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Pilibhit News: अफसरों के स्पष्टीकरण में अटकी मनरेगा लोकपाल की जांच

Wed, 06 Aug 2025 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 06 Aug 2025 11:48 PM IST
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MNREGA Lokpal's investigation stuck in officers' clarification
पीलीभीत। मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़ा और वित्तीय अनियमितता के मामलों की लोकपाल जांच ब्लॉक स्तरीय अफसरों के स्पष्टीकरण में अटक गई है। पूरनपुर ब्लॉक के पिपरा मुजप्ता गांव का गलत तरीके से आवंटित किया गया पशुशेड़ हो या मजदूरों की फर्जी हाजिरी का मामला मनरेगा लोकपाल की ओर से भेजे गए अधिकांश पत्रों पर अब तक जवाब नहीं आया है। इस वजह से जांच अधर में अटकी है।
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केस-एक
अमरिया ब्लॉक के पिंजरा बमनपुरी में मनरेगा से कराए गए कार्य का योजना में दोबारा से नाम बदलकर घपला कर दिया गया। तीन माह पूर्व ग्रामीणों की शिकायत पर मनरेगा लोकपाल ने अमरिया बीडीओ को पत्र जारी कर जवाब मांगा। अंतिम नोटिस जारी होने के बाद भी अफसर ने जवाब नहीं दिया। इससे जांच अधर में है।
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केस-दो
पूरनपुर ब्लॉक के पिपरा मुजफ्ता में अपात्र को पशु शेड देने की शिकायत हुई। मनरेगा लोकपाल ने ब्लॉक के जिम्मेदारों से जवाब मांगा तो अफसरों ने एक दूसरे पर डालते हुए गोलमाल जवाब दिया। प्रधान को नोटिस जारी हुआ। इस पर प्रधान ने नया खुलासा करते हुए शिकायत दर्ज कराई। इसमें बताया कि ब्लॉक के अफसरों ने गांव के एक अन्य अपात्र को पशुशेड दे दिया है। शिकायत पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन कार्रवाई जिम्मेदारों के जवाब अटकी है।
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केस-तीन
ब्लॉक बिलसंडा के गांव टेहरी के ग्रामीणों ने कुछ माह पूर्व मनरेगा लोकपाल से शिकायत की। इसमें बताया कि फर्जी हाजिरी लगाकर रुपये निकाले गए। जांच में मामला सही पाया गया। जांच आख्या के लिए बीडीओ को पत्र जारी हुआ। जांच आख्या अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी।

केस-चार
ब्लॉक बिलसंडा के गांव सनगवां में भी फर्जी हाजिरी लगाकर रुपये निकाल लिए गए। शिकायत की पुष्टि होने पर जवाब मांगा गया, लेकिन रिमांइडर जाने के बाद भी बीडीओ की ओर से जवाब नहीं दिया गया है। इससे अफसरों की लापरवाही भी सामने आ रही है।




वर्जन
मनरेगा के कामों में पारदर्शिता आए, इसको लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। कई जगह मामले में प्रकाश में आए। इनको लेकर पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब न आने पर रिमांइडर भेजा जा रहा है। - गेंदनलाल वर्मा, मनरेगा लोकपाल।
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