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पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में प्रेमी युगल के फंदा लगाकर खुदकुशी करने की पुष्टि
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बिलसंडा। मरैना गांव के रहने वाले प्रेमी युगल ने फंदा लगाकर खुदकुशी की थी, पोस्टमार्टम से इसकी पुष्टि हुई है। गुरुवार को बेरी के पेड़ पर शाल से बने फंदों से दोनों के शव लटके मिले थे। उनके शरीर पर चोट का कोई निशान भी नहीं मिला है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव मरैना निवासी 19 वर्षीय रामलखन का गांव की 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की से दो साल से प्रेमप्रसंग चल रहा था। दोनों अलग-अलग जाति से थे और एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। मगर परिवार वाले इसका विरोध करते थे। एक साल पहले लड़की से फोन पर बात करते पकड़े जाने पर रामलखन की लड़की के परिजन ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद से रामलखन दिल्ली जाकर टेंट की दुकान पर नौकरी करने लगा था। नौ मार्च को होली पर रामलखन घर आया था। बुधवार रात दोनों अपने-अपने घर से रहस्यमय ढंग से निकल गए। बृहस्पतिवार सुबह उनके शव एक किलामीटर दूर बेरी के पेड़ पर शाल के दो टुकड़े कर बनाए गए फंदों से लटके मिले थे। शुक्रवार को दोनों शवों का तीन चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया तो प्रेमी युगल की मौत की वजह खुलकर सामने आ गई। इंस्पेक्टर हरीशंकर वर्मा ने बताया कि दोनों की मौत लटकने से होना पाया गया है। ऐसे में मामला साफ तौर पर खुदकुशी का निकला है। परिजन की ओर से कोई तहरीर किसी के खिलाफ नहीं दी गई है।
गांव के माहौल पर रखी जाती रही नजर
प्रेमी युगल की मौत के बाद दोनों के अलग जाति से होने पर पुलिस अलर्ट रही। किसी तरह की कोई विवाद की स्थिति न बन जाए, इसके चलते गांव के माहौल पर नजर रखी जाती रही। संभ्रांत लोगों से संपर्क कर पुलिस इनपुट जुटाती रही। अचानक दोनों के जान देने को लेकर जानकारी जुटाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन कोई खुलकर नहीं बोला। परिवार वाले भी उनकी मौत पर बोलने से बचते से दिखाई दिए। दिन भर के इंतजार के बाद रात आठ बजे के बाद शव गांव पहुंचे तो परिवारों में चीख पुकार मच गई।
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लड़की के कपड़े कहां गए, सवाल बरकरार
पोस्टमार्टम के बाद भले ही दोनों के खुदकुशी करने की बात साबित हो गई हो, लेकिन एक रहस्य दूसरे दिन भी बरकरार रहा। लड़की के पहने हुए कुछ कपड़े गायब थे। उन्हें काफी तलाश किया गया, लेकिन कोई जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है। ऐसे में सवाल है कि अगर लड़की उन कपड़ों को पहनकर नहीं आई तो वह घर पर मिलने चाहिए थे। फंदा लगाने वाली जगह पर भी कपड़े नहीं मिले हैं। ऐसे में कपड़े गए तो कहां गए?
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बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव मरैना निवासी 19 वर्षीय रामलखन का गांव की 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की से दो साल से प्रेमप्रसंग चल रहा था। दोनों अलग-अलग जाति से थे और एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। मगर परिवार वाले इसका विरोध करते थे। एक साल पहले लड़की से फोन पर बात करते पकड़े जाने पर रामलखन की लड़की के परिजन ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद से रामलखन दिल्ली जाकर टेंट की दुकान पर नौकरी करने लगा था। नौ मार्च को होली पर रामलखन घर आया था। बुधवार रात दोनों अपने-अपने घर से रहस्यमय ढंग से निकल गए। बृहस्पतिवार सुबह उनके शव एक किलामीटर दूर बेरी के पेड़ पर शाल के दो टुकड़े कर बनाए गए फंदों से लटके मिले थे। शुक्रवार को दोनों शवों का तीन चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया तो प्रेमी युगल की मौत की वजह खुलकर सामने आ गई। इंस्पेक्टर हरीशंकर वर्मा ने बताया कि दोनों की मौत लटकने से होना पाया गया है। ऐसे में मामला साफ तौर पर खुदकुशी का निकला है। परिजन की ओर से कोई तहरीर किसी के खिलाफ नहीं दी गई है।
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गांव के माहौल पर रखी जाती रही नजर
प्रेमी युगल की मौत के बाद दोनों के अलग जाति से होने पर पुलिस अलर्ट रही। किसी तरह की कोई विवाद की स्थिति न बन जाए, इसके चलते गांव के माहौल पर नजर रखी जाती रही। संभ्रांत लोगों से संपर्क कर पुलिस इनपुट जुटाती रही। अचानक दोनों के जान देने को लेकर जानकारी जुटाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन कोई खुलकर नहीं बोला। परिवार वाले भी उनकी मौत पर बोलने से बचते से दिखाई दिए। दिन भर के इंतजार के बाद रात आठ बजे के बाद शव गांव पहुंचे तो परिवारों में चीख पुकार मच गई।
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लड़की के कपड़े कहां गए, सवाल बरकरार
पोस्टमार्टम के बाद भले ही दोनों के खुदकुशी करने की बात साबित हो गई हो, लेकिन एक रहस्य दूसरे दिन भी बरकरार रहा। लड़की के पहने हुए कुछ कपड़े गायब थे। उन्हें काफी तलाश किया गया, लेकिन कोई जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है। ऐसे में सवाल है कि अगर लड़की उन कपड़ों को पहनकर नहीं आई तो वह घर पर मिलने चाहिए थे। फंदा लगाने वाली जगह पर भी कपड़े नहीं मिले हैं। ऐसे में कपड़े गए तो कहां गए?