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52 फर्म निष्क्रिय, 339 के भुगतान में गड़बड़ी की आशंका
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पीलीभीत। मनरेगा में काम कर रही फर्मों के सत्यापन की डीएम ने शुक्रवार को कार्यालय में समीक्षा की। इस दौरान निष्क्रिय फर्मों को काली सूची में डालने के लिए समस्त बीडीओ से साक्ष्य समेत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जिन फर्मों के भुगतान सर्वर पर प्रदर्शित नहीं हो रहे उनकी सूची ब्लॉकवार 22 फरवरी तक देने को कहा है।
मनरेगा में फर्म बनाकर घोटाला करने के तीन बड़े मामले जिले में एक साल के भीतर सामने आ चुके हैं। अगस्त 2020 में शासन में हुई शिकायत के बाद सीडीओ से जांच कराई गई थी। अमरिया के एपीओ और तीन रोजगार सेवक द्वारा फर्जी मस्टररोल और निजी फर्म बनाकर करोड़ों का घोटाला पकड़ा था। चारों को बर्खास्त कर 27 अगस्त को जेल भेज दिया था। इसके बाद दिसंबर में एक शिकायत पर जांच कराई गई थी। इसमें भी निजी फर्म बनाकर घोटाला पकड़ में आया था। इस दौरान माधोटांडा के रोजगार सेवक और पूरनपुर के दो तकनीकी सहायकों की फर्म चलती मिली थी। पिछले महीने तीनों को बर्खास्त कर माधोटांडा थाना और पूरनपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। इन घोटालों के बाद डीएम ने मनरेगा में काम करने वाली 2026 फर्मों का सत्यापन शुरू कराया था। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि मनरेगा में काम कर रही 2026 फर्म की जांच चल रही है। 52 फर्म निष्क्रिय मिली हैं। 339 फर्म के भुगतान सर्वर पर प्रदर्शित नही हो रहे हैं। इसे लेकर ब्लॉकवार सूची तैयार कर शासनादेश के अनुसार प्रमाणीकरण करते हुए 22 फरवरी तक देने को कहा गया है। गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी।
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मनरेगा में फर्म बनाकर घोटाला करने के तीन बड़े मामले जिले में एक साल के भीतर सामने आ चुके हैं। अगस्त 2020 में शासन में हुई शिकायत के बाद सीडीओ से जांच कराई गई थी। अमरिया के एपीओ और तीन रोजगार सेवक द्वारा फर्जी मस्टररोल और निजी फर्म बनाकर करोड़ों का घोटाला पकड़ा था। चारों को बर्खास्त कर 27 अगस्त को जेल भेज दिया था। इसके बाद दिसंबर में एक शिकायत पर जांच कराई गई थी। इसमें भी निजी फर्म बनाकर घोटाला पकड़ में आया था। इस दौरान माधोटांडा के रोजगार सेवक और पूरनपुर के दो तकनीकी सहायकों की फर्म चलती मिली थी। पिछले महीने तीनों को बर्खास्त कर माधोटांडा थाना और पूरनपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। इन घोटालों के बाद डीएम ने मनरेगा में काम करने वाली 2026 फर्मों का सत्यापन शुरू कराया था। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि मनरेगा में काम कर रही 2026 फर्म की जांच चल रही है। 52 फर्म निष्क्रिय मिली हैं। 339 फर्म के भुगतान सर्वर पर प्रदर्शित नही हो रहे हैं। इसे लेकर ब्लॉकवार सूची तैयार कर शासनादेश के अनुसार प्रमाणीकरण करते हुए 22 फरवरी तक देने को कहा गया है। गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी।
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