{"_id":"66623c37e4dcb5c9280a30b4","slug":"married-women-prayed-to-banyan-tree-and-wished-for-long-life-of-their-husband-pilibhit-news-c-121-1-pbt1008-117496-2024-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजाकर की पति की लंबी उम्र की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजाकर की पति की लंबी उम्र की कामना
विज्ञापन
बिलसंडा नगर में वट वृक्ष पर पूजा करती महिलाएं । संवाद
पीलीभीत। सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए बृहस्पतिवार को वट सावित्री का व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। नए वस्त्र धारण कर वट वृक्ष के रक्षा सूत्र बांधने के बाद परिक्रमा की। आरती के बाद पति की लंबी आयु की कामना की। इस दौरान ब्राह्मणों ने वट सावित्री की कथा भी सुनाई।
वट सावित्री व्रत पर नगर समेत जिले के ग्रामीण इलाकों में सामूहिक पूजा की गई। बृहस्पतिवार को अशोक कॉलोनी में पुरोहित ने महिलाओं से विधि-विधान से वट सावित्री की पूजा कराई। महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए व्रत भी रखा।
पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन ही बरगद के पेड़ के नीचे सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राणों की यमराज से रक्षा की थी।
विज्ञापन
बिलसंडा में भी महिलाओं ने शृंगार कर परंपरागत ढंग से वट वृक्ष का पूजन और परिक्रमा कर पति की लंबी उम्र की कामना की।
बीसलपुर। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने व्रत रहकर वट वृक्ष की विधि विधान से पूजा की। दियोरिया, चुर्रासकतपुर, ईंट गांव, मानपुर, खनका, गुलैंदा, बौनी,खरगापुर, अमरताखास, टिकरी, मधवापुर आदि स्थानों पर भी पर्व श्रद्धा से मनाया गया।
विज्ञापन
वट सावित्री व्रत पर नगर समेत जिले के ग्रामीण इलाकों में सामूहिक पूजा की गई। बृहस्पतिवार को अशोक कॉलोनी में पुरोहित ने महिलाओं से विधि-विधान से वट सावित्री की पूजा कराई। महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए व्रत भी रखा।
विज्ञापन
पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन ही बरगद के पेड़ के नीचे सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राणों की यमराज से रक्षा की थी।
विज्ञापन
बिलसंडा में भी महिलाओं ने शृंगार कर परंपरागत ढंग से वट वृक्ष का पूजन और परिक्रमा कर पति की लंबी उम्र की कामना की।
बीसलपुर। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने व्रत रहकर वट वृक्ष की विधि विधान से पूजा की। दियोरिया, चुर्रासकतपुर, ईंट गांव, मानपुर, खनका, गुलैंदा, बौनी,खरगापुर, अमरताखास, टिकरी, मधवापुर आदि स्थानों पर भी पर्व श्रद्धा से मनाया गया।