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संविदाकर्मियों के मुद्दे पर सांसद वरुण गांधी ने सीएम को लिखा पत्र
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पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी अब संविदा कर्मियों समस्याओं के समाधान में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इससे पहले वह गन्ना मूल्य से लेकर कई मुद्दों पर सीएम को पत्र लिख चुके हैं और ट्वीट भी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सांसद का कहना है कि 19 दिसंबर को पीलीभीत में विभिन्न विभागों के संविदा कर्मचारियों द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अवगत कराया था कि चार अक्तूबर को लखनऊ में संविदा कर्मियों की समस्याओं के संबंध में आयोजित एक सम्मेलन में आप (मुख्यमंत्री) द्वारा मनरेगा संविदा कर्मचारियों की मांगों के संबंध में एक महीने में एचआर पॉलिसी लागू करने, रोजगार सेवकों के जॉब कार्ड में अन्य जॉब जोड़ने, रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति से पहले मनरेगा उपायुक्त की सहमति लेने, मानदेय में कोई कटौती आदि न करने घोषणा की गई थी लेकिन ढाई माह गुजरने के बाद भी कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया। इससे उत्तर प्रदेश के लगभग 42000 संविदा कर्मियों और उनके परिवारों में रोष है। मेरा आपसे आग्रह है कि उक्त संविदा कर्मियों व उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र शासनादेश जारी कराने और उसे लागू कराने का कष्ट करें। ब्यूरो
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मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सांसद का कहना है कि 19 दिसंबर को पीलीभीत में विभिन्न विभागों के संविदा कर्मचारियों द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अवगत कराया था कि चार अक्तूबर को लखनऊ में संविदा कर्मियों की समस्याओं के संबंध में आयोजित एक सम्मेलन में आप (मुख्यमंत्री) द्वारा मनरेगा संविदा कर्मचारियों की मांगों के संबंध में एक महीने में एचआर पॉलिसी लागू करने, रोजगार सेवकों के जॉब कार्ड में अन्य जॉब जोड़ने, रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति से पहले मनरेगा उपायुक्त की सहमति लेने, मानदेय में कोई कटौती आदि न करने घोषणा की गई थी लेकिन ढाई माह गुजरने के बाद भी कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया। इससे उत्तर प्रदेश के लगभग 42000 संविदा कर्मियों और उनके परिवारों में रोष है। मेरा आपसे आग्रह है कि उक्त संविदा कर्मियों व उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र शासनादेश जारी कराने और उसे लागू कराने का कष्ट करें। ब्यूरो
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