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कई बार हुई विजेताओं के गलत नामों की घोषणा
plibhit
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:48 PM IST
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मतगणना टेबिल से मतों की गिनती के बाद एआरओ के माध्यम से परिणाम आरओ तक पहुंचाया जा रहा था। आरओ विजेता के नाम की घोषण कर रहे थे। इस दौरान कई बार गलत नामों की घोषणा हुई।
ललौरीखेड़ा ब्लाक के गांव डडिया भुसौड़ी में दिनेश कुमार को 417 मत मिले थे जबकि भद्रपाल को 373। इसके बावजूद विजेता के रूप में भद्रपाल के नाम की घोषणा कर दी गई। दिनेश कुमार पक्ष की ओर से आपत्ति करने पर आरओ/सीवीओ डॉ. राजीव गुप्ता व जोनल मजिस्ट्रेट/ कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने एआरओ टेबिल पर जाकर आंकड़ों का मिलान कराया। सही आंकड़े मिलने के बाद दिनेश कुमार के नाम की घोषणा कर प्रमाण पत्र दिया गया। उधर बरखेड़ा ब्लाक में पिपरियामंडन गांव में ग्राम पंचायत सदस्य के विजेता के स्थान पर पराजित शिवलाल का नाम घोषित कर दिया गया। शिकायत होने पर जगेश्वर के नाम की घोषणा की गई।
सात वोटों से हराने का आरोप
मरौरी ब्लाक के गांव न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी में रामकुमार को विजेता घोषित किया गया। यहां पराजित प्रत्याशी ओमप्रकाश ने विजेता के नाम की घोषणा होते ही आरओ टेबिल के पास जाकर आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि मतों की गिनती के समय वह वहां मौजूद थे। इसमें उसे सात वोट अधिक मिले हैं बावजूद इसके उन्हें हरा दिया गया।
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जेठानी ने देवरानी को हराया
जिले के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद के गांव गौहर से उनके दो सगे भाइयों की पत्नियां मैदान में थी। इसमें राज्यमंत्री के छोटे भाई मौजूदा प्रधान मोहम्मद जफर की पत्नी शाहजहां और उनके बड़े भाई मोहम्मद यूसुफ की पत्नी बोझी चुनाव लड़ रही थीं। देवरानी जेठानी के बीच हुई इस चुनाव जंग में जेठानी बोझी ने देवरानी को पटखनी देकर प्रधानी जीत ली। उन्हें 765 मत मिले जबकि देवरानी शाहजहां बेगम 595 वोट मिले। इस तरह जेठानी से 170 मतों से हार गईं।
नेटवर्क फेल होने से रही दिक्कत
पीलीभीत। मतगणना के परिणाम घोषित होने के साथ इसे आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाना था। इसके लिए सभी मतगणना स्थलों पर कंप्यूटर आदि की व्यवस्था की गई थी लेकिन सुबह नेटवर्क फेल होने के कारण परिणाम वेबसाइट पर लोड नहीं हो सके। इससे अधिकारी भी परेशान रहे। दोपहर बाद करीब दो बजे से फीडिंग शुरू हो सकी लेकिन नेट की स्पीड काफी कम होने के कारण आपरेटरों को काफी परेशानी हुई।
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ललौरीखेड़ा ब्लाक के गांव डडिया भुसौड़ी में दिनेश कुमार को 417 मत मिले थे जबकि भद्रपाल को 373। इसके बावजूद विजेता के रूप में भद्रपाल के नाम की घोषणा कर दी गई। दिनेश कुमार पक्ष की ओर से आपत्ति करने पर आरओ/सीवीओ डॉ. राजीव गुप्ता व जोनल मजिस्ट्रेट/ कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने एआरओ टेबिल पर जाकर आंकड़ों का मिलान कराया। सही आंकड़े मिलने के बाद दिनेश कुमार के नाम की घोषणा कर प्रमाण पत्र दिया गया। उधर बरखेड़ा ब्लाक में पिपरियामंडन गांव में ग्राम पंचायत सदस्य के विजेता के स्थान पर पराजित शिवलाल का नाम घोषित कर दिया गया। शिकायत होने पर जगेश्वर के नाम की घोषणा की गई।
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सात वोटों से हराने का आरोप
मरौरी ब्लाक के गांव न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी में रामकुमार को विजेता घोषित किया गया। यहां पराजित प्रत्याशी ओमप्रकाश ने विजेता के नाम की घोषणा होते ही आरओ टेबिल के पास जाकर आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि मतों की गिनती के समय वह वहां मौजूद थे। इसमें उसे सात वोट अधिक मिले हैं बावजूद इसके उन्हें हरा दिया गया।
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जेठानी ने देवरानी को हराया
जिले के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद के गांव गौहर से उनके दो सगे भाइयों की पत्नियां मैदान में थी। इसमें राज्यमंत्री के छोटे भाई मौजूदा प्रधान मोहम्मद जफर की पत्नी शाहजहां और उनके बड़े भाई मोहम्मद यूसुफ की पत्नी बोझी चुनाव लड़ रही थीं। देवरानी जेठानी के बीच हुई इस चुनाव जंग में जेठानी बोझी ने देवरानी को पटखनी देकर प्रधानी जीत ली। उन्हें 765 मत मिले जबकि देवरानी शाहजहां बेगम 595 वोट मिले। इस तरह जेठानी से 170 मतों से हार गईं।
नेटवर्क फेल होने से रही दिक्कत
पीलीभीत। मतगणना के परिणाम घोषित होने के साथ इसे आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाना था। इसके लिए सभी मतगणना स्थलों पर कंप्यूटर आदि की व्यवस्था की गई थी लेकिन सुबह नेटवर्क फेल होने के कारण परिणाम वेबसाइट पर लोड नहीं हो सके। इससे अधिकारी भी परेशान रहे। दोपहर बाद करीब दो बजे से फीडिंग शुरू हो सकी लेकिन नेट की स्पीड काफी कम होने के कारण आपरेटरों को काफी परेशानी हुई।