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Pilibhit News: आइस कैंडी में अधिक रंग के प्रयोग पर मां-बेटे को छह माह कारावास
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पीलीभीत। आइस कैंडी में निर्धारित मात्रा से अधिक रंग के प्रयोग के आरोप में मां और बेटे को दोषी ठहराया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने दोनों को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि दोषियों ने आइस कैंडी जैसी खाद्य वस्तु में निर्धारित मात्रा से अधिक रंग मिलाया। इससे आइस कैंडी मानव उपभोग के लिए असुरक्षित हो गई थी। असुरक्षित खाद्य पदार्थ के सेवन से मानव स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। इससे मानव जीवन संकट में आ सकता है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला सात जून 2023 का है। उस दिन अपराह्न तीन बजे खाद्य सुरक्षा विभाग ने थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम रूपपुर कमालू में निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण बीसलपुर मार्ग पर स्थित फार्म हेवन आइसक्रीम पर किया गया। मौके पर कारोबार संचालित करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अजीत कुमार बताया। उसने अपनी मां हेमवती को फर्म का स्वामी बताया।
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निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर लगभग 1000 आइस कैंडी उपलब्ध थीं। ये कैंडी पानी, चीनी और संतरे के पदार्थ से निर्मित बताई गईं। संदेह होने पर 28 कैंडी का नमूना लिया गया। नमूने को नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में आइसक्रीम में आवश्यकता से अधिक कलर का प्रयोग पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य विभाग ने न्यायालय में अजीत कुमार और उसकी मां हेमवती के विरुद्ध परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने दोनों को दोषी पाया और फैसला सुनाया। संवाद
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न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि दोषियों ने आइस कैंडी जैसी खाद्य वस्तु में निर्धारित मात्रा से अधिक रंग मिलाया। इससे आइस कैंडी मानव उपभोग के लिए असुरक्षित हो गई थी। असुरक्षित खाद्य पदार्थ के सेवन से मानव स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। इससे मानव जीवन संकट में आ सकता है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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यह मामला सात जून 2023 का है। उस दिन अपराह्न तीन बजे खाद्य सुरक्षा विभाग ने थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम रूपपुर कमालू में निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण बीसलपुर मार्ग पर स्थित फार्म हेवन आइसक्रीम पर किया गया। मौके पर कारोबार संचालित करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अजीत कुमार बताया। उसने अपनी मां हेमवती को फर्म का स्वामी बताया।
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निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर लगभग 1000 आइस कैंडी उपलब्ध थीं। ये कैंडी पानी, चीनी और संतरे के पदार्थ से निर्मित बताई गईं। संदेह होने पर 28 कैंडी का नमूना लिया गया। नमूने को नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में आइसक्रीम में आवश्यकता से अधिक कलर का प्रयोग पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य विभाग ने न्यायालय में अजीत कुमार और उसकी मां हेमवती के विरुद्ध परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने दोनों को दोषी पाया और फैसला सुनाया। संवाद