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न ईंट भट्ठा चलाएंगे और न देंगे सरकार को कोई कर

Wed, 30 Sep 2015 11:01 PM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Wed, 30 Sep 2015 11:01 PM IST
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Neither run nor brick kiln The government will tax

पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र की बाध्यता के विरोध में मंडल भर के ईंट निर्माताओं की बैठक हुई। इसमें पदाधिकारियों ने प्रमाण-पत्र की बाध्यता खत्म होने तक ईंट भट्ठों का संचालन बंद रखने और इस अवधि तक किसी भी प्रकार का राजस्व कर व टैक्स आदि न देने का निर्णय लिया।

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शहर के एक होटल में बुधवार को ईंट निर्माताओं की मंडल स्तरीय बैठक हुई। इसमें ईंट निर्माता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण गर्ग ने कहा कि एक अक्तूबर से सीजन शुरू होने जा रहा है। सरकार ने ईंट भट्ठों के लिए पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र की बाध्यता लागू की है। इस काले कानून का पुरजोर विरोध किया जाएगा। यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो देश के करोड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और मल्टीनेशनल कंपनियों की मनमानी शुरू हो जाएगी।
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तय हुआ कि जब तक प्रमाणपत्र की बाध्यता रहेगी तब तक न तो ईंट भट्ठे संचालित किए जाएंगे और न ही रायल्टी अथवा किसी तरह का कोई टैक्स जमा किया जाएगा। बैठक में वैट न देने, वाणिज्य कर सर्वे का बहिष्कार करने आदि का भी निर्णय लिया गया। बैठक में शाहजहांपुर के जिलाध्यक्ष राकेश कपूर, बरेली के जिलाध्यक्ष हाजी अफताब, पीलीभीत जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, बरेली के महामंत्री कैलाश वाधवानी, शाहजहांपुर के महामंत्री प्रकाश कालानी आदि ने भी विचार रखे।
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इस मौके पर पीलीभीत के महामंत्री हरवंश दुलवानी, शमशाद खां, अली हसन अंसारी, फरीद अहमद, हाजी नईम खां, जगदीश सरन गुप्ता, गोपालदास, प्रदीप दुलवानी, नवीन दुलवानी, कृपालदास दुलवानी, अफरोज, हाजी जावेद खां, मोहम्मद मियां, उमेश गुप्ता, रईस बेग, अनवार अहमद आदि मौजूद रहे।


स्वच्छता प्रमाण पत्र से नहीं हो सकेगा व्यापार
बैठक के बाद पत्रकारों से प्रदेश उपाध्यक्ष गर्ग ने कहा कि स्वच्छता प्रमाण पत्र की बाध्यता होने पर कोई भी ईंट भट्ठा व्यवसाय नहीं चल सकेगा। यह प्रणाण पत्र तीन माह के 60 दिन के लिए मिलता है। यह प्रमाण पत्र बड़े उद्योगों के लिए तो लागू किया जा सकता है, लेकिन ईंट भट्ठा लघु उद्योग की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि संगठन हर स्तर पर इसका विरोध करेगा। आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे।

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