीख मातहतों को दी थी। इसका असर अगले ही दिन कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक दिखाई दिया। डीएम भले ही खुद भारत-नेपाल सीमा पर अधिकारियों की होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए लखीमपुर चले गए। मगर, इसके बाद भी मातहत काम पर ध्यान देते दिखाई दिए। फरियादियों में भी सिस्टम में बदलाव की उम्मीद दिखी।
सोमवार की शाम डीएम पुलकित खरे ने कार्यभार ग्रहण करते ही कहा था कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा। किसी काम को बेवजह कोई कर्मचारी लटकाएगा तो वह बर्दाश्त नहीं होगा। फरियादियों की समस्याओं को लेकर भी गंभीरता बरतने के निर्देश मातहतों को दिए थे। मंगलवार को पहले ही दिन इसका अगले ही दिन असर दिखा। डीएम और एसपी समेत कुछ अन्य अफसर लखीमपुर खीरी में हुई भारत-नेपाल सीमा से जुड़ी बैठक में गए थे। मगर मातहत खौफ में थे। कलक्ट्रेट में सभी कर्मचारी सुबह 10 बजे ही अपनी सीटों पर पहुंच गए। कलक्ट्रेट और विकास भवन के अधिकारी भी पूरे दिन कामकाज में व्यस्त दिखे। वे विभागीय कार्यों के साथ ही फरियादियों की शिकायत भी सुनते रहे। बाबू भी जरूरी फाइलें लेकर दौड़ लगाते नजर आए। दोपहर 12 बजे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके गर्ग स्टाफ के साथ गोशालाओं संबंधी कार्यों को लेकर मंथन करते मिले। सहकारिता, डूडा समेत अन्य कार्यालयों में भी अफसर कर्मचारी कामकाज में जुटे रहे।
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सोमवार की शाम डीएम पुलकित खरे ने कार्यभार ग्रहण करते ही कहा था कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा। किसी काम को बेवजह कोई कर्मचारी लटकाएगा तो वह बर्दाश्त नहीं होगा। फरियादियों की समस्याओं को लेकर भी गंभीरता बरतने के निर्देश मातहतों को दिए थे। मंगलवार को पहले ही दिन इसका अगले ही दिन असर दिखा। डीएम और एसपी समेत कुछ अन्य अफसर लखीमपुर खीरी में हुई भारत-नेपाल सीमा से जुड़ी बैठक में गए थे। मगर मातहत खौफ में थे। कलक्ट्रेट में सभी कर्मचारी सुबह 10 बजे ही अपनी सीटों पर पहुंच गए। कलक्ट्रेट और विकास भवन के अधिकारी भी पूरे दिन कामकाज में व्यस्त दिखे। वे विभागीय कार्यों के साथ ही फरियादियों की शिकायत भी सुनते रहे। बाबू भी जरूरी फाइलें लेकर दौड़ लगाते नजर आए। दोपहर 12 बजे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके गर्ग स्टाफ के साथ गोशालाओं संबंधी कार्यों को लेकर मंथन करते मिले। सहकारिता, डूडा समेत अन्य कार्यालयों में भी अफसर कर्मचारी कामकाज में जुटे रहे।
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