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चेयरमैन साहिबा ! आपका आदेश हो गया कूड़ा..देवहा में फिर पड़ने लगा शहर भर का कूड़ा
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पीलीभीत। शहर भर का कूड़ा देवहा में डालकर उसे मैला करने का मुद्दा पिछले दिनों जब अमर उजाला ने उठाया तो चेयरमैन ने देवहा में कूड़ा डालने पर सख्ती से रोक लगा दी थी। तब शहर का सारा कूड़ा मीरापुर गांव में बनाए गए डंपिंग ग्राउंड में डाला जाने लगा। बारिश से रास्ता खराब होने के बाद सफाई कर्मी डंपिंग ग्राउंड में ले जाने के बजाए कूड़ा फिर से देवहा नदी के किनारे एक बस्ती के समीप डाल रहे हैं।
शहर की आबादी बढ़कर करीब ढाई लाख के आसपास पहुंच चुकी है, लेकिन नगर पालिका परिषद अभी भी चार दशक पुराने हेल्थ मैनुअल के अनुसार सफाई व्यवस्था चला रही है। बरसों से शहर भर का कूड़ा सड़क किनारे बने 28 खुले कचराघरों में डाला जा रहा था। सफाई कर्मी खुले कचराघरों में पड़े कूड़े को उठाकर बर्षों से देवहा नदी के किनारे डालते आ रहे थे। पिछले वर्ष जिला प्रशासन के सहयोग से शहर से सटे गैरआबाद गांव मीरापुर में डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि तलाश ली गई थी, लेकिन कूड़ा बदस्तूर नदी के किनारे ही पड़ता रहा। दो जुलाई के अंक में अमर उजाला ने इस दुर्दशा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, तब अगले ही दिन पालिकाध्यक्ष ने देवहा नदी के किनारे कूड़ा डालने पर पाबंदी लगा दी थी। साथ ही सारा कूड़ा मीरापुर डंपिंग ग्राउंड में डालने केे निर्देेश दिए थे। पालिकाध्यक्ष के निर्देशानुसार डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डाला भी जाने लगा, लेकिन बारिश में डंपिंग ग्राउंड को जाने वाला रास्ता खराब हो जाने और शहर से डंपिंग ग्राउंड की दूरी अधिक होने की वजह से सफाई कर्मियों ने फिर से देवहा में कूड़ा डालना शुरू कर दिया है।
कूड़ा पड़ना हुआ बंद तो आई सड़क बनाने की याद
करीब पखवाड़ा भर पूर्व डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के बजाए देवहा के किनारे फिर से कूड़ा डाला जाने लगा। जानकारी की तो बताया गया कि डंपिंग ग्राउंड जाने वाला मार्ग दलदल युक्त हो गया है। खास बात यह है डंपिंग ग्राउंड शुरू करने से पूर्व न तो तार फैंसिंग कराई गई और न ही सड़क की व्यवस्था। यही वजह रही कि मामूली बरसात में सड़क दलदली हो गई। बताते हैं कि करीब पखवाड़ा भर से देवहा के आसपास ही कूड़ा डाला जा रहा है। हालांकि पालिका प्रशासन जल्द सड़क दुरुस्त कराने और कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में ही डलवाने की बात कह रहा है।
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अवैध कब्जों को भी बढ़ावा दे रहा पालिका का कूड़ा
देवहा नदी के किनारे गड्ढों में बरसों से कूड़ा डाला जा रहा है। जमीन समतल होते ही लोग उस पर कब्जा कर घर बनवा रहे हैं। बतातेे हैं कि लोगबाग ट्रैक्टर चालक से साठगांठ कर कूड़े को डलवा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा रकम भी दी जाती है। ट्रैक्टर चालकों की यह करतूत देखने वाला कोई नहीं।
देवहा के साथ अन्य नदियां भी हो रहीं हैं प्रदूषित
नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक शहर से रोजाना करीब नौ टन कूड़ा निकल रहा है। इस कूड़े को ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर देवहा नदी के किनारे डाला रहा है। बरसात के समय यही कूड़ा बहकर नदी में जा रहा है। इससे देवहा के साथ उससे जुड़ी अन्य नदियां भी प्रदूषित हो रही हैं।
बरसात के चलते डंपिंग ग्राउंड जाने वाली सड़क खराब हो गई। अब कूड़ा बरेली-पीलीभीत रोड के किनारे एक खाली भूमि पर डाला जा रहा है। डंपिंग ग्राउंड जाने वाली सड़क पर रोड़ा डलवाकर उसके रोलर से जल्द ही समतल किया जाएगा ताकि सड़क दुरुस्त हो सके। - विमला जायसवाल, पालिकाध्यक्ष
