{"_id":"6984fc0aa24df61d3a0e4b07","slug":"many-critical-corridors-in-the-district-risk-of-accident-remains-pilibhit-news-c-4-1-bly1039-820575-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जिले में कई क्रिटिकल कॉरिडोर, हादसे का जोखिम बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जिले में कई क्रिटिकल कॉरिडोर, हादसे का जोखिम बरकरार
विज्ञापन
दो-दो एएलएस एंबुलेंस रहेगी तैनात, पांच सीएचसी को अपग्रेड कर बढ़ाई जाएगी ट्रामा सेंटर की सुविधा
पीलीभीत। जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (शून्य मृत्यु दर जिला) में शामिल होने के बाद अब जिले में कई स्थानों पर क्रिटिकल कॉरिडोर (अधिक हादसे वाली सड़क या स्थान) चिह्नित किए गए हैं। अधिक हादसों वाले इन स्थानों पर अब भी जोखिम बरकरार है। इनमें बीसलपुर, बरखेड़ा के साथ ही शहर का असम चौराहा भी शामिल है। बरेली-सितारगंज हाईवे, पूरनपुर-खुटार मार्ग के कुछ स्थान भी क्रिटिकल कॉरिडोर में शामिल हैं। हादसों की रोकथाम के लिए इन स्थानों पर दो-दो एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस रहेंगी। आसपास की सीएचसी को अपग्रेड कर ट्रामा सेंटर की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
शहर के असम चौराहे पर करीब तीन वर्षों से ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। निर्माण सामग्री, मलबा सड़क पर बिखरा रहता है। जोखिम के बीच वाहन भी निर्माण क्षेत्र में सड़क पर खड़े रहते हैं। इस वजह से चौराहे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। कुछ माह पहले ट्रक की चपेट में आकर मां-बेटी की मौत हो गई थी।
हादसों की रोकथाम के लिए चिह्नित क्रिटिकल काॅरिडोर में असम चौराहे को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा नेशनल हाईवे 731 पीलीभीत-बीसलपुर-शाहजहांपुर मार्ग के कई अन्य स्थान भी चिह्नित किए गए हैं। इनमें बरखेड़ा, बीसलपुर, रड़यता शामिल है। इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। जनवरी में ही कई लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन
बरेली-सितारगंज, पूरनपुर-खुटार मार्ग पर भी जोखिम बरकरार
नेशनल हाईवे-30 बरेली-सितारगंज मार्ग पर निसरा, बरातबोझ आदि स्थानों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर भी लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा पीलीभीत से पूरनपुर-खुटार मार्ग को भी क्रिटिकल कॉरिडोर में शामिल किया गया है। इन स्थानों पर हो रहे हादसों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
पांच थानों में टीम गठित, अपग्रेड होंगी जिले की पांच सीएचसी
हादसों की रोकथाम और घायलों को तत्काल उपचार मिले, इसके लिए बीसलपुर, बरखेड़ा, पूरनपुर, जहानाबाद और न्यूरिया सीएचसी काे अपग्रेड कर ट्रामा सेंटर की सुविधा बढ़ाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके अलावा जीरो फैटेलिटी जिला कार्यक्रम के तहत बरखेड़ा, गजरौला, न्यूरिया, जहानाबाद व बीसलपुर थाने में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
एआरटीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घायलों को समय से बेहतर उपचार मिले, इसके लिए ट्रामा सेंटर की सुविधा वाले निजी अस्पताल भी चिह्नित किए जाएंगे। बीसलपुर में बरेली मार्ग के एक अस्पताल और शहर के गौहनिया चौराहे के करीब एक निजी अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखा गया है। उन्होंने बताया कि क्रिटिकल कॉरिडोर में चिह्नित स्थानों पर दो-दो एएलएस एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।
वर्ष 2025 में जिले में हुए हादसे और इतनों की गई जान
माह हादसे घायल मृतक
जनवरी 51 34 25
फरवरी 42 32 16
मार्च 41 38 22
अप्रैल 37 34 19
मई 52 35 35
जून 44 32 26
जुलाई 35 27 19
अगस्त 44 42 30
सितंबर 30 21 13
अक्तूबर 54 36 35
नवंबर 58 37 27
वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर तक जिले में 488 सड़क हादसे हुए। इनमें 368 लोग घायल और 267 की जान गई। जनवरी 2026 में 30 से अधिक हादसों में 20 की जान गई है। संवाद
विज्ञापन
पीलीभीत। जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (शून्य मृत्यु दर जिला) में शामिल होने के बाद अब जिले में कई स्थानों पर क्रिटिकल कॉरिडोर (अधिक हादसे वाली सड़क या स्थान) चिह्नित किए गए हैं। अधिक हादसों वाले इन स्थानों पर अब भी जोखिम बरकरार है। इनमें बीसलपुर, बरखेड़ा के साथ ही शहर का असम चौराहा भी शामिल है। बरेली-सितारगंज हाईवे, पूरनपुर-खुटार मार्ग के कुछ स्थान भी क्रिटिकल कॉरिडोर में शामिल हैं। हादसों की रोकथाम के लिए इन स्थानों पर दो-दो एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस रहेंगी। आसपास की सीएचसी को अपग्रेड कर ट्रामा सेंटर की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
शहर के असम चौराहे पर करीब तीन वर्षों से ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। निर्माण सामग्री, मलबा सड़क पर बिखरा रहता है। जोखिम के बीच वाहन भी निर्माण क्षेत्र में सड़क पर खड़े रहते हैं। इस वजह से चौराहे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। कुछ माह पहले ट्रक की चपेट में आकर मां-बेटी की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
हादसों की रोकथाम के लिए चिह्नित क्रिटिकल काॅरिडोर में असम चौराहे को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा नेशनल हाईवे 731 पीलीभीत-बीसलपुर-शाहजहांपुर मार्ग के कई अन्य स्थान भी चिह्नित किए गए हैं। इनमें बरखेड़ा, बीसलपुर, रड़यता शामिल है। इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। जनवरी में ही कई लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन
बरेली-सितारगंज, पूरनपुर-खुटार मार्ग पर भी जोखिम बरकरार
नेशनल हाईवे-30 बरेली-सितारगंज मार्ग पर निसरा, बरातबोझ आदि स्थानों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर भी लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा पीलीभीत से पूरनपुर-खुटार मार्ग को भी क्रिटिकल कॉरिडोर में शामिल किया गया है। इन स्थानों पर हो रहे हादसों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
पांच थानों में टीम गठित, अपग्रेड होंगी जिले की पांच सीएचसी
हादसों की रोकथाम और घायलों को तत्काल उपचार मिले, इसके लिए बीसलपुर, बरखेड़ा, पूरनपुर, जहानाबाद और न्यूरिया सीएचसी काे अपग्रेड कर ट्रामा सेंटर की सुविधा बढ़ाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके अलावा जीरो फैटेलिटी जिला कार्यक्रम के तहत बरखेड़ा, गजरौला, न्यूरिया, जहानाबाद व बीसलपुर थाने में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
एआरटीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घायलों को समय से बेहतर उपचार मिले, इसके लिए ट्रामा सेंटर की सुविधा वाले निजी अस्पताल भी चिह्नित किए जाएंगे। बीसलपुर में बरेली मार्ग के एक अस्पताल और शहर के गौहनिया चौराहे के करीब एक निजी अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखा गया है। उन्होंने बताया कि क्रिटिकल कॉरिडोर में चिह्नित स्थानों पर दो-दो एएलएस एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।
वर्ष 2025 में जिले में हुए हादसे और इतनों की गई जान
माह हादसे घायल मृतक
जनवरी 51 34 25
फरवरी 42 32 16
मार्च 41 38 22
अप्रैल 37 34 19
मई 52 35 35
जून 44 32 26
जुलाई 35 27 19
अगस्त 44 42 30
सितंबर 30 21 13
अक्तूबर 54 36 35
नवंबर 58 37 27
वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर तक जिले में 488 सड़क हादसे हुए। इनमें 368 लोग घायल और 267 की जान गई। जनवरी 2026 में 30 से अधिक हादसों में 20 की जान गई है। संवाद