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Pilibhit News: विद्यालय को कई बार भेजी धनराशि, जांच शुरू
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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग में समग्र शिक्षा अभियान के तहत भेजी वित्तीय सहायता में जिला समन्वयक ने एक ही विद्यालय को अलग-अलग मदों में कई बार में 2.13 लाख रुपये की धनराशि भेजी। मामला संज्ञान में आने पर बीएसए रोशनी सिंह की ओर से नोटिस जारी कर धनराशि की रिकवरी कराई गई। वहीं, डीएम की सख्ती के बाद समन्वयक को दोबारा नोटिस जारी किया गया है। पूरे मामले में गहनता से जांच कराई जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब समेत विभिन्न मदों के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत जिला समन्वयक (निपुण) ललित वर्मा ने एक विद्यालय को विभिन्न मदों में दी जाने वाली धनराशि कई बार प्रेषित कर दी। जब उस स्कूल प्रधानाध्यापक एनओसी लेने के लिए पहुंचे, तो बीएसए रोशनी सिंह ने खातों की जांच कराई।
जांच में सामने आया कि एक ही विद्यालय को कंपोजिट ग्रांट की 22 हजार रुपये की धनराशि तीन बार भेजकर 66 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
इसके अलावा स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब मद में भी एक विद्यालय को 1.33 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई, जबकि संबंधित विद्यालय को नहीं जानी थी। इस तरह कई कमियां मिलीं। जिला समन्वयक ललित वर्मा से रिकवरी के बाद समस्त स्कूलों की ग्रांट को भी चेक कराया जा रहा है। डीएम ने दोबारा से जांच के निर्देश दिए है। संवाद
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मामला संज्ञान में आने पर धनराशि की रिकवरी करा ली गई थी। संबंधित जिला समन्वयक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जाएगी।
- रोशनी सिंह, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब समेत विभिन्न मदों के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत जिला समन्वयक (निपुण) ललित वर्मा ने एक विद्यालय को विभिन्न मदों में दी जाने वाली धनराशि कई बार प्रेषित कर दी। जब उस स्कूल प्रधानाध्यापक एनओसी लेने के लिए पहुंचे, तो बीएसए रोशनी सिंह ने खातों की जांच कराई।
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जांच में सामने आया कि एक ही विद्यालय को कंपोजिट ग्रांट की 22 हजार रुपये की धनराशि तीन बार भेजकर 66 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
इसके अलावा स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब मद में भी एक विद्यालय को 1.33 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई, जबकि संबंधित विद्यालय को नहीं जानी थी। इस तरह कई कमियां मिलीं। जिला समन्वयक ललित वर्मा से रिकवरी के बाद समस्त स्कूलों की ग्रांट को भी चेक कराया जा रहा है। डीएम ने दोबारा से जांच के निर्देश दिए है। संवाद
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मामला संज्ञान में आने पर धनराशि की रिकवरी करा ली गई थी। संबंधित जिला समन्वयक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जाएगी।
- रोशनी सिंह, बीएसए