फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   mental health care

विश्व मानसिक दिवस पर विशेष: योग और ध्यान से दूर भगाएं मानसिक तनाव

Sat, 10 Oct 2020 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:47 AM IST
विज्ञापन
mental health care
डॉ. चरित्र बोरा। - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। काम की परस्पर प्रतिस्पर्धा के चलते मानसिक तनाव होना आम बात है। इस बीमारी की बड़ी वजह शारीरिक थकान और तनाव है मगर ध्यान, योग, परस्पर बातचीत से मानसिक तनाव कम किया जा सकता है। भागदौड़ भरी जीवन शैली में सबसे ज्यादा युवा मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं। सकारात्मक सोच, रोगी से भावनात्मक लगाव और प्रेरणादायक माहौल देकर काफी हद तक मानसिक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।
विज्ञापन

10 अक्टूबर को पूरे विश्व में मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका एक ही प्रमुख उद्देश्य है कि आम लोगों में इस बात का संदेह मिटाया जा सके कि प्रत्येक मानसिक बीमारी पागलपन का लक्षण है। किसी भी शारीरिक बीमारी की तरह ही मानसिक तनाव की बीमारी को भी दवाओं और बातचीत के जरिए ठीक किया जा सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक एक हजार लोगों में 200 लोग किसी न किसी तरह से मानसिक विकार के शिकार हैं। पीलीभीत में 850 मानसिक रोगियों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। काउंसिलिंग और दवाओं से 150 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मनोचिकित्सक डॉ. पी के मिश्रा बताते हैं कि वह सप्ताह में 30 से 40 मानसिक तनाव से ग्रस्त मरीजों की काउंसलिंग करते हैं। वर्तमान में मानसिक तनाव के 850 से ज्यादा मरीजों में 70 फीसदी मरीज 15 से 30 साल के बीच के युवा हैं। यह अकेलेपन और रोजमर्रा की समस्याओं के तनाव से ग्रस्त हैं।
विज्ञापन

क्या है मानसिक रोग से जुड़ी बीमारी
मानसिक विकार की श्रेणी बहुत ही लंबी-चौड़ी है। इस बीमारी में मस्तिष्क से जुड़ी हर तरह की समस्याओं को शामिल किया जा सकता है। मनोचिकित्सक डॉ. पी के मिश्रा ने बताया कि मानसिक बीमारी में पार्किंसन, अल्जाइमर, ऑर्टिम, डिस्लेक्सिया, डिप्रेशन, तनाव, चिंता, कमजोर याददाश्त, डर, भूलना समेत अन्य बहुत सी बीमारी शामिल हैं। ऐसे मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें। उनके साथ समय दें, ताकि वह अकेलापन महसूस न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

मानसिक रोग के कारण
मानसिक रोग होने के बहुत से कारण हैं। पहला तो आसपास का वातावरण है। दूसरा है- आनुवांशिक। आनुवांशिक कारण में मानसिक रोग का खतरा उन लोगों को ज्यादा होता है, जिनके परिवार में मानसिक बीमारी का इतिहास रहा हो। उन परिवार में कोई न कोई मानसिक बीमारी से ग्रस्त अवश्य होता है। मानसिक रोगी होने का कारण अकेलापन, खुद में आत्मविश्वास खो देना भी है। इस स्थिति में व्यक्ति का मनोबल टूट जाता है। वह खुद को अकेला महसूस करता है। ऐसी स्थिति में वह कोई भी अचानक अप्रत्याशित कदम उठा सकता है।
मानसिक रोग के लक्षण
नींद न आना या देर से नींद आना।
उदास या मायूस रहना।
चिंता,घबराहट उलझन रहना।
किसी काम में मन न लगना
अत्यधिक अपराधबोध ी भावना
वास्तविकता से दूर होना, शक करना
आत्महत्या की भावना, याददाश्त में कमी मानसिक रोग के कारण
अकेलापन,दबाव आत्मसम्मान में कमी
एल्कोहल या ड्रग्स जैसे मादक पदार्थो का सेवन
गुस्सा अधिक आना।
मानसिक रोगी का यह है इलाज
मानसिक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को समझें
उसके साथ अच्छा व्यवहार करते हुए समय दें।
उसे भावनात्मक और सामाजिक सहयोग दे।
पढने, खेलने, घूमने, योग और ध्यान करने के लिए प्रोत्साहित करें।
नया सीखने और नई रुचियों को विकसित करने के लिए प्रेरित करें।
क्या कहते है डॉक्टर
अगर व्यक्ति तनाव या डिप्रेशन का शिकार है, तो मनोचिकित्सक की सलाह और दवाइयों से उसे ठीक किया जा सकता है। मानसिक बीमारी को दवाओं से ठीक किया जा सकता है। ऐसे लोगों को सकारात्मक विचार पैदा करने के लिए प्रेरित करें, ताकि वह अकेलापन महसूस न करें। - डॉ. चरित्र बोरा, न्यूरोसर्जन

मानसिक तनाव में लोग बीमारी के शिकार होते हैं। ऐसे में परिवार में उस व्यक्ति को समय दें, ताकि वह तनाव में न रहे। बदलते लाइफ स्टाइल में अपेक्षाओं का बोझ मानसिक रोगों की सबसे बड़ी वजह है। मानसिक अवसाद पर समाज को भी जागरूक होना पड़ेगा। परिवार को बचपन से अच्छे विचार और समय देना चाहिए, ताकि वह समय रहते अच्छे बुरे में अंतर समझ सकें। मानसिक तनाव से घबराए नहीं बल्कि उसका विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज कराएं। - डॉ. पल्लवी सक्सेना, मनोचिकित्सक

डॉ. पल्लवी सक्सेना।

डॉ. पल्लवी सक्सेना।- फोटो : PILIBHIT

 

जिला अस्पताल में मानसिक रोगी की काउंसलिंग करती मनोचिकित्सक।

जिला अस्पताल में मानसिक रोगी की काउंसलिंग करती मनोचिकित्सक।- फोटो : PILIBHIT

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed