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राज्यमंत्री की कार्रवाई पर भी नहीं सुधरी धान खरीद व्यवस्था
Pilibhit
Updated Thu, 26 Nov 2015 11:02 PM IST
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राज्यमंत्री हेमराज वर्मा द्वारा क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई के बाद भी धान खरीद में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। मंडी में लगे क्रय केंद्रों पर दोपहर तक सन्नाटा पसारा रहा और किसान अपना धान तौलवाने को भटकते दिखे।
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खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मंगलवार को मंडी और पूरनपुर में क्रय केंद्रों व राइस मिलों का निरीक्षण कर धान खरीद व्यवस्था परखी थी। उन्होंने दो सेंटर इंचार्ज, दो एजेंसियों के जिला प्रबंधक को निलंबित करने के साथ तीन राइस मिलों का लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इस कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही थी धान खरीद व्यवस्था में कुछ सुधार देखने को मिलेगा।
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बुधवार को गंगा स्नान के अवकाश के कारण खरीद नहीं हुई, लेकिन गुरुवार को भी कुछ असर देखने को नहीं मिला। मंडी में अधिकांश क्रय केंद्र सूने पड़े दिखे। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर केवल फर्नीचर पड़ा था। कोई भी स्टाफ नहीं था। जबकि वहां दो किसान धान लेकर पहुंचे थे। कमीशन खरीद की आढ़तों पर भी सरकारी खरीद होती नहीं दिखी। सूत्रों की मानें तो क्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद भले न हो रही हो, लेकिन अभिलेखों में खरीद दर्शायी जा रही है। वही मंडी की आढ़तों पर धान के ढेर लगे देखे गए। बृहस्पतिवार को मंडी में करीब आठ हजार क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई।
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धान लेकर तीन दिन से पड़ा हूं मंडी में
मंगलवार दोपहर बाद धान लेकर मंडी आया था। शाम को बात होने पर कुछ धान तोल लिया गया। गंगा स्नान की छुट्टी के बाद बृहस्पतिवार को भी धान नहीं तुला। क्रय केंद्रों पर सेंटर इंचार्ज ही नहीं है।
- हरजिंदर सिंह, किसान, ललपुरिया
केंद्र पर खरीद न होने पर आढ़त पर बेचा धान
धान लेकर मंडी आया था। यहां तीन क्रय केंद्रों पर नमूना लेकर पहुंचा लेकिन किसी भी केंद्र पर कर्मचारी नहीं मिला। मजबूरी में आढ़त पर मात्र 1260 रुपये में धान बेचना पड़ा।
- जागनलाल, किसान, पिपरा खास
मैं लखनऊ बैठक में आया हूं, जिले में सभी क्रय केंद्र खुले हैं। खरीद न होने की कोई सूचना नहीं है। यदि कहीं से शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश कुमार यादव, डिप्टी आरएमओ
पीसीएफ ने भुगतान को मांगा पांच करोड़
राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के निरीक्षण व कार्रवाई के बाद से क्रय एजेंसी के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। पीसीएफ के जिला प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला को राज्यमंत्री ने क्रय केंद्रों पर धन उपलब्ध न करा पाने के आरोप में मंगलवार को निलंबित करने की संस्तुति की थी। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने इस पर बताया कि सेंटरों को धन उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में 13 करोड़ रुपये मुख्यालय से मिले थे, जिससे 18 करोड़ रुपये का धान खरीदा जा चुका है। शेष बचे पांच करोड़ रुपये की डिमांड कई दिन पहले मुख्यालय भेजी गई थी, लेकिन धन प्राप्त नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले दोबारा रिमाइंडर भेजा गया है। 18 करोड़ रुपये से खरीदा गया सभी धान, मिलों को डिलीवर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय से धन प्राप्त होते ही सेंटरों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।