{"_id":"62b0c5e12bb9124d9f278620","slug":"money-could-not-be-received-work-of-garbage-disposal-plant-incomplete-pilibhit-news-bly488927596","type":"story","status":"publish","title_hn":"लीड--","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लीड--
विज्ञापन
पीलीभीत। शहर के कूड़ा निस्तारण संयंत्र के लिए 6.16 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे लेकिन न तो पूरा धन मिला और न समय पर काम शुरू हुआ। कूड़ा निस्तारण की चुनौती बरकरार है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद नदी के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है।
शहर में एक दिन में करीब 50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है लेकिन निस्तारण का कोई पुख्ता इंतजाम अभी तक नहीं हो सका है। कूड़ा निस्तारण के लिए संयंत्र बनाए जाने के लिए राज्य सरकार मंजूरी दे चुकी है लेकिन जिम्मेदारों ने पहले तो समय पर धन का आवंटन नहीं किया। इसके बाद बारी आई काम शुरू होने की तो उसमें भी देरी हो गई। कूड़ा निस्तारण संयंत्र का निर्माण अप्रैल 2022 में पूरा होना था पर इसमें 70 फीसदी काम हुआ है। तीस फीसदी काम शेष है।
अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के लिए संयंत्र बनेगा तो एक दिन मेें 60 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो सकेगा। फिलहाल कूड़ा वहीं पर एकत्र किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण संयंत्र का काम मीरापुर में देवहा नदी के किनारे कराया जा रहा है। इसकी समीक्षा लखनऊ से ही की जा रही है। उनके द्वारा दौरा किया गया था लेकिन अभी काम पूरा नहीं है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं कार्यदायी संस्था के अभियंता
करीब 70 फीसदी काम हो चुका है। कुल 6.16 करोड़ के प्रोजेक्ट में 3.08 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। ठेकेदार ने इस धनराशि से अधिक काम करा दिया है। लेकिन अभी धन न होने से उसके हाथ बंध गए हैं। अब तीस प्रतिशत काम शेष है। डेढ़ महीने पहले इसके लिए धन की मांग कर दी गई है। फिलहाल ठेकेदार ने धनराशि न होने की वजह से काम रोक दिया है। कुछ श्रमिक ही लगे हैं जो काम कर रहे हैं। अब जैसे ही धन आवंटित होगा काम तेजी के साथ फिर चालू हो जाएगा। - मनोज कुमार शर्मा, अवर अभियंता, जल निगम निर्माण शाखा
पहले बारिश ने काम रोका था अब धन की कमी आई
कार्यदायी संस्था के अफसरों से बातचीत में स्पष्ट हुआ कि दिसंबर 2021 में काम शुरू होना था और अप्रैल 2022 में पूरा होना था लेकिन दिसंबर से फरवरी तक काम शुरू नहीं हुआ। बताया गया कि बारिश की वजह से काम शुरू नहीं हुआ। कार्यस्थल तक जाने आने का रास्ता खराब था। बारिश रुकी तो कच्चे रास्ते से होकर जैसे तैसे काम शुरू करा दिया गया। अगर धन की कमी न पड़ती तो अब तक काम पूरा होने की स्थिति होती।
विज्ञापन
शहर में एक दिन में करीब 50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है लेकिन निस्तारण का कोई पुख्ता इंतजाम अभी तक नहीं हो सका है। कूड़ा निस्तारण के लिए संयंत्र बनाए जाने के लिए राज्य सरकार मंजूरी दे चुकी है लेकिन जिम्मेदारों ने पहले तो समय पर धन का आवंटन नहीं किया। इसके बाद बारी आई काम शुरू होने की तो उसमें भी देरी हो गई। कूड़ा निस्तारण संयंत्र का निर्माण अप्रैल 2022 में पूरा होना था पर इसमें 70 फीसदी काम हुआ है। तीस फीसदी काम शेष है।
विज्ञापन
अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के लिए संयंत्र बनेगा तो एक दिन मेें 60 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो सकेगा। फिलहाल कूड़ा वहीं पर एकत्र किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण संयंत्र का काम मीरापुर में देवहा नदी के किनारे कराया जा रहा है। इसकी समीक्षा लखनऊ से ही की जा रही है। उनके द्वारा दौरा किया गया था लेकिन अभी काम पूरा नहीं है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं कार्यदायी संस्था के अभियंता
करीब 70 फीसदी काम हो चुका है। कुल 6.16 करोड़ के प्रोजेक्ट में 3.08 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। ठेकेदार ने इस धनराशि से अधिक काम करा दिया है। लेकिन अभी धन न होने से उसके हाथ बंध गए हैं। अब तीस प्रतिशत काम शेष है। डेढ़ महीने पहले इसके लिए धन की मांग कर दी गई है। फिलहाल ठेकेदार ने धनराशि न होने की वजह से काम रोक दिया है। कुछ श्रमिक ही लगे हैं जो काम कर रहे हैं। अब जैसे ही धन आवंटित होगा काम तेजी के साथ फिर चालू हो जाएगा। - मनोज कुमार शर्मा, अवर अभियंता, जल निगम निर्माण शाखा
पहले बारिश ने काम रोका था अब धन की कमी आई
कार्यदायी संस्था के अफसरों से बातचीत में स्पष्ट हुआ कि दिसंबर 2021 में काम शुरू होना था और अप्रैल 2022 में पूरा होना था लेकिन दिसंबर से फरवरी तक काम शुरू नहीं हुआ। बताया गया कि बारिश की वजह से काम शुरू नहीं हुआ। कार्यस्थल तक जाने आने का रास्ता खराब था। बारिश रुकी तो कच्चे रास्ते से होकर जैसे तैसे काम शुरू करा दिया गया। अगर धन की कमी न पड़ती तो अब तक काम पूरा होने की स्थिति होती।