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। ईओ से जानकारी प्राप्त की जाएगी, तभी इस मामले में कुछ हो सकेगा। - ऋतु पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट
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शहर की आबादी बढ़कर करीब ढाई लाख के आसपास पहुंच चुकी है, लेकिन नगर पालिका परिषद अभी भी चार दशक पुराने हेल्थ मैनुअल के अनुसार सफाई व्यवस्था चला रही है। बरसों से शहर भर का कूड़ा सड़क किनारे बने 28 खुले कचराघरों में डाला जा रहा था। सफाई कर्मी खुले कचराघरों में पड़े कूड़े को उठाकर बर्षों से देवहा नदी के किनारे डालते आ रहे थे। पिछले वर्ष जिला प्रशासन के सहयोग से शहर से सटे गैरआबाद गांव मीरापुर में डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि तलाश ली गई थी, लेकिन कूड़ा बदस्तूर नदी के किनारे ही पड़ता रहा। दो जुलाई के अंक में अमर उजाला ने इस दुर्दशा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, तब अगले ही दिन पालिकाध्यक्ष ने देवहा नदी के किनारे कूड़ा डालने पर पाबंदी लगा दी थी। साथ ही सारा कूड़ा मीरापुर डंपिंग ग्राउंड में डालने केे निर्देेश दिए थे। पालिकाध्यक्ष के निर्देशानुसार डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डाला भी जाने लगा, लेकिन बारिश में डंपिंग ग्राउंड को जाने वाला रास्ता खराब हो जाने और शहर से डंपिंग ग्राउंड की दूरी अधिक होने की वजह से सफाई कर्मियों ने फिर से देवहा में कूड़ा डालना शुरू कर दिया है।
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कूड़ा पड़ना हुआ बंद तो आई सड़क बनाने की याद
करीब पखवाड़ा भर पूर्व डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के बजाए देवहा के किनारे फिर से कूड़ा डाला जाने लगा। जानकारी की तो बताया गया कि डंपिंग ग्राउंड जाने वाला मार्ग दलदल युक्त हो गया है। खास बात यह है डंपिंग ग्राउंड शुरू करने से पूर्व न तो तार फैंसिंग कराई गई और न ही सड़क की व्यवस्था। यही वजह रही कि मामूली बरसात में सड़क दलदली हो गई। बताते हैं कि करीब पखवाड़ा भर से देवहा के आसपास ही कूड़ा डाला जा रहा है। हालांकि पालिका प्रशासन जल्द सड़क दुरुस्त कराने और कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में ही डलवाने की बात कह रहा है।
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अवैध कब्जों को भी बढ़ावा दे रहा पालिका का कूड़ा
देवहा नदी के किनारे गड्ढों में बरसों से कूड़ा डाला जा रहा है। जमीन समतल होते ही लोग उस पर कब्जा कर घर बनवा रहे हैं। बतातेे हैं कि लोगबाग ट्रैक्टर चालक से साठगांठ कर कूड़े को डलवा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा रकम भी दी जाती है। ट्रैक्टर चालकों की यह करतूत देखने वाला कोई नहीं।
देवहा के साथ अन्य नदियां भी हो रहीं हैं प्रदूषित
नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक शहर से रोजाना करीब नौ टन कूड़ा निकल रहा है। इस कूड़े को ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर देवहा नदी के किनारे डाला रहा है। बरसात के समय यही कूड़ा बहकर नदी में जा रहा है। इससे देवहा के साथ उससे जुड़ी अन्य नदियां भी प्रदूषित हो रही हैं।
बरसात के चलते डंपिंग ग्राउंड जाने वाली सड़क खराब हो गई। अब कूड़ा बरेली-पीलीभीत रोड के किनारे एक खाली भूमि पर डाला जा रहा है। डंपिंग ग्राउंड जाने वाली सड़क पर रोड़ा डलवाकर उसके रोलर से जल्द ही समतल किया जाएगा ताकि सड़क दुरुस्त हो सके। - विमला जायसवाल, पालिकाध्यक्ष
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। ईओ से जानकारी प्राप्त की जाएगी, तभी इस मामले में कुछ हो सकेगा। - ऋतु पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट