पीलीभीत: देवहा की कटान से नावकूड़ गांव पर मंडराया खतरा, एक मकान का हिस्सा नदी में समाया
पीलीभीत में बारिश के बाद देवहा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शहर से सटे नावकूड़ गांव में देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो गई है। सोमवार को एक मकान का हिस्सा नदी में समा गया। करीब दस घर खतरे की जद में हैं।
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पीलीभीत में शहर से सटे नावकूड़ गांव में देवहा नदी का बढ़ा जलस्तर अब आबादी के लिए खतरा बन गया है। नदी तेजी से गांव की ओर कटान कर रही है। इससे करीब 10 घर नदी की जद में आ गए हैं। सोमवार को कटान की चपेट में आकर एक मकान का हिस्सा नदी में समा गया। खतरा बढ़ता देख ग्रामीण घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। उधर, बाढ़ खंड ने बचाव कार्य शुरू कर दिया, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हैं।
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कटान बढ़ने के बाद ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। लोगों को डर है कि अगर नदी का रुख इसी तरह आबादी की ओर बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में कई और मकानों पर खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीण दिन-रात नदी के किनारे हो रहे कटान पर नजर रख रहे हैं।
बचाव कार्य शुरू, ग्रामीण बोले- स्थायी इंतजाम जरूरी
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दिनों भी जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए कट्टे लगाए गए थे। तेज बहाव के कारण ये बचाव इंतजाम प्रभावी नहीं हो सके। अब दोबारा कटान बढ़ने पर विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा काम से तत्काल राहत मिल सकती है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने बारिश का मौसम खत्म होने के बाद नदी किनारे पत्थर की ठोकर और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में नदी का बहाव आबादी की ओर न मुड़े